विश्वविद्यालय समाचार : डीयू के एसओएल की दाखिला प्रक्रिया इस माह के अंत तक शुरू होगी
- डिस्टेंस एजुकेशन बोर्ड की मंजूरी के लिए प्रशासन को 10 अगस्त तक भेजना है आवेदन
- बीते साल की तरह ही होगी इस बार की दाखिला प्रक्रिया
- डीयू की हाईकट में जगह न बना सकने वाले विद्यार्थी एसओएल में दाखिला लेते हैं
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दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए नियमित कॉलेजों में यूजी-पीजी कोर्सेज के दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। अब विद्यार्थियों को दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग की दाखिला प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो एसओएल की दाखिला प्रक्रिया अगस्त केअंत तक शुरू होगी।
प्रक्रिया को शुरू करने के लिए प्रशासन अपनी तैयारी को पूरी कर चुका है। प्रशासन की ओर से डिस्टेंस एजुकेशन बोर्ड की मंजूरी के लिए 31 जुलाई तक आवेदन किया जा चुका है। अब 10 अगस्त तक प्रशासन को हॉर्ड कॉपी भेजनी है। इसके बाद वहां से मंजूरी मिलते ही प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा।
स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग ओएसडी डॉ उमाशंकर पांडेय ने बताया कि दाखिला प्रक्रिया शुरू करने के लिए डिस्टेंस एजुकेशन बोर्ड(डीईबी) का इंतजार है। मंजूरी के लिए आवेदन करना था, जिसे कर दिया गया है। अब 10 अगस्त तक आवेदन की हॉर्ड कॉपी भेजनी है।
ऐसे में मंजूरी मिलते ही इस महीने केअंत तक दाखिला प्रक्रिया शुरू हो सकती है। दाखिला प्रक्रिया बीते सालों की तरह पूरी तरह से ऑनलाइन होगी। दाखिला फॉर्म भरने के लिए आवेदकों को कैंपस आने की आवश्यकता नहीं है। दाखिला प्रक्रिया शुरू करने से पहले दिशा-निर्देश व शेड्यूल जारी किया जाएगा।
नियमित कॉलेजों की हाईकट ऑफ केकारण काफी ऐसे विद्याथी होते हैं जिनका दाखिला नहीं हो पाता है। लिहाजा वह एसओएल में दाखिला लेते हैं। बीते सालों में देखने में आया है कि 90-95 फीसदी वाले विद्यार्थी भी यहां दाखिला लेते हैं।
उल्लेखनीय है कि एसओएल में उपलब्ध पांच कोर्सेज बीए प्रोग्राम, बीकॉम, बीकॉम ऑनर्स, बीए ऑनर्स पॉलिटिक्ल साइंस, बीए ऑनर्स अंग्रेजी में नियमित कॉलेजों से ज्यादा विद्यार्थी दाखिला लेते हैं।
दो कोर्सेज में एक साथ दाखिला नहीं
एक साथ किन्ही दो अलग-अलग कोर्सेज या अलग-अलग कॉलेजों में एक ही कोर्स में दाखिला नहीं लिया जा सकता है। यदि किसी तरह विद्यार्थी ऐसे दाखिला लेते हैं तो दोनों जगह से विद्यार्थी का दाखिला रद हो जाएगा। हर कॉलेज के लिए अलग-अलग कट ऑफ तय करेगा। कट ऑफ सितंबर से आनी शुरू होंगी। इसका शेड्यूल जल्द ही डीयू की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। सामान्य, एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्लयूएस व कश्मीरी विस्थापित श्रेणी के लिए अलग कट ऑफ जारी की जाएगी।
दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला प्रक्रिया, दस्तावेज, मेरिट आधारित व प्रवेश परीक्षा आधारित कोर्सेज के संबंध में जानकारी देने केलिए दूसरा ऑनलाइन वेबिनार आयोजित किया गया। इसमें डीन एडमिशन प्रो पिंकी शर्मा, डीन परीक्षा शाखा, श्री गुरू तेग बहादुर खालसा कॉलेज के प्राचार्य डॉ जसविंदर सिंह ने दाखिले से जुड़ी जानकारी दी। यदि आवेदक आरक्षित श्रेणी(एससी, एसटी, ओबीसी, पीडब््लयूडी) केतहत आवेदन कर रहे हैं, तो उनकेपास अपने नाम का जाति-जनजाति, पीडब्लयूडी का नवीनतम प्रमाणपत्र होना चाहिए। यदि दस्तावेज नहीं है तो उसे बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करें उसकी स्लिप डीयू में ऑनलाइन फॉर्म भरते समय अपलोड करना होगा। हालांकि दाखिले शुरू होने पर विद्यार्थियों को मूल प्रमाणपत्र दिखाने होंगे।
यदि प्रवेश परीक्षा आधारित किन्हीं दो कोर्सेज के लिए आवेदन कर रहे हैं और दोनों कोर्सेज के लिए प्रवेश परीक्षा एक ही दिन हो, तो इस बात का प्रयास किया जाएगा कि एक ही सेंटर पर दोनों परीक्षाएं हो जाएं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि प्रवेश परीक्षा के लिए जारी प्रवेश पत्र को ध्यान से देखें कि उसमें भरा गय ब्यौरा सही हो। गलती होने पर परीक्षा आयोजित कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से संपर्क कर सकते हैं। इसकेलिए दाखिला पोर्टल पर जानकारी दी गई है।
साइंस के विद्यार्थियों के लिए 16 अगस्त से नहीं खुलेगा
दिल्ली विश्वविद्यालय में साइंस विद्यार्थियों के लिए 16 अगस्त से फिजिकली कक्षाएं व लैब नहीं खुलेंगी। डीयू प्रशासन ने बृहस्पतिवार को कॉलेज खोलने को लेकर दिए गए आदेश को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया है। प्रशासन ने आदेश को स्थगित करने के फैसले केलिए डीडीएमए की गाइडलाइंस का हवाला दिया है। डीडीएमए की गाइडलाइंस में अभी स्कूल-कॉलेज खोलने का जिक्र नहीं किया गया है। वहीं कॉलेजों में कक्षाएं शुरू करने के फैसले पर शिक्षक बिरादरी आपत्ति जता रही थी।
दिल्ली विश्वविद्यालय ने बृहस्पतिवार को 16 अगस्त से यूजी-पीजी स्तर के साइंस विद्यार्थियों के लिए कॉलेज में कक्षाएं शुरू करने का आदेश दिया था। इस आदेश में कहा गया था कि कक्षाओं में कोरोना वायरस से बचाव के सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा। अन्य पाठ्यक्रमों के लिए ऑनलाइन टीचिंग लर्निंग पहले की भांति चलती रहेंगी। बृहस्पतिवार को इस आदेश को स्थगित कर दिया गया। डीयू रजिस्ट्ररार डॉ विकास गुप्ता ने बताया कि डीडीएमए के दिशा-निर्देशों में स्कूल-कॉलेज खोलने का जिक्र नहीं किया गया है। ऐसे में हमें अभी कॉलेज खोलने में दिक्कत आ रही है। डीडीएमए की ओर से गाइडलाइंस की समीक्षा करने पर दुबारा कॉलेजों को खोला जाएगा।
डीयू ने इसी साल फरवरी में सिर्फ अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को कॉलेज बुलाने की अनुमति दी थी। दूसरी लहर आने के बाद अप्रैल में डीयू प्रशासन ने ऑफलाइन कक्षाओं को स्थगित कर दिया गया था। 16 अगस्त से कॉलेज खोलने को लेकर आम आदमी पार्टी के शिक्षक संगठन डीटीए ने आपत्ति जताई थी। डीटीए अध्यक्ष डॉ हंसराज सुमन ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में 60 शिक्षकों व कर्मचारियों की मौत हुई थी।
डूटा ने आदेश स्थगित करने का स्वागत किया
डूटा ने कॉलेज खोलने केफैसले को स्थगित कर इसकी समीक्षा करने का स्वागत किया है। डूटा कोषाध्यक्ष आभा देव हबीब ने कहा कि कक्षाएं फिजिकली मोड में शुरू करने के आदेश से ङ्क्षचता का माहौल हो गया था। कॉलेज खोलने को लेकर विश्वविद्यालय को एक सुविचारित योजना लाने की आवश्यकता है। कॉलेजों को खोलने का फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया जा सकता।