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किसानों ने नहीं बंद की थीं सीमाएं : एसकेएम

Sat, 30 Oct 2021 01:15 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 30 Oct 2021 01:15 AM IST
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Farmers had not closed borders: SKM
नई दिल्ली। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) का कहना है कि पुलिस के गाजीपुर और टीकरी बॉर्डर से बैरिकेड हटाने की शुरुआत से साबित हो गया है कि सीमाओं को किसानों ने बंद नहीं किया था। विरोध स्थलों पर दोनों तरफ कैरिज्वे को पूरी तरह खाली करने का कोई भी निर्णय एसकेएम ही लेगा। हालांकि एसकेएम ने कहा कि अगले कुछ दिन में वाहनों का आवागमन सुगम बनाया जाएगा। एसकेएम और भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) दोनों का दावा है कि दिल्ली की सीमाओं को पुलिस ने ही अवरुद्ध किया है। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर रास्ते खोले जा रहे हैं।
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भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि बैरिकेड हटाने के बाद किसानों के आगे के विरोध के बारे में फैसला एसकेएम ही लेगा। किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि किसानों के खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने सड़कों को अवरुद्ध किया है। मोर्चा इस आरोप को पहले दिन से खारिज कर रहा है। सिंघु सीमा पर किसान सड़क के उस हिस्से पर हैं, जहां पहले से ही फ्लाईओवर के निर्माण के लिए यातायात बंद है। किसानों ने किसी तरह की बाधा खड़ी नहीं की है। दर्शन पाल का कहना है कि वाहनों की आवाजाही में किसी तरह की रुकावट है तो उसे दूर किया जाएगा। सड़कों के दोनों मार्गों को पूरी तरह खाली करने या दिल्ली की ओर मार्च करने पर किसी भी तरह का निर्णय एसकेएम की ओर से लिया जाएगा। इसकी बैठक में आगे की रणनीति तय होगी।
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किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने गाजीपुर बॉर्डर से बैरिकेड हटाने के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि इससे सीमाओं से वाहनों की आवाजाही आसान होगी। 11 महीने से किसानों ने कभी सड़कों को अवरुद्ध नहीं किया, क्योंकि वे केवल कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। फरवरी में टीकरी सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने एंबुलेंस के लिए रास्ता दे दिया था, लेकिन दिल्ली पुलिस की ओर से इसे अवरुद्ध किया गया। भाकियू प्रवक्ता सौरभ उपाध्याय ने कहा कि किसान दिल्ली जाना चाहते हैं, लेकिन अंतिम फैसला मोर्चा लेगा। सरकार गतिरोध खत्म करने की पहल करती है तो हम तैयार हैं। किसान संगठनों ने आरोप लगाया कि रास्ते अवरुद्ध करने का फैसला पुलिस ने इसलिए लिया, ताकि लोगों को लगे कि किसान उन्हें परेशान कर रहे हैं।
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