दिल्ली में 5385 मेगावाट पहुंची बिजली की मांग, कई इलाकों में कटौती शुरू
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बढ़ती गर्मी की वजह से बिजली की मांग में बेतहाशा वृद्धि दर्ज की जा रही है। यह स्थिति तब है जब व्यावसायिक गतिविधियां दिल्ली में पूरे तरीके से शुरू नहीं हुई है। दुकानें भी सम-विषम के तहत खुल रही हैं। सोमवार व मंगलवार को इस वर्ष का सबसे ज्यादा बिजली की मांग दर्ज की गई।
सोमवार को 5268 मेगावाट बिजली की मांग रही तो मंगलवार को बढ़कर 5385 मेगावाट तक पहुंच गई। जो पिछले वर्ष 25-26 मई के मुकाबले कही ज्यादा है। पिछले साल बिजली की मांग इस महीने में 5107 मेगावाट थी।
बिजली वितरण करने वाली कंपनियों का कहना है कि आने वाले दिनों में मांग और बढ़ने की संभावना है। बिजली की मांग बढ़ने से कुछ इलाकों में कटौती भी शुरू हो गई है। उत्तम नगर, पालम, मयूर विहार, मंडोली, लक्ष्मी नगर समेत कई जगहों पर बिजली कटौती होनी शुरू हो गई है।
बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि गर्मी ज्यादा बढ़ने से मांग बढ़ी है। एसी और कूलर का ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है। लॉकडाउन-1,2 और 3 में बिजली की मांग काफी कम थी।
औद्योगिक व व्यावसायिक इकाइयां, सरकारी व प्राइवेट कार्यालय बंद रहने और मौसम सुहावना रहने से पिछले साल की तुलना में बिजली की मांग में गिरावट थी। लेकिन पिछले दो दिनों से बिजली की मांग बढ़ गई है।
बांबे सब अर्बन इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई (बीएसईएस) के प्रवक्ता का कहना है कि पिछले महीने की तुलना में 56 प्रतिशत मांग में वृद्धि दर्ज की गई है। उम्मीद है कि जून व जुलाई में मांग 7 हजार मेगावाट के पार जा सकती है। पिछले साल जुलाई में बिजली की मांग रिकार्ड 7409 मेगावाट दर्ज हुई थी।
टाटा पावर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गणेश श्रीनिवासन का कहना है कि मांग बढ़ने के बावजूद बिजली की आपूर्ति में कोई कमी नहीं रहेगी।