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Delhi : आप सरकार बनने के बाद भी निगम में आर्थिक संकट बरकरार, सफाईकर्मी झेल रहे हैं मार
Fri, 04 Aug 2023 07:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा
विनोद डबास, नई दिल्ली
विनोद डबास, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 04 Aug 2023 07:00 AM IST
सार
इस कारण वह अपने नियमित सफाई कर्मचारियों को वर्दी भत्ता नहीं दे पा रही है। यह खुलासा स्वयं आयुक्त ने किया है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कब से नियमित सफाई कर्मचारियों को वर्दी भत्ता नहीं दिया गया है।
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- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
एमसीडी में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद भी आर्थिक तंगी बरकरार है। इस कारण वह अपने नियमित सफाई कर्मचारियों को वर्दी भत्ता नहीं दे पा रही है। यह खुलासा स्वयं आयुक्त ने किया है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कब से नियमित सफाई कर्मचारियों को वर्दी भत्ता नहीं दिया गया है।
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एमसीडी की ओर से राजधानी में सफाई करने के लिए की गई व्यवस्था के संबंध में सदन की बैठक में आप पार्षद सुनील चड्ढा ने आयुक्त सेे लिखित सवाल पूछा था। उनके सवाल का जवाब देते हुए आयुक्त नेे बताया कि एमसीडी नियमित कर्मचारियों की तरह अनियमित कर्मचारियों को वर्दी भत्ता नहीं देती है, मगर आर्थिक तंगी के कारण नियमित सफाई कर्मचारियों को भी वर्दी भत्ते का भुगतान नहीं हो पाया है।
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वैकल्पिक सफाईकर्मियों की भी ली जाती है मदद : एमसीडी ने सफाई कार्य सुचारू रूप से कराने और नियमित व अनियमित सफाई कर्मचारियों के छुट्टी पर जाने भी भी सफाई कार्य प्रभावित नहीं होने की भी व्यवस्था कर रखी है। दोनों प्रकार के सफाई कर्मचारियों के छुट्टी पर जाने की स्थिति में उनके स्थान पर कार्य कराने के लिए वैकल्पिक (एवजीदार) सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था कर रखी है।
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पर्याप्त नहीं हैं सफाई कर्मचारी
राजधानी का करीब 96 प्रतिशत इलाका एमसीडी के अधीन है। इस इलाके की सड़कों व गलियों की सफाई का कार्य उसके करीब 52 हजार सफाई कर्मचारियों के कंधों पर है, मगर यह सभी सफाई कर्मचारी नियमित नहीं है। क्षेत्र की दृष्टि से ये कर्मचारी पर्याप्त नहीं हैं। एमसीडी के करीब 52 हजार सफाई कर्मचारियों में से करीब 30,500 नियमित सफाई कर्मचारी हैं, जबकि करीब 21600 अनियमित सफाई कर्मचारी हैं।