दिल्ली: स्कूल चले हम... : ऑड ईवन की तर्ज पर बुलाएं जाएंगे बच्चे, 9वीं से 12वीं के बच्चों के लिए स्कूल सोमवार से खुल रहे
स्कूल ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों माध्यम से पढ़ाई को जारी रखेंगे। दिल्ली सरकार की तरफ से शुक्रवार को दो चरणों में दिल्ली के सभी स्कूल खोले जाने के एलान के बाद तमाम स्कूल संचालकों ने इसका स्वागत किया है।
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कोरोना महामारी के कारण बंद चल रहे स्कूलों के दरवाजे सभी कक्षाओं (नर्सरी से 12वीं) तक के बच्चों के लिए खुलने जा रहे हैं। डीडीएमए से स्कूलों को खोलने की मंजूरी का स्कूलों ने स्वागत किया है। हालांकि अभी स्कूल पूरी क्षमता के साथ बच्चों को बुलाने पर विचार नहीं कर रहे हैं। जहां कुछ स्कूल नर्सरी से आठवीं तक की कक्षाओं के बच्चों को ऑड ईवन की तर्ज पर बुलाएंगे। वहीं कुछ स्कूल नौवीं से 12वीं तक के बच्चों को भी पूरी क्षमता के साथ बुलाना नहीं चाहते हैं। स्कूल अप्रैल से ही पूरी क्षमता के साथ बच्चों को बुलाना चाहता है।
स्कूल ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों माध्यम से पढ़ाई को जारी रखेंगे। दिल्ली सरकार की तरफ से शुक्रवार को दो चरणों में दिल्ली के सभी स्कूल खोले जाने के एलान के बाद तमाम स्कूल संचालकों ने इसका स्वागत किया है।
अफोर्डेबल प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन (एप्सा) अध्यक्ष लक्ष्य छाबडिय़ा ने कहा कि दिल्ली सरकार के इस फैसले के बाद लगभग दो साल से बंद पड़े स्कूलों में तो रौनक लौटेगी ही, साथ ही स्कूलों पेरेंट्स और घर बैठकर जबरन पढ़ रहे बच्चों को भी बहुत राहत मिलेगी। स्कूलों को खोलने से सबसे ज्यादा लाभ दो साल से घरों में कैद छोटी कक्षाओं के बच्चों को होगा। स्कूल खुलने से एक बार फिर उनका मानसिक और शारीरिक विकास संभव हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि एप्सा के सभी स्कूलों में कोरोना प्रोटोकॉल केसभी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। नर्सरी कक्षा से आठवीं कक्षा तक के लिए स्कूल फिलहाल ऑड-ईवन की तर्ज पर खोले जाएंगे। अप्रैल से ही सौ फीसदी क्षमता केसाथ बच्चों को बुलाया जाएगा।
मौसम विहार स्थित डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल वंदना कपूर ने कहा कि स्कूल खोलने का निर्णय सही समय पर आया है। छोटे कक्षाओं के बच्चे तो दो साल बाद स्कूल पहुंचेंगे। बच्चों को स्कूल कैसे बुलाना है, इसको लेकर स्कूल ने शनिवार को बैठक बुलाई है। उन्होंने कहा कि अभी पूरी क्षमता के साथ बच्चों को बुलाना संभव नहीं है क्योंकि अभी बोर्ड परीक्षाएं भी होनी है और नर्सरी के दाखिले भी चल रहे हैं। सभी कक्षाओं के बच्चों को बुलाने की शुरुआत कम संख्या से ही की जाएगी। खासकर छोटे बच्चों के लिए तो काफी एहतियात बरतनी पड़ेगी। यदि पूरी क्षमता के साथ बच्चों को बुलाएंगे तो कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना संभव नहीं होगा।
अभी स्कूल ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं देंगे
कई स्कूल अभी परिवहन की सुविधा उपलब्ध नहीं करा सकेंगे। इस कारण से बच्चों को खुद ही स्कूल आना होगा। ऐसे में अभिभावकों को छोटे बच्चों को स्कूल पहुंचाने में मशक्कत करनी पड़ेगी। स्कूलों का कहना है कि बस में सामाजिक दूरी का पालन कराना मुश्किल हो जाएगा। स्कूलों का कहना है कि बच्चों की संख्या बढ़ने पर ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराया जा सकता है। डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल वंदना कपूर कहती हैं कि हमारे लिए अभी परिवहन उपलब्ध कराना मुश्किल होगा। डीटीसी ने इस साल के लिए हमें बसें नहीं दी हैं। हमारे पास अपनी दो बसें हैं ऐसे में हमें बच्चों के लिए परिवहन उपलब्ध कराने में दिक्कत होगी।