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डीएसईयू: नए छात्रों का स्वागत
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नई दिल्ली। दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय (डीएसईयू) ने सोमवार को डिप्लोमा एवं डिग्री प्रोग्राम के पहले बैच का स्वागत किया। स्नातक डिग्री छात्रों के लिए सोमवार से बुधवार तक और डिप्लोमा छात्रों के लिए नौ दिसंबर को वर्चुअल ओरिएंटेशन कार्यक्रम शुरू होगा।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि डीएसईयू के लिए सरकार का सपना सोमवार को साकार हो गया। डीएसईयू के साथ सरकार का उद्देश्य उच्च शिक्षा प्रणाली में बदलाव लाना है, जिससे छात्रों को अप-टू-डेट मार्केट डिमांड के अनुसार शिक्षा प्राप्त हो सके। उन्होंने इसे दिल्ली की शिक्षा प्रणाली में क्रांति लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
सिसोदिया ने कहा कि डीएसईयू यह सुनिश्चित करेगा कि युवाओं को उद्यमशीलता की ओर प्रोत्साहित किया जाए एवं उन्हें मार्गदर्शन और समर्थन दिया जाए ताकि वे नौकरी प्रदाता बन सकें।
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विशेष अतिथि विधायक आतिशी ने कहा कि डीएसईयू की स्थापना युवाओं को कुशल बनाने के लिए की गई है, जिससे उनके पास न केवल एक अच्छी नौकरी प्राप्त करने के लिए कौशल एवं ज्ञान होगा, बल्कि एक नौकरी प्रदाता बनने की क्षमता भी होगी। डीएसईयू एकमात्र ऐसा विश्वविद्यालय है जहां उद्योग के विशेषज्ञ पाठ्यक्रम को समग्र और प्रासंगिक बनाने के लिए हर कदम पर बारीकी से काम हो रहा है।
डीएसईयू की वीसी प्रो नेहारिका वोहरा ने कहा कि विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के कथन को बदलते हुए देश के लिए मिसाल कायम करने का लक्ष्य रखता है। उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल के कारण छात्रों को कैंपस में आमंत्रित नहीं किया जा सका। तीन दिवसीय ओरिएंटेशन विश्वविद्यालय को प्रत्येक छात्र तक पहुंचाने का प्रयास है।
ओरिएंटेशन का विवरण साझा करते हुए वीसी ने कहा कि छात्रों को एक सफल शिक्षार्थी और उद्योग की जरूरतों के विषय पर आईआईआईटी दिल्ली के प्रो. पंकज जलोटे के साथ एक सत्र आयोजित किया गया। दिन के दूसरे भाग में छात्रों ने अपने सहपाठियों को जानने के लिए विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया एवं युवा पेशेवरों के साथ स्कूल से कॉलेज ट्रांजीशन के विषय पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि अगले दो दिन शैक्षिक ब्रीफिंग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। साथ ही छात्रों को उनके उद्योग क्षेत्र भागीदारों से परिचित कराया जाएगा। अंत में उनका परिचय कैंपस से कराया जाएगा। विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्य एवं प्रमुख उद्योग विशेषज्ञ प्रमोद भसीन एवं श्रीकांत शास्त्री एक उद्यमी बनने के विचार पर छात्रों के साथ बातचीत करेंगे।
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इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि डीएसईयू के लिए सरकार का सपना सोमवार को साकार हो गया। डीएसईयू के साथ सरकार का उद्देश्य उच्च शिक्षा प्रणाली में बदलाव लाना है, जिससे छात्रों को अप-टू-डेट मार्केट डिमांड के अनुसार शिक्षा प्राप्त हो सके। उन्होंने इसे दिल्ली की शिक्षा प्रणाली में क्रांति लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
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सिसोदिया ने कहा कि डीएसईयू यह सुनिश्चित करेगा कि युवाओं को उद्यमशीलता की ओर प्रोत्साहित किया जाए एवं उन्हें मार्गदर्शन और समर्थन दिया जाए ताकि वे नौकरी प्रदाता बन सकें।
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विशेष अतिथि विधायक आतिशी ने कहा कि डीएसईयू की स्थापना युवाओं को कुशल बनाने के लिए की गई है, जिससे उनके पास न केवल एक अच्छी नौकरी प्राप्त करने के लिए कौशल एवं ज्ञान होगा, बल्कि एक नौकरी प्रदाता बनने की क्षमता भी होगी। डीएसईयू एकमात्र ऐसा विश्वविद्यालय है जहां उद्योग के विशेषज्ञ पाठ्यक्रम को समग्र और प्रासंगिक बनाने के लिए हर कदम पर बारीकी से काम हो रहा है।
डीएसईयू की वीसी प्रो नेहारिका वोहरा ने कहा कि विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के कथन को बदलते हुए देश के लिए मिसाल कायम करने का लक्ष्य रखता है। उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल के कारण छात्रों को कैंपस में आमंत्रित नहीं किया जा सका। तीन दिवसीय ओरिएंटेशन विश्वविद्यालय को प्रत्येक छात्र तक पहुंचाने का प्रयास है।
ओरिएंटेशन का विवरण साझा करते हुए वीसी ने कहा कि छात्रों को एक सफल शिक्षार्थी और उद्योग की जरूरतों के विषय पर आईआईआईटी दिल्ली के प्रो. पंकज जलोटे के साथ एक सत्र आयोजित किया गया। दिन के दूसरे भाग में छात्रों ने अपने सहपाठियों को जानने के लिए विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया एवं युवा पेशेवरों के साथ स्कूल से कॉलेज ट्रांजीशन के विषय पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि अगले दो दिन शैक्षिक ब्रीफिंग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। साथ ही छात्रों को उनके उद्योग क्षेत्र भागीदारों से परिचित कराया जाएगा। अंत में उनका परिचय कैंपस से कराया जाएगा। विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्य एवं प्रमुख उद्योग विशेषज्ञ प्रमोद भसीन एवं श्रीकांत शास्त्री एक उद्यमी बनने के विचार पर छात्रों के साथ बातचीत करेंगे।