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एमबीबीएस डॉक्टर अपनी जगह दूसरे से दिलवा रहा था परीक्षा, गिरफ्तार
Sat, 13 Mar 2021 02:54 AM IST
योगेश जोशी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: योगेश जोशी
Updated Sat, 13 Mar 2021 02:54 AM IST
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गिरफ्त में आरोपी..
- फोटो : अमर उजाला
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सरिता विहार थाना पुलिस ने विदेश से एमबीबीएस की डिग्री लेकर लौटे ऐसे डॉक्टर को गिरफ्तार किया है जो अपनी जगह दूसरे युवक से परीक्षा दिला रहा था। मूलरूप से पाली, राजस्थान निवासी आरोपी डॉक्टर मनोहर सिंह (35) की एमबीबीएस की डिग्री, एप्लीकेशन फार्म और एडमिट कार्ड जब्त कर लिया गया है। आरोपी ने ताजिक स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी, ताजिकिस्तान से एमबीबीएस की डिग्री ली है।
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दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी आरपी मीणा के अनुसार डाक्टर विनायप्ता आरोपी डाक्टर मनोहर सिंह को 11 मार्च को सरिता विहार थाने लेकर पहुंची थी। डॉक्टर विनायप्ता ने अपनी शिकायत में कहा था कि नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनशन मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर भारत की एक ऑटोनोमस बॉडी है। नेशनल बोर्ड फॉरेन मेडिकल एग्जामिनेशन की परीक्षा आयोजित करता है।
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ये विदेश से एमबीबीएस की डिग्री लेने वाले डॉक्टरों के लिए होती है। इस परीक्षा को पास करने के बाद ही इंडियन मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन होता है और नंबर मिलता है। पिछली बार एफएमजीई स्क्रीनिंग टेस्ट चार अक्तूबर 2020 को हुआ था। मनोहर सिंह को एडमिट कार्ड जारी हुआ था, जिनका टेस्ट सेंटर एलओएन डिजीटल जोन, मथुरा रोड नई दिल्ली था। उनका परीक्षा परिणाम रोक दिया गया था, क्योंकि एप्लीकेशन फॉर्म में लगी तस्वीर परीक्षा वाले दिन ली गई फोटो से मैच नहीं हुई थी।
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मामले की जांच करने पर पता लगा कि मनोहर सिंह की जगह कोई और परीक्षा देने पहुंचा था। इसके बाद नोटिस जारी कर मनोहर को तीन फरवरी को फेस आईडी वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया था। आरोपी वहां नहीं पहुंचा था। दस मार्च को एनबीई में आरोपी का वेरिफिकेशन किया गया। यहां आरोपी का चेहरा परीक्षा देने वाले चेहरे से नहीं मिला। आरोपी सवालों के जवाब भी ठीक से नहीं दे रहा था।
पुलिस ने मामला दर्जकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले छह वर्ष से एफएमजीई टेस्ट पास करने की कोशिश कर रहा था ताकि उसका रजिस्ट्रेशन मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया में हो सके। जब वह इसमें कामयाब नहीं हो सका तो उसने अपनी जगह परीक्षा देने के लिए दूसरे युवक को बैठाया था।