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Kisan Andolan: हक के लिए किसानों की दिल्ली दौड़, गाजीपुर और सिंघु सीमा पर उमड़ा हुजूम

Mon, 01 Feb 2021 05:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा अभिषेक पांचाल/ किशन कुमार, नई दिल्ली
अभिषेक पांचाल/ किशन कुमार, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 01 Feb 2021 05:34 AM IST
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Kisan Andolan Update: Farmers protesting at Delhi borders remain resolute in seeking repeal of new agri laws
गाजीपुर बॉर्डर... - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन फिर खड़ा हो गया है। गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का हुजूम उमड़ रहा है। इनमें बड़ी संख्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों से आने वालों की है। 26 जनवरी की घटना से पहले गाजीपुर पर पंजाब और उत्तराखंड के किसानों की ज्यादा संख्या थी। इनमें कुछ लोग ही उत्तर प्रदेश से थे, लेकिन अब माहौल बदल गया है। सिख समुदाय के लोगों के साथ यहां बड़ी संख्या में वेस्ट यूपी के किसान भी मौजूद हैं। भाकियू नेता राकेश टिकैत की भावुक अपील से आंदोलन अब एक नया रूप ले चुका है।

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गाजीपुर बॉर्डर पर इस समय मेरठ, मुजफ्फरनगर शामली, सहारनपुर, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़ आदि जिलों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे रहे हैं। शनिवार को शामली और सहारनपुर जिले से कई किसान गाजीपुर पर ट्रक में राशन लेकर पहुंचे। किसान अपने साथ चावल, चीनी, दाल, चाय पत्ती आदि खाद्य सामग्री लेकर आ रहे हैं। इस समय बॉर्डर पर पश्चिम उत्तर प्रदेश के लोगों की एक बड़ी तादाद है।
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धरना स्थल के पास बने लंगर के सेवादार हरजीत सिंह ने बताया कि दो दिन से पहले के मुकाबले अधिक लोगों के लिए खाना बनाया जा रहा है। अब प्रतिदिन 10  हजार से ज्यादा लोगों के लिए लंगर बन रहा है। किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस ने भी सख्ती बढ़ी दी है। गाजीपुर बॉर्डर को किले में तब्दील किया गया है। गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस ने कई परत की बैरिकेडिंग की है। इसके साथ ही नुकीले तार भी लगाए हैं। एनएच-9 को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। 
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किसानों ने खुद लगाई बैरिकेडिंग
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर उत्तर प्रदेश और दिल्ली की सीमा पर पुलिस की बैरिकेडिंग से करीब 40 मीटर पहले किसानों ने भी एक बैरिकेडिंग लगा दी है। यहां कई किसान वॉलंटियर निगरानी कर रहे हैं। किसी को भी यहां से दिल्ली की ओर जाने नहीं दिया जा रहा है। वॉलंटियर परमवीर सिंह ने बताया कि असामाजिक तत्व किसानों के वेश में बैरिकेडिंग पर पहुंचकर कोई हंगामा न कर दें, इसलिए किसानों ने खुद की बैरिकेडिंग लगाई है। किसान एकता मोर्चा के पदाधिकारियों से यह कार्य करने का आदेश मिला है। उधर, पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। दिल्ली की ओर से किसी को भी गाजीपुर बॉर्डर नहीं आने दिया जा रहा है। बॉर्डर चारों तरफ से सील किया गया है। हालांकि, गाजियाबाद में मोहन नगर के रास्ते से किसान गाजीपुर बॉर्डर पहुंच रहे हैं।

सिंघु बॉर्डर पर बढ़ने लगे लोग

यूपी और हरियाणा में खाप पंचायतों के निर्णय के बाद एक बार फिर से सिंघु बॉर्डर पर जनाधार बढ़ने लगा है। यहां न सिर्फ पंजाब के किसान इकट्ठा हो रहे हैं बल्कि, हरियाणा की ओर से भी बड़ी संख्या में किसान पहुंच रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर बॉर्डर पर पुरानी तस्वीर ताजा हो गई है।

रविवार को बॉर्डर पर पड़ोसी राज्यों से आने वाले किसानों का सिलसिला जारी रहा। इसमें हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के किसान शामिल रहे। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर रखा है, लेकिन इसके बाद भी किसान विभिन्न गांवों से रास्ता बना कर आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। इसको देखते हुए पुलिस ने भी बॉर्डर पर सुरक्षा और कड़ी कर दी है। 

चार किमी पहले लगा दिए लोहे के तार
सिंघु बॉर्डर पर लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए पुलिस ने करीब चार किलोमीटर पहले ही जर्सी बैरियर के साथ लोहे के तार लगा दिए हैं। यहां तीन परत की बैरिकेडिंग की गई है। अर्द्धसैनिक बल की एक कंपनी को यहां तैनात कर दिया गया है। रविवार को भी यहां कई ट्रक जर्सी बैरियर लाए गए और मुख्य मंच से करीब 500 मीटर की दूरी पर लगा दिए गए। मौके पर मौजूद एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बॉर्डर पर लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते आलाकमान ने सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस वजह से मंच के आसपास सुरक्षा के अधिक बंदोबस्त किए जा रहे हैं। असामाजिक तत्वों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। 

मंच के नजदीक किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं
सुरक्षा को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने मंच के करीब 500 मीटर दूरी पर ही प्रवेश को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। बैरिकेडिंग के उस पार सिर्फ पुलिस अधिकारी दौरे के लिए आ रहे हैं। पुलिस को डर है कि कहीं किसान एक बार फिर दिल्ली में प्रवेश न कर जाए।
 
शुरू हुई लंगर सेवा
बॉर्डर पर किसानों की तरफ हालात सामान्य होने के क्रम में लंगर सेवाएं भी दोबारा शुरू हो गई हैं। इससे एक दिन पहले तक कुछ लंगर सेवाएं प्रभावित हुई थी। लंगर सेवाओं में अब पहले की तरह रसद की आपूर्ति भी की जा रही है। वहीं, रविवार को दिल्ली की तरफ से भी कुछ लोग गांव के रास्ते से आंदोलनकारियों को दान के रूप में रसद देने पहुंचे। वहीं, अन्य गतिविधियां भी अब धीरे-धीरे शुरू की जा रही हैं। 

सेवा प्रभावित होने से बढ़ी परेशानी
सुरक्षा कारणों से प्रभावित की गई इंटरनेट सेवा के कारण सिंघु बॉर्डर पर इन दिनों स्थानीय लोगों व पुलिस को भी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल बंद होने की वजह से ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं, लेकिन इंटरनेट की सेवा प्रभावित होने के कारण न ही बच्चों की उपस्थिति दर्ज हो पा रही है और न ही बच्चे पढ़ पा रहे हैं। इस वजह से बच्चों की पढ़ाई का दोहरा नुकसान हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहनाग है कि सरकार को जल्द से जल्द इंटरनेट सेवा बहाल कर देनव्ी चाहिए। गृह मंत्रालय ने सुरक्षा कारणों से 29 से 31 जनवरी की रात 11 बजे तक इंटरनेट सेवाएं प्रभावित करने का आदेश दिया था। 

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