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दिल्ली: पीएमओ में तैनात आईएफएस बता करता था ठगी, नीली बत्ती की गाड़ी से जमाता था रौब
Sat, 12 Jun 2021 09:19 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 12 Jun 2021 09:19 AM IST
सार
आर्थिक अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर के सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान सेक्टर 47 नोएडा निवासी पीयूष गोपाल बंधोपाध्याय(51) के रूप में हुई है।
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फर्जी आईएफएस अधिकारी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने मेक इन इंडिया के तहत ठेका देने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले एक जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को आईएफएस अधिकारी बताकर एक कारोबारी से 2.39 करोड़ की ठगी को अंजाम दिया। आरोपी बैठक करने के लिए नीली बत्ती की गाड़ी से अशोका होटल आता था।
आर्थिक अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर के सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान सेक्टर 47 नोएडा निवासी पीयूष गोपाल बंधोपाध्याय(51) के रूप में हुई है। एक कंपनी के निदेशक दया शंकर मिश्रा ने वर्ष 2021 में शाखा में ठगी की शिकायत की। जिसमें बताया कि पीयूष गोपाल से उसकी मुलाकात वर्ष 2014 में हुई थी।
उसने मेक इन इंडिया के तहत ठेका दिलाने की बात कहकर उससे मिलना जुलना शुरू किया। वह खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का आईएफएस अधिकारी बताता था। वर्ष 2014 से लेकर वर्ष 2018 तक उसने उससे कई मदों में करोड़ों रुपये लिए।
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ठेका नहीं मिलने पर जब उसने पूछताछ करने की कोशिश की तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया। शक होने पर पीड़ित ने आरटीआई लगाकर इस नाम के अधिकारी के बारे में सूचना मांगी। जिसका जवाब आने के बाद वह सन्न रह गया। इस नाम का कोई भी अधिकारी प्रधानमंत्री कार्यालय में ही मौजूद नहीं है।
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आर्थिक अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर के सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान सेक्टर 47 नोएडा निवासी पीयूष गोपाल बंधोपाध्याय(51) के रूप में हुई है। एक कंपनी के निदेशक दया शंकर मिश्रा ने वर्ष 2021 में शाखा में ठगी की शिकायत की। जिसमें बताया कि पीयूष गोपाल से उसकी मुलाकात वर्ष 2014 में हुई थी।
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उसने मेक इन इंडिया के तहत ठेका दिलाने की बात कहकर उससे मिलना जुलना शुरू किया। वह खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का आईएफएस अधिकारी बताता था। वर्ष 2014 से लेकर वर्ष 2018 तक उसने उससे कई मदों में करोड़ों रुपये लिए।
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ठेका नहीं मिलने पर जब उसने पूछताछ करने की कोशिश की तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया। शक होने पर पीड़ित ने आरटीआई लगाकर इस नाम के अधिकारी के बारे में सूचना मांगी। जिसका जवाब आने के बाद वह सन्न रह गया। इस नाम का कोई भी अधिकारी प्रधानमंत्री कार्यालय में ही मौजूद नहीं है।
पीड़ित ने बताया कि आरोपी के साथ एक महिला रहती थी, जो उसके साथ अक्सर अशोका होटल में बैठक करवाती थी। खुद को ठगा महसूस करने के बाद पीड़ित ने इसकी शिकायत आर्थिक अपराध शाखा में की। जांच में पता चला कि वह फर्जी पहचान पत्र व अन्य कागजात के जरिए खुद को अधिकारी बताता था।
उसने इसी तरह से गुजरात के एक कारोबारी के साथ भी ठगी की है, जिसका मामला आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज है। पुलिस टीम आरोपी को नोएडा से गिरफ्तार कर आगे की जांच कर रही है। पुलिस ने उसके सभी बैंक खाते को सीज कर दिया है।
उसने इसी तरह से गुजरात के एक कारोबारी के साथ भी ठगी की है, जिसका मामला आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज है। पुलिस टीम आरोपी को नोएडा से गिरफ्तार कर आगे की जांच कर रही है। पुलिस ने उसके सभी बैंक खाते को सीज कर दिया है।