{"_id":"6005801d887c8d2b7378ecaf","slug":"dr-harshvardhan-inaugurates-aiims-burn-and-plastic-surgery-block-dedicates-to-sushruta","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो सालों का इंतजार खत्म, पहली बार एम्स में शुरू हुआ बर्न मरीजों का उपचार, केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने किया उद्घाटन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो सालों का इंतजार खत्म, पहली बार एम्स में शुरू हुआ बर्न मरीजों का उपचार, केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने किया उद्घाटन
Mon, 18 Jan 2021 06:03 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Mon, 18 Jan 2021 06:03 PM IST
विज्ञापन
डॉक्टर हर्षवर्धन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पहली बार दिल्ली एम्स में बर्न मरीजों का उपचार भी शुरू हुआ है। सोमवार को हवन पूजा के साथ बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी के नए ब्लॉक का शुभारंभ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने किया। करीब दो साल के इंतजार के बाद मरीजों को 100 बिस्तरों की क्षमता वाला यह नया ब्लॉक मिला है। अभी तक सफदरजंग अस्पताल में बर्न के मरीजों का उपचार हो रहा था। मंगलवार से एम्स का नया ब्लॉक मरीजों के लिए शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
एम्स के वरिष्ठ डॉ. मनीष सिंघल ने बताया कि अभी तक बर्न के केस एम्स में नहीं लिए जाते थे, लेकिन अब अलग से इन मरीजों के लिए सुविधा तैयार हो चुकी है। जल्द ही अस्पताल में ओपीडी सेवा भी शुरू होगी। साथ ही नया ब्लॉक बनने से दिल्ली एम्स में प्लास्टिक सर्जरी की वेटिंग भी कम हो सकेगी। इस ब्लॉक में ओपीडी से लेकर आईसीयू और ऑपरेशन थियेटर तक का इंतजाम है। इतना ही नहीं इसी ब्लॉक पर त्वचा बैंक भी है। हालांकि अभी तक यहां कोई त्वचा दान में नहीं आई है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के चलते यह ब्लॉक शुरू होने में थोड़ा वक्त लगा है लेकिन अब इस ब्लॉक के जरिए बहुत सी चिकित्सीय सेवाएं शुरू हो जाएंगी। बालों से लेकर हाथ तक के प्रत्यारोपण अब यहां हो सकेंगे।
विज्ञापन
वहीं कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि जलने से होने वाले घाव, काम करने वालों के नुकसान के बड़े कारणों में से एक है और ये भारत जैसे तेजी से विकसित अर्थव्यवस्था वाले देश के लिए चिंता का विषय है। भारत में प्रति वर्ष जलने की 70 लाख घटनाएं होती हैं और प्रति वर्ष 1.4 लाख जलने से प्रभावित लोग मृत्यु के शिकार होते हैं। इसके अलावा 2.4 लाख ऐसे रोगियों में गंभीर विकृति उत्पन्न हो जाती हैं। बड़ी जनसंख्या के कारण जले हुए लोगों का उपचार करने वाले अधिकांश केन्द्र रोगियों से भरे रहते हैं। अति उन्नत बर्न उपचार और देखभाल नाम मात्र है।
विज्ञापन
एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि इस ब्लॉक में 100 बेड होंगे। इनमें से 30 आईसीयू बेड, 10 प्राइवेट बेड और 60 जनरल बेड की सुविधा उपलब्ध होगी। इस बर्न और प्लास्टिक सर्जरी ब्लॉक में 30 आईसीयू बेड 30 अलग अलग कमरों में होंगे। इसके अलावा आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों के लिए छह बेड की व्यवस्था की गई है। 24040 वर्ग मीटर में मौजूद इस आठ मंजिला ब्लॉक में रसोई, लॉन्ड्री और एक समय में 250 वाहनों को पार्क करने की सुविधा भी है। ब्लॉक में एक वर्ष में 15 हजार जले हुए मरीजों की आपात स्थिति में उपचार करने और 5 हजार को दाखिल करने की क्षमता है।