{"_id":"61ad19af21dea25d5006b541","slug":"dta-said-government-letter-has-no-effect-on-renewal-of-adhoc-teachers","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीटीए: सरकार के पत्र से एडहॉक शिक्षकों के नवीनीकरण पर कोई असर नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीटीए: सरकार के पत्र से एडहॉक शिक्षकों के नवीनीकरण पर कोई असर नहीं
Mon, 06 Dec 2021 01:27 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Mon, 06 Dec 2021 01:27 AM IST
सार
डीटीए अध्यक्ष डॉ. हंसराज सुमन ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों ने दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में स्थायी नियुक्तियों के लिए आवेदन किया है। उन आवेदन पत्रों की कॉलेजों द्वारा स्क्रीनिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
विस्तार
आम आदमी पार्टी के शिक्षक संगठन दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन (डीटीए) ने उच्च निदेशालय जारी पत्र का पक्ष लिया है। डीटीए का कहना है कि दिल्ली सरकार के उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी पत्र से सरकार के पूर्ण वित्त पोषित 12 कॉलेजों के एडहॉक शिक्षकों के नवीनीकरण पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पत्र स्थायी नियुक्तियों को संदर्भ में दिया गया है।
विज्ञापन
डीटीए अध्यक्ष डॉ. हंसराज सुमन ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों ने दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में स्थायी नियुक्तियों के लिए आवेदन किया है। उन आवेदन पत्रों की कॉलेजों द्वारा स्क्रीनिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। स्क्रीनिंग के बाद कॉलेज इन पर स्थायी नियुक्ति करना चाहते हैं, जबकि दिल्ली सरकार के इन कॉलेजों में अस्थायी प्रबंध समिति (ट्रंकेटिड गवर्निंग बॉडी) है। बिना प्रबंध समिति के शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति नहीं होगी।
विज्ञापन
डॉ. सुमन ने कहा कि कुछ समूहों द्वारा सरकार के पत्र की गलत व्याख्या की जा रही है। पत्र में कहीं भी उल्लेख नहीं है कि यह वर्तमान में कार्यरत तदर्थ शिक्षकों के नवीनीकरण पर लागू होता है। उन्होंने कहा कि कुछ खास विचारधारा के लोग दिल्ली सरकार के 12 कॉलेजों पर राजनीति कर रहे हैं।
विज्ञापन
डॉ. सुमन का कहना है कि डीयू और दिल्ली सरकार के बीच कुछ बाधाएं हैं, जिसे केवल संवाद और प्रशासनिक उपायों के माध्यम से पूरा किया जाएगा। उन्होंने दिल्ली सरकार से तुरंत वेतन संकट का समाधान करने की भी मांग करते हुए कहा कि शिक्षक व कर्मचारियों को दो-तीन महीने से बिना वेतन के रहना पड़ रहा है। गौरतलब है कि बीते सप्ताह डीयू के तीन कॉलेजों ने प्रिंसिपल नियुक्ति को लेकर विज्ञापन जारी किया था। इसको देखते हुए दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को 28 कॉलेजों को आदेश जारी करते हुए बिना स्थायी समिति के नियुक्ति करने पर पर रोक लगा दी थी।