दिल्ली: हड़ताल खत्म कर काम पर लौटे डॉक्टर, 14 दिन में हुईं तीन मौतें, 12 हजार से अधिक ऑपरेशन रद्द
फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) के अध्यक्ष डॉ. मनीष ने बताया कि दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त के साथ बातचीत होने के बाद हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया गया।
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14 दिन तक अस्पतालों में मरीजों को इलाज न मिलने की वजह से तीन की मौत हुई। वहीं 12 हजार से ज्यादा ऑपरेशन रद्द होने के बाद शुक्रवार को रेजिडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की। दोपहर 12 बजे राजधानी के सभी अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टर वापस काम पर आए। इस बीच डॉक्टरों ने बताया कि पुलिस से एफआईआर वापस लेने का आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल खत्म की गई है। हालांकि, नीट पीजी काउंसलिंग में देरी को लेकर मांग अभी भी पूरी नहीं हुई है। आगामी छह जनवरी को इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। इसके बाद ही आगे की जानकारी मिल पाएगी।
बहरहाल अस्पतालों में इलाज के लिए आए मरीजों को हड़ताल खत्म होने से राहत मिली है। पिछले दो सप्ताह से नीट पीजी काउंसलिंग में देरी का विरोध कर रहे रेजिडेंट डॉक्टर प्रदर्शन और हड़ताल पर चले गए थे। सफदरजंग अस्पताल, जीटीबी, लोकनायक, आरएमएल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज इत्यादि अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टरों ने ड्यूटी ज्वाइन कर ली है, जिसके चलते यहां अस्पतालों में ओपीडी, इमरजेंसी और कोविड केयर सेवाएं भी शुरू कर दी गई हैं।
17 दिसंबर से डॉक्टरों की हड़ताल के चलते तीन मरीजों की मौत भी हुई। इनके परिजनों का आरोप है कि समय पर इलाज न मिलने की वजह से मरीजों की मौत हुई। हालांकि सफदरजंग और जीटीबी अस्पताल में यह तीनों ही घटनाएं ब्रॉड डेड यानी अस्पताल आने से पहले मृत अवस्था में शामिल हुई हैं। इसी बीच ऑपरेशन सेवाओं से भी रेजिडेंट डॉक्टर हट गए थे, जिसके चलते माइनर ओटी तक बंद हुईं और करीब 12 हजार से अधिक ऑपरेशन रद्द करने पड़ गए।
फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) के अध्यक्ष डॉ. मनीष ने बताया कि दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त के साथ बातचीत होने के बाद हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आईटीओ पर हुए प्रदर्शन को लेकर डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। डॉ. मनीष ने कहा कि मरीज पहले से ही परेशान हैं। अब तक 12 हजार से अधिक ऑपरेशन रद्द हुए हैं। कोरोना महामारी की तीसरी लहर अब आ गई है। ऐसे में अस्पतालों का कार्य और अधिक बढ़ गया है। मरीज रोज बढ़ रहे हैं, ऐसे में अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी से चिंता बढ़ रही थी।
फोर्डा ने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों और पुलिस के बीच पिछले दिनों हुई झड़प के बाद उनके कुछ साथियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे लेने की मांग की थी। डॉक्टरों का आरोप है कि पुलिस ने इस दौरान महिला डॉक्टरों के साथ काफी बदसलूकी भी की थी। दिल्ली पुलिस इसका खंडन पहले ही कर चुकी है। पुलिस ने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की थी जिसके चलते पिछले कई दिनों से नीट पीजी काउंसलिंग को लेकर चल रहा डॉक्टरों का विरोध दिल्ली पुलिस पर केंद्रित हो गया था।