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Fine : एनजीटी ने यूपी सरकार पर ठोका 120 करोड़ का जुर्माना, एक माह में जमा करानी होगी राशि
Fri, 16 Sep 2022 06:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 16 Sep 2022 06:56 AM IST
सार
Fine : एनजीटी ने यूपी सरकार पर ठोका 120 करोड़ का जुर्माना, एक माह में जमा करानी होगी राशि
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विस्तार
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश सरकार को तरल और ठोस कचरे के अनुचित प्रबंधन के लिए पर्यावरणीय जुर्माने के रूप में 120 करोड़ रुपये की राशि जमा करने का निर्देश दिया है। यह जुर्माना गोरखपुर और उसके आसपास की नदियों में प्रदूषण के चलते लगाया गया है।
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एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अगुवाई वाली पीठ ने बिना शोधन के कम से कम प्रतिदिन 5.5 करोड़ लीटर (एमएलडी) गंदा पानी नालों, नदियों और अन्य जल निकायों में बहाने के लिए राज्य को जिम्मेदार ठहराया।
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पीठ ने कहा, राज्य की ओर से दायर रिपोर्ट से यह स्पष्ट नहीं है कि कितने उद्योगों के लिए ‘कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट’ (सीईटीपी) की योजना बनाई गई साथ ही पानी की गुणवत्ता में सकारात्मक परिणाम नहीं दिख रहे हैं। पीठ ने कहा कि जल प्रदूषण जारी है।
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एनजीटी ने माना कि गोरखपुर व आसपास की नदियों में 55 एमएलडी सीवेज बहाने के लिए राज्य सरकार की देनदारी दो करोड़ रुपये प्रति एमएलडी की दर से बनती है। पीठ ने ठोस कचरे के निपटान में असफल रहने से संबंधित मापदंड के मुताबिक, 110 करोड़ के अलावा मुआवजा राशि में 10 करोड़ की रकम और बढ़ाई।
एक माह में रकम जमा कराने के दिए निर्देश
पीठ ने राज्य सरकार को एक महीने के भीतर संभागीय आयुक्त, गोरखपुर के नियंत्रणाधीन खाते में मुआवजा जमा करने का निर्देश दिया है।