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राजधानी के रण में बयानों की बमबारी
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 30 Nov 2013 01:22 AM IST
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दिल्ली के सियासी मैदान में राजनैतिक दिग्गजों ने शुक्रवार को बयानों की खूब बमबारी की।
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लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह और दिल्ली में सीएम पद के भाजपा उम्मीदवार डॉ. हर्षवर्धन ने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा। बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी कांग्रेस और भाजपा दोनों की कमियां गिनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
इन हमलों के बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा है कि इस बार विधानसभा चुनाव की लड़ाई काम करने वाली और शोर मचाने वाली पार्टियों के बीच है। जनता को फैसला करना है कि दिल्ली को रफ्तार देने वाली पार्टी के हाथ में सत्ता सौंपनी है या फिर किसी और को।
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भाजपा प्रत्याशियों के लिए वोट की अपील करने के लिए आयोजित सभाओं में सुषमा स्वराज ने कहा कि कांग्रेस की सरकार लोगों का खून चूस रही है।
वहीं राजनाथ सिंह बोले कि राजधानी में रहने वाले प्रवासियों को लेकर दिल्ली सरकार संवेदनशील नहीं है। सरकार प्रवासियों को बोझ मानती है, जबकि राजधानी के विकास में इस वर्ग का बहुत बड़ा रोल है।
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इधर, हाथी की रफ्तार बढ़ाने की पुरजोर कोशिश में जुटीं मायावती ने कहा कि भ्रष्टाचार से पूरा देश परेशान है। दिल्ली भी इससे अछूती नहीं। बगैर रिश्वत के छोटे-छोटे काम भी संभव नहीं होते। इसका सबसे बुरा असर गरीब व मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है। महंगाई से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। इसकी वजह आजादी के बाद से अपनाई जाने वाली आर्थिक नीतियां हैं।