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दिल्ली में प्रदूषण को लेकर जंग: गोपाल राय बोले- ऑड-ईवन ही आखिरी उपाय, न जाने क्यों खामोश है केंद्र सरकार
Sat, 13 Nov 2021 03:11 PM IST
सुशील कुमार कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Sat, 13 Nov 2021 03:11 PM IST
सार
गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली मेट्रो और परिवहन विभाग को महानगरों में बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि ऑड-ईवन योजना को लागू करना ही आखिरी उपाय है।
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गोपाल राय
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा लगातार बिगड़ती जा रही है। शनिवार को दिल्ली की हवा और जहरीली हो गई। वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रदूषण से निपनटने के लिए आज आपात बैठक बुलाई है।
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पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शनिवार को कहा कि प्रदूषण से निपटने के लिए हमने धूल विरोधी अभियान चलाया और 2,500 साइटों का निरीक्षण किया। दिल्ली सरकार ने वाहन प्रदूषण के लिए 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान शुरू किया है। बायोमास बर्निंग को प्रतिबंधित करने के लिए 550 लोगों को तैनात किया गया है। पराली जलाने को रोकने के लिए बायो डीकंपोजर दिया जाता है।
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गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली मेट्रो और परिवहन विभाग को महानगरों में बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि ऑड-ईवन योजना को लागू करना ही आखिरी उपाय है। इस मामले पर पता नहीं केंद्र क्यों चुप है? आपातकालीन संयुक्त बैठक की जरूरत है, हमने फिर पत्र भेजा है।
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सीपीसीबी ने लोगों को बाहर न निकलने की दी सलाह
शनिवार को दिल्ली की हवा का औसत एक्यूआई 500 से अधिक दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में है। दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारक लाल किला और जामा मस्जिद धुंध से सराबोर हो गए हैं। गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। सीपीसीबी ने प्रदूषण से बचने के उपायों को लेकर जानकारी भी साझा की। जिन लोगों को खांसने, नाक बहने या फिर छाती में दर्द-भारीपन इत्यादि की शिकायत हो रही है तो उन्हें तत्काल चिकित्सीय परामर्श के साथ घर में ही आराम करने की सलाह दी है।
बंद हो सकते हैं स्कूल
हालात को देखते हुए माना जा रहा है कि दिल्ली-एनसीआर में बच्चों के स्कूल बंद होने की एडवायजरी जल्द जारी हो सकती है। इस तरह बच्चों की एक बार फिर पूरी तरह से ऑनलाइन पढ़ाई होगी। सीपीसीबी ने सलाह दी है कि जिन लोगों को आवश्यक कार्य से बाहर जाना पड़ रहा है, वापस घर पहुंचने के बाद तत्काल चेहरे को दो बार साफ पानी और साबुन से साफ करें। इसके बाद गुनगुने पानी का ही सेवन करें। साथ ही दिनचर्या पर भी नजर रखें। सांस लेने में कठिनाई होने पर बगैर किसी देर किए डॉक्टर से परामर्श करें।
सुप्रीम कोर्ट ने तरकीब निकालने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को इसी मुद्दे पर दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से जल्द से जल्द कदम उठाने के लिए कहा। चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना ने कहा कि ऐसी स्थिति में तो लगता है कि घर में भी मास्क पहनकर ही बैठना होगा। कोर्ट ने केंद्र सरकार को वायु प्रदूषण से निपटने की तरकीब निकालने को कहा।
वर्क फ्रॉम होम को दें बढ़ावा, 18 तक नहीं मिलेगी राहत
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का आकलन है कि 18 नवंबर तक हालात सुधरने के आसार नहीं है। मौसमी दशाएं इसी तरह बनी रहेंगी। रात में हवाएं पूरी शांत रहेंगी। सरकारी और निजी दफ्तरों को सीपीसीबी की सलाह है कि 30 फीसदी तक वाहनों की इस्तेमाल कम करें। वर्क फ्रॉम होम के साथ कार पूलिंग को भी बढ़ावा दें।