रेलकार में पर्यटन सफर का आनंद: ट्रेन में मिलेगा घर का अनुभव, बेडरूम, डाइनिंग रूम, किचेन की व्यवस्था
रेलवे एक ऐसा कोच तैयार कर रहा है, जिसमें पर्यटकों को सफर के दौरान पूरी सुविधा मिल सके। दरअसल रेलवे अधिकारियों के इस्तेमाल में आने वाले सलून (रेल कार) का इस्तेमाल आम लोगों के लिए करने जा रहा है।
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अब आप निजी कोच में सफर कर पर्यटन का आनंद ले सकेंगे। इतना ही नहीं यह कोच पूरे तरह से घर के रूप में डिजाइन होगा, जिसमें बेडरूम, लॉबी (डाइनिंग रूम) व किचेन होगा। इस रेलकार की खासियत यह भी होगी कि बच्चों के लिए एक बंक रूम होगा। साथ ही किचेन होगा जहां पकवान पर्यटन के दौरान खाने का मौका मिलेगा तो वहीं सफर में थकान के दौरान बेडरूम में आराम से सोते हुए सफर कटेगा।
रेलवे एक ऐसा कोच तैयार कर रहा है, जिसमें पर्यटकों को सफर के दौरान पूरी सुविधा मिल सके। दरअसल रेलवे अधिकारियों के इस्तेमाल में आने वाले सलून (रेल कार) का इस्तेमाल आम लोगों के लिए करने जा रहा है। इस रेल कार में तीन बेड रूम होंगे। बच्चों के लिए एक बंक रूम होगा। लॉबी में डाइनिंग हॉल होगा। इस कोच की खासियत यह भी होगी कि पीछे व्यू एरिया बना होगा।
यहां से पर्यटक पहाड़, वादियों व झरने का नजारा ले सकेंगे। आईआरसीटीसी को इस तरह के सलून वाले पांच कोच दिए गए है जिसे पर्यटन स्थलों के लिए चलाया जाएगा। आईआरसीटीसी इस कोच को टूर एंड ट्रेवल एजेंसी के साथ मिलकर चलाएगा। पुराने डिजाइन वाले इस कोच को आधुनिक लूक दिया जाएगा।
आईआरसीटीसी के अधिकारी के अनुसार रेल मंत्रालय की तरफ से सलून को चलाने की अनुमति मिल गई है। इसकी ऊंची लागत की वजह से अभी तक यह योजना परवान नहीं चढ़ पा रही थी। लेकिन अब कम दरों पर कोच को मंत्रालय ने इस्तेमाल करने की स्वीकृति दे दी है। जल्द ही इसका टेंडर निकाल कर पर्यटकों के इस्तेमाल के लिए पटरी पर दौड़ाया जाएगा।
रेलकार की खासियत
. सलून का इंटेरियरियर पूरे तरह से बदला जाएगा
. कोच में छह बेड रूम तैयार किया जाएगा
. कोच में ही खाने के लिए अलग जगह निर्धारित किया जाएगा
. 12 लोगों की बेडरूम में सोने की व्यवस्था होगी।
. 12 लोगों को एक साथ खाने के लिए डाइनिंग टेबल होगा।
. कोच में किचेन होगा, जिससे सफर के दौरान लजीज व्यंजन मिलेगा।
. बच्चों के लिए अलग से बंक रूम बना होगा।
. पर्यटन स्थल पर ट्रेन के पहुंचते हुए यात्रियों के लिए होटल जाने के लिए टैक्सी का इंतजाम होगा।
. पूरे रास्ते टूर एंड ट्रेवल के गाइड साथ में सफर करेंगे।
. वापसी तक स्पेशल ट्रेन का कोच उसी स्टेशन पर रूकेगा।
. पूरे कोच को एक साथ बुक कराना होगा।
. कोच के पीछे का हिस्सा खुला होगा, जहां से पर्यटक नजारा लेंगे।
. पर्यटन स्थलों पर इस रेल कार को जोड़कर चलाया जाएगा।