टीकरी बॉर्डर पर नजर आएंगी झोपड़ियां, गर्मी से बचने का देशी इंतजाम कर रहे किसान, 6 मार्च को केएमपी बंद का एलान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन महीने से अधिक समय से आंदोलन कर रहे किसानों ने दिल्ली की सर्दी झेल ली, अब वह गर्मी झेलने का इंतजाम करने में जुट गए हैं। दिल्ली का पारा जैसे-जैसे ऊपर जा रहा है, वैसे-वैसे किसानों ने चौबीसों घंटे खुद को सड़क पर स्वस्थ्य व सुरक्षित रखने का इंतजाम करना शुरू कर दिया है। किसानों ने आंदोलन स्थल पर लंगर का शेड्यूल बदल दिया है। बिस्तर, कपड़े बदल गए हैं और अब इनके रहने का इंतजाम भी बदल रहा है। जल्द ही टीकरी बॉर्डर पर पुआल, घासफूस और बांस से बनी झोपड़ियां नजर आएंगी। किसानों का मानना है कि उनको यदि दिल्ली की भीषण गर्मी से बचना है तो देशी इंतजाम ही करना पड़ेगा।
संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी हरियाणा के गांवों में जाकर किसानों से धान की पुआल, अन्य घासफूस और बांस एकत्र कर रहे हैं। किसान सोशल आर्मी के अंकुर ने बताया कि जल्द ही यहां पर झोपड़ियां नजर आएंगी। किसानों के लिये ठंडे पानी का इंतजाम भी किया जाएगा। प्रत्येक झोपड़ी व टेंट के अंदर मिट्टी की सुराही उपलब्ध होगी। जगह-जगह पर बड़े आकार के रेफ्रिजरेटर लगाए जाएंगे। जहां से किसान पानी लेकर जा सकेंगे। लोगों के सहयोग से झोपड़ियों में पंखे भी लगाए जाएंगे।
किसानों ने खाने-पीने का कार्यक्रम भी बदल लिया
किसानों ने लंगर में दही, छाछ का इस्तेमाल बढ़ा दिया है। टीकरी बॉर्डर पर दो जगहों पर बड़ी-बड़ी प्लास्टिक की टंकियां रखवा दी गई हैं। जिनमें छाछ भरा रहता है, जिसको कोई भी अपने हाथ से निकालकर मनमर्जी पी सकता है। यह छाछ हरियाणा के किसान यहां लाकर रोजाना टंकियों में भर जाते हैं।
इसके अलावा यहां चल रहे दो लंगरों में अब मसाले वाले भोजन नाके बराबर परोसे जाते हैं। पंजाब-हरियाणा एकता का लंगर चलाने वाले समूह के सदस्य प्रवीन ने बताया कि अभी कम गर्मी है तो दिन के पहले पहर में छोले-पूरी या फिर हलवा इत्यादि बन रहा है। लेकिन हफ्ते भर बाद यह सब बिल्कुल नहीं बनेगा। लोगों को ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां और चपाती या फिर कढ़ी-चावल खिलाया जाएगा। लोगों को चाय-कॉफी परोसना कम कर दिया गया है।
छह मार्च को किसानों ने केएमपी बंद का किया एलान
दिल्ली की सीमाओं पर अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन कर रहे किसानों ने छह मार्च को कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस वे को बंद करने का एलान किया है। शनिवार सुबह 11 से शाम पांच बजे तक इसे बंद किया जाएगा। दिल्ली की तीनों सीमाओं पर डटे प्रदर्शनकारी इसमें शामिल होंगे ताकि सरकार पर अपनी मांगें पूरी करवाने के लिए दबाव बनाया जा सके। तीन महीने से अधिक समय से चल रहे इस आंदोलन को और तेज करने के लिए मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा की एक बैठक होगी।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि पिछले तीन महीने से केंद्र के तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग पर डटे हुए हैं। सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में केएमपी को बंद करेंगे।
राजेवाल ने कहा कि किसान पिछले साल से अपनी मांगें पूरी करने की मांग कर रहे हैं। इसी विरोध के तहत छह मार्च को केएमपी एक्सप्रेस वे को बंद किया जाएगा। 136 किलोमीटर की कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस वे का 2018 में उदघाटन किया गया था। इसके दिल्ली में प्रवेश किए बगैर वाहनों को दिल्ली के सीमावर्ती शहरों से ही दूसरे राज्यों के लिए भेजा जा रहा है। इससे दिल्ली में वाहन, खासकर ट्रकों से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी।
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि कई केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की ओर से किसानों ने इस आंदोलन को तेज किया जा रहा है। इसके लिए समर्थन देते हुए किसानों ने एकजुटता व्यक्त की है। मोर्चा की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मार्च में मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में होने वाली महापंचायतों का भी आंदोलन को पूरा समर्थन मिल रहा है।