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आज से बगैर आरएफआईडी टैग के वाहनों के प्रवेश पर लगेगा भारी जुर्माना

Sat, 24 Aug 2019 01:48 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 24 Aug 2019 01:48 AM IST
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Entry of vehicles without RFID tag will be imposed heavy penalty from today
आज से बगैर आरएफआईडी टैग के वाहनों के प्रवेश पर लगेगा भारी जुर्माना
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नई दिल्ली। शुक्रवार रात 12 बजे के बाद बगैर आरएफआईडी टैग दिल्ली में प्रवेश करने वाले व्यावसायिक वाहन चालकों को भारी जुर्माना देना पड़ेगा। अब तक टैग न खरीदने वाले वाहनों को पहले सप्ताह दोगुना, दूसरे में तीन गुना और तीसरे हफ्ते में चार गुना टोल का भुगतान करना होगा। तीसरे हफ्ते के बाद बगैर टैग प्रवेश की इजाजत ही नहीं दी जाएगी।
टैग खरीदने के लिए शुक्रवार सुबह से ही टोल नाकों पर वाहन चालकों की भीड़ लगी रही। हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त कर्मियों को लगाया गया है ताकि जाम की नौबत न आए। एक अनुमान के अनुसार दिल्ली में रोज करीब 60-65 हजार वाहनों का प्रवेश होता है। प्रवेश के दौरान लगने वाले वक्त के कारण ईंधन की बर्बादी के साथ- साथ प्रदूषण स्तर में भी बढ़ोतरी होती थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ईपीसीए और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने संयुक्त पहल करते हुए शुक्रवार से दिल्ली में प्रवेश करने वाले सभी व्यावसायिक वाहनों के लिए आरएफआईडी टैग अनिवार्य कर दिया है।
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गतिविधियों पर रहेगी 300 सीसीटीवी कैमरों की नजर
राजधानी में प्रवेश करने वाले वाहनों पर नजर रखने के लिए 300 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अत्याधुनिक कैमरों से रात के वक्त भी 150 मीटर तक वाहनों को साफ तौर पर देखा जा सकेगा। टोल प्वाइंट पर कर्मियों की अगर किसी वाहन चालक के साथ बहस हो जाती है तो इसे न केवल कैमरे कैद कर लिया जाएगा बल्कि बातचीत की आवाज भी कंट्रोल रूम तक पहुंचेंगी। सभी टोल प्वाइंट पर टैग के जरिये तमाम ब्योरा रहेगा।
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टैग की नहीं है कमी : आकाश
टैक्सीडेल के सीईओ आकाश सिन्हा ने बताया कि आरएफआईडी टैग की कमी नहीं है। इसके लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं ताकि वाहनों को प्रवेश में कम से कम वक्त लगे। अगर, कोई निजी वाहन को इस मार्ग से गुजरना है तो उनके लिए फ्री लेन होगी। पहले वाहनों को यहां 15-20 सेकेंड का वक्त लगता था, क्योंकि राशि अदा करने में वक्त लगने सहित पहले से वाहनों के जाम से होकर गुजरना पड़ता था। इससे प्रदूषण होता था, जिसके स्तर में काफी गिरावट की उम्मीद है। कंट्रोल यूनिट से तमाम गतिविधियों पर नजर रखने सहित नियमित अंतराल पर टैग की आपूर्ति सहित हर तरह का सहयोग दिया जाएगा ताकि वाहनों की आवाजाही में किसी तरह की परेशानी पेश न आए।
एप से वाहनों की लोकेशन का भी ट्रांसपोर्टरों को चल जाएगा पता
टैग के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद वाहनों का पूरा ब्योरा टोल प्वाइंट पर होगा। इससे वाहन मालिकों को भी एप के जरिये अपने वाहनों की स्थिति का पता चल सकेगा। इससे ट्रांसपोर्टरों को भी काफी राहत मिलेगी और किसी तरह की हेराफेरी की आशंका भी नहीं रहेगी। एप से वाहनों के रिचार्ज करवाने सहित तमाम आवश्यक जानकारियां पहले ही मुहैया कर दी जाएंगी ताकि आवागमन में किसी तरह की बाधा पेश न आए।
10 वर्ष पुराने वाहनों को नहीं मिलेगा प्रवेश
टैग के जरिये इकट्ठा हुए डाटाबेस से कितना साल पुराना वाहन है इसका पता लग जाएगा। अगर, कोई भी व्यावसायिक वाहन दिल्ली में प्रवेश करता है तो उन्हें टोल पर ही रोक लिया जाएगा। इसका भी वाहन चालकों को पहले से अलर्ट चला जाएगा, जिनपर उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत 10 वर्ष से पुराने व्यावसायिक वाहनों को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा बल्कि उन्हें रोक लिया जाएगा।
अब कैश नहीं, टैग से ही होगा ईसीसी का भुगतान
ईपीसीए की सचिव सुनीता नारायण ने बताया कि व्यावसायिक वाहनों को पहले भी टोल चुकाना पड़ता था। लेकिन पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क (ईसीसी) के मद में राशि का नकद भुगतान करना पड़ता था। अब, टोल के साथ साथ ईसीसी का भी भुगतान टैग के जरिये ही किया जाएगा। इससे वाहन चालक कैशलेश भुगतान कर सकेंगे। रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
सुधरेगी दिल्ली की फिजा, प्रदूषण में 50 फीसदी तक कमी के आसार
नई दिल्ली। व्यावसायिक वाहनों के लिए टैग अनिवार्य करने से प्रदूषण स्तर में 50 फीसदी तक की कमी आ सकती है। दिल्ली में रोज प्रवेश करने वाले वाहनों से होने से करीब 60 फीसदी ट्रकों की वजह से प्रदूषण हो रहा है। इनमें करीब 40 फीसदी तादाद व्यावसायिक वाहनों की है।
दिल्ली में सालाना करीब 52 लाख व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश होता है। इनकी वजह से कार्बन डायऑक्साइड सहित अन्य गैसों की वजह से प्रदूषण होता है। ईपीसीए की सचिव सुनीता नारायण के मुताबिक आरएफआईडी प्रणाली के लागू होने से वाहनों, खासकर ट्रकों से होने वाले प्रदूषण में 50 फीसदी तक की कमी आएगी। रोजाना दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों की मौजूदा संख्या 65-70 हजार के बीच है। पहले यह संख्या करीब एक लाख थी। इस पहल के तहत उन वाहनों के रूट डायवर्ट किए गए हैं, जिन्हें दिल्ली में प्रवेश करना जरूरी नहीं है। आरएफआईडी टैग को अनिवार्य किए जाने से भारी व्यावसायिक वाहन ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से होकर गुजरेंगे ताकि दिल्ली प्रवेश पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचा जा सके। दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों में से 40 फीसदी बड़े व्यावसायिक वाहनों की तादाद है। इनकी वजह से कुल प्रदूषण का करीब 60 फीसदी प्रदूषण होता है।

टैग से एंट्री में लगेगा पांच सेकेंड से भी कम वक्त
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के एडीसी रणधीर सहाय के मुताबिक आरएफआईडी टैग लागू होने से वाहनों के प्रवेश में महज तीन-पांच सेकेंड का वक्त लगेगा। इससे वक्त की बचत होगी।
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