फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   First deal of land of Indira Gandhi guru Dhirendra Brahmachari for 300 crores, ten years later for 55 crores

गुरुग्राम: इंदिरा गांधी के आध्यात्मिक गुरू धीरेंद्र ब्रह्मचारी के आश्रम पर गंभीर आरोप, अरबों रुपये की भूमि 55 करोड़ की बताकर बेचा

Tue, 13 Jul 2021 10:28 AM IST
शाहरुख खान अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 13 Jul 2021 10:28 AM IST
सार

आर्थिक अपराध शाखा ने आश्रम के ट्रस्ट और कथित फर्जी खरीदारों के ऊपर केस दर्ज कर लिया है। साथ ही, संस्था के ट्रस्ट अपर्णा आश्रम ट्रस्ट पर एक खरीदार से समझौता पूरा हुए बिना दूसरे खरीदार को बेचने का गंभीर आरोप भी है।

विज्ञापन
First deal of land of Indira Gandhi guru Dhirendra Brahmachari for 300 crores, ten years later for 55 crores
धीरेंद्र ब्रह्मचारी - फोटो : फेसबुक

विस्तार

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आध्यात्मिक गुरु धीरेंद्र ब्रह्मचारी के आश्रम पर भूमि बिक्री के मामले में टैक्स चोरी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। धीरेंद्र ब्रह्मचारी के आश्रम की गुरूग्राम में 23.9 एकड़ की यह भूमि आज की बाजार दरों में लगभग दो हजार करोड़ रूपये की है, जबकि कुछ लोगों की मिली भगत से इसे केवल 55 करोड़ का बताकर बेचा जा रहा था। 
विज्ञापन


मामले का संज्ञान लेते हुए आर्थिक अपराध शाखा ने आश्रम के ट्रस्ट और कथित फर्जी खरीदारों के ऊपर केस दर्ज कर लिया है। साथ ही, संस्था के ट्रस्ट अपर्णा आश्रम ट्रस्ट पर एक खरीदार से समझौता पूरा हुए बिना दूसरे खरीदार को बेचने का गंभीर आरोप भी है।
विज्ञापन


दरअसल, धीरेंद्र ब्रह्मचारी का यह आश्रम गुरुग्राम, हरियाणा के सिलोखरा गांव में 23.99 एकड़ भूमि पर बना हुआ है। उन्होंने इसे 1973 में बनाया था। इसका संचालन उनके नेतृत्व में बनी एक सोसायटी अपर्णा आश्रम सोसायटी के जरिए की जाती थी। उनके अलावा इस सोसायटी में मुरली चौधरी, रेनू चौधरी, श्याम शर्मा और केके सोनी थे। ब्रह्मचारी के देहावसान के बाद संस्था के देखभाल की जिम्मेदारी मुरली चौधरी के हाथों में आ गई थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्ष 2010 में ट्रस्ट ने अपनी भूमि के एक बड़े हिस्से को बेचने का निर्णय किया था। अधिवक्ता गौरव पुरी ने अमर उजाला को बताया कि इस आश्रम की 75 प्रतिशत भूमि की बिक्री करने का एक सौदा स्प्लेंडर ग्रुप नाम की कंपनी के साथ 2010 में किया गया था। यह सौदा 300 करोड़ रूपये में हुआ था। आश्रम को 50 लाख रूपये एडवांस देते हुए कंपनी ने बाकी की राशि आवश्यक लाइसेंस मिल जाने के बाद बिक्री के समय देना नियत किया था। लेकिन आरोप है कि इस समझौते को अंजाम पर पहुंचाए बिना आश्रम ने इसी भूमि को 24 दिसंबर 2020 को दिल्ली की चार अन्य कंपनियों को बेच दी।

स्प्लेंडर ग्रुप एक बिल्डर-डवलपर कंपनी है जो दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ देश के कई अन्य हिस्सों में भूमि का विकास, भवन निर्माण और उनकी खरीद-बिक्री का काम करती है। अधिवक्ता गौरव पुरी ने कहा कि आश्रम ने इस भूमि की बिक्री के लिए भी गैरकानूनी तरीके का इस्तेमाल किया था। 

इसे बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्री की बजाय ऑफ लाइन माध्यम से रजिस्ट्री करने की अनुमति मांगी गई। इस लेनदेन में भी भूमि को केवल 55 करोड़ का बताकर बेचने की कोशिश हुई। इसके माध्यम से भारी टैक्स की चोरी हुई। हरियाणा सरकार ने भी इसके बारे में कार्रवाई शुरू कर दी है।

आरोप यह भी है कि आश्रम ने जिन चार कंपनियों को भूमि बेची है- रैडॉक्स ट्रेडेक्स प्रा. लि., एसएस प्रीमियम होम्स प्रा. लि., रोजमेर्टा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. और स्टार केयर रियल स्टेट प्रा. लि. ये सभी शेल कंपनियां हैं। असलियत में ये कंपनियां कोई कामकाज नहीं करती हैं। इनका उपयोग केवल भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त के लिए किया गया है।

इन चारों कंपनियों के मालिकों के रूप में अमित कात्याल, संजीव नंदा, प्रीती नंदा, विनोद अंबावत्ता, विवेक नागपाल और अन्य को बताया गया है। आर्थिक अपराध शाखा ने इन सभी लोगों को केस में आरोपी बनाया है। इसके साथ ही अपर्णा आश्रम ट्रस्टीज और दामोदर कारपोरेशन को भी पक्षकार बनाया गया है।

इस मुद्दे पर अपर्णा आश्रम का पक्ष जानने के लिए संजीव नंदा, विनोद अंबावत्ता, अंकुर सैकिया और आरआर सैकिया से बातचीत करने की कोशिश की गई, लेकिन किसी भी सदस्य ने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed