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अपडेट : दिल्ली में डेल्टा ‘गायब’, एक्सई वेरिएंट भी नहीं, हर सैंपल की होगी जीनोम सीक्वेंसिंग

Thu, 21 Apr 2022 05:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 21 Apr 2022 05:17 AM IST
सार

बीते दिनों में एक भी मरीज में इस गंभीर वेरिएंट की पहचान नहीं हो पाई है। सभी सैंपल में ओमिक्रॉन वेरिएंट ही पाया गया। इतना ही नहीं ओमिक्रॉन के नए वेरिएंट एक्सई को लेकर भी अब तक एक भी मामला राजधानी में नहीं मिला है।
 

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Delta 'missing' in Delhi, not even XE variant, genome sequencing of every sample
डेल्टा प्लस - फोटो : pixabay

विस्तार

पिछले वर्ष देश भर में तबाही मचाने वाला कोरोना का डेल्टा वेरिएंट अब दिल्ली से गायब हो रहा है। बीते दिनों में एक भी मरीज में इस गंभीर वेरिएंट की पहचान नहीं हो पाई है। सभी सैंपल में ओमिक्रॉन वेरिएंट ही पाया गया। इतना ही नहीं ओमिक्रॉन के नए वेरिएंट एक्सई को लेकर भी अब तक एक भी मामला राजधानी में नहीं मिला है।
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यह जानकारी बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में दी। इसी दौरान डीडीएमए ने फैसला लिया कि प्रत्येक कोरोना संक्रमित मरीज के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जाएगी।  जिन लोगों में संक्रमण की पुष्टि आरटी पीसीआर जांच के जरिए हुई है।  उनके नाक और मुंह से लिए सैंपल को लैब तक भेजा जाएगा। साथ ही डीडीएमए ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि बीते नौ, 10, 11 और 12 अप्रैल को जितने भी आरटीपीसीआर सैंपल संक्रमित मिले हैं उनके सैंपल तत्काल दिल्ली के वसंतकुंज स्थित आईएलबीएस अस्पताल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएं।
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दरअसल 20 अप्रैल को ‘अमर उजाला’ ने राजधानी में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद भी जीनोम सीक्वेंसिंग को लेकर तेजी नहीं आने का खुलासा किया था। इस दौरान यह भी बताया कि अप्रैल माह में 142 सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए जिनकी रिपोर्ट नहीं आई है।
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संक्रमण से मरे 97 फीसदी में ओमिक्रॉन मिला
स्वास्थ्य विभाग ने बैठक में बताया कि बीते तीन माह के दौरान कोरोना संक्रमण से मरने वालों के सैंपल को जब जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लैब भेजा गया तो जांच में 97 फीसदी ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित पाए गए। आंकड़ों की बात करें तो जनवरी से मार्च के बीच संक्रमण से मरने वाले 671 मृतकों के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जिनमें 578 की जांच पूरी हो पाई। इनमें 560 में ओमिक्रॉन और बाकी 18 सैंपल में डेल्टा व दूसरे वेरिएंट की पहचान हुई।

कोरोना टीका की नहीं कमी  17 लाख भंडारण में
कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सभी जिलों में टीकाकरण अभियान फिर से चलाया जाएगा। इसके लिए जल्द ही सभी विभागों को निर्देश भी जारी होंगे। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी है कि दिल्ली के पास फिलहाल कोरोना टीका की कोई कमी नहीं है। करीब 17 लाख से ज्यादा खुराकें भंडारण में मौजूद हैं। एक सवाल पर विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी है कि कोविशील्ड की 7.60 लाख, कोवाक्सिन की 3.25 लाख और कोर्बेवैक्स की 6.97 लाख खुराक भंडारण में मौजूद हैं।

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‘कोविड प्रतिबंध लगाने से पहले परामर्श करे सरकार’  

दिल्ली में लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों को लेकर सरकार ने नियमों का सख्ती से पालन करने पर जोर देना शुरू कर दिया है। वहीं राजधानी के अलग-अलग व्यापारी संगठनों ने सरकार से अपील की है कि कोविड प्रतिबंध लगाने से पहले उनसे परामर्श ली जाए।





बुधवार को राजधानी के विभिन्न व्यापारी संगठन और आरडब्ल्यूए ने सार्वजनिक स्थानों पर मास्क अनिवार्य करने के फैसले का स्वागत किया लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिबंध लगाने से काफी नुकसान अब तक झेलते आए हैं। उनके मौजूदा हालात ऐसे नहीं है कि फिर से प्रतिबंध का सामना कर सकें।

नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने कहा कि वह कभी नहीं चाहते थे कि ग्राहक बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के कनॉट प्लेस की दुकानों पर जाएं। सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा कि कनॉट प्लेस में मास्क को सख्ती से लागू कराने में सभी व्यापारी भी सहयोग देंगे।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार दो गज की दूरी और मास्क को लेकर सख्ती कर सकती है लेकिन सम-विषम योजना के लिए व्यापारी तैयार नहीं हैं। लाजपत नगर संगठन के अध्यक्ष संजीव मदान ने कहा कि सरकार को मास्क पहनने के आदेश को नहीं हटाना चाहिए था। उन्होंने सुझाव दिया कि उल्लंघन करने वालों के लिए जुर्माने की राशि को भी 500 से बढ़ाकर एक हजार रुपये किया जाना चाहिए।

लाजपत नगर और कनॉट प्लेस के अलावा करोल बाग, साउथ एक्सटेंशन और चांदनी चौक और सदर बाजार के थोक व्यापारी संगठनों का भी कहना है कि यदि आगे भी मामले जारी रहते हैं तो उन्हें और प्रतिबंध लगाने से पहले परामर्श के लिए बुलाया जाना चाहिए।

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