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Hindi News ›   Delhi ›   DTA demands compensation and job for the dependents of deceased teaching staffs of DU due to corona

दिल्ली विश्वविद्यालय के 48 शिक्षक हार चुके कोरोना से जंग, आश्रितों की मदद के लिए डीटीए ने उठाई मांग

Sat, 22 May 2021 07:59 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: प्राची प्रियम Updated Sat, 22 May 2021 07:59 AM IST
सार

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में डीयू के 48 शिक्षकों की मौत हो गई। डीटीए ने केंद्र से मृत शिक्षकों के परिजनों को तीन करोड़ रुपये और परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने की मांग उठाई है। 
 

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DTA demands compensation and job for the dependents of deceased teaching staffs of DU due to corona
Delhi University

विस्तार

कोरोना की दूसरी लहर में दिल्ली विश्वविद्यालय के 48 शिक्षक कोरोना से जंग हार चुके हैं। इनमें 28 स्थायी, 16 सेवानिवृत्त शिक्षक और चार तदर्थ शामिल हैं। अब इन शिक्षकों के आश्रितों के लिए मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने की मांग तेज होने लगी है। 
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आम आदमी पार्टी के शिक्षक संगठन दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन (डीटीए) ने केंद्र सरकार से केंद्रीय विश्वविद्यालयों में कोरोना से जान गंवाने वाले शिक्षकों को तीन करोड़ रुपये और परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर रोजगार देने की मांग की है।
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डीटीए प्रभारी डॉ. हंसराज सुमन ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में सबसे अधिक डीयू के शिक्षकों ने संक्रमण के कारण जान गंवाई है। इनमें कई राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रोफेसर थे। फरवरी-मार्च में अस्पताल व स्वास्थ्य सुविधाएं मिल जातीं तो कुछ को अवश्य बचाया जा सकता था। 
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ऑक्सीजन की अनुपलब्धता, बेड की व्यवस्था न होना, दवाइयों की कालाबाजारी भी इनकी मौत का कारण बनी। 35 से 45 के बीच वाले स्थायी, अस्थायी शिक्षकों और गैरशैक्षिक कर्मचारियों को समय रहते मेडिकल सुविधा मिल जाती तो वे जीवित होते। अब उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट है। 


इन्हें टीचर्स वेलफेयर फंड से स्थायी शिक्षकों की तरह आर्थिक मदद दी जानी चाहिए। जो राशि स्थायी शिक्षकों को दी जाती है, वही तदर्थ शिक्षकों के परिजनों को भी दी जाए। वेलफेयर फंड से पांच से 10 लाख रुपये दिए जाते हैं। यह बहुत कम है। फंड में राशि कम है तो शिक्षकों से एक दिन का वेतन लिया जा सकता है।
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