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दिसंबर तक दिल्ली को मिलेगा पहला वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर, पक्षियों की भी होगी रक्षा
Wed, 16 Sep 2020 10:27 PM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2020 10:27 PM IST
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sunny weather in zoo
- फोटो : G. pal
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राजधानी को इस वर्ष के अंत तक पहला वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर मिल जाएगा। इस संबंध में क्षतिपूरक वनीकरण कोष्ठ प्रबंधन और योजना प्राधिकरण द्वारा फंड स्वीकृत कर दिया गया है। इसके बाद रजोकरी में 1.24 एकड़ की जमीन पर रेस्क्यू सेंटर बनाया जाएगा। वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर में ही पक्षियों को भी रेस्क्यू किया जाएगा।
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एक अधिकारी के अनुसार, राजधानी में अब तक कोई भी रेस्क्यू सेंटर नहीं है। ऐसे में फिलहाल वन विभाग एनजीओ के साथ मिलकर घायल और संकट में घिरे जानवरों को रेस्क्यू कर असोला भाटी में छोड़ देते हैं। नई योजना के तहत तीन रिस्पांस टीम बनाई जाएगी। प्रत्येक टीम में पांच सदस्य शामिल होंगे जो एक माह के अंदर बना ली जाएंगी।
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उन्होंने कहा कि वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर प्रस्तावित पक्षी रेस्क्यू सेंटर की जगह पर स्थापित किया जाएगा। जिस जगह पर रेस्क्यू सेंटर स्थापित किया जाना है वहां बर्ड रेस्क्यू सेंटर के लिए कोर्ट द्वारा बनाया गया पैनल आश्वस्त नहीं था। वन विभाग से डाटा मांगा गया तो देखा गया कि वहां अकेले रह रहे पक्षियों के लिए वह माहौल अनुकूल नहीं था, लेकिन वहीं, बंदर, सियार, सरीसृप व नीलगाय आदि को रेस्क्यू करना सफल रहा।
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योजना के विस्तार के लिए रिज प्रबंधन बोर्ड की अनुमति की आवश्यकता थी। इस संबंध में जनवरी में ही रिज प्रबंधन के साथ हुई बैठक में चर्चा हो गई थी। हालांकि, बाद में फरवरी में चुनाव और मार्च में लॉकडाउन होने की वजह से इस प्रस्ताव में देरी हो गई। अब इस प्रस्ताव पर शुक्रवार को होने वाली बैठक में भी चर्चा की जाएगी।
रिज प्रबंधन बोर्ड से स्वीकृति मिलते ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई कमेटी से भी चर्चा की जाएगी क्योंकि कमेटी की स्वीकृति के बाद ही रिज इलाके की जमीन का इस्तेमाल किया जा सकता है। अधिकारी ने बताया कि वन्यजीवों की सुरक्षा और पेड़ों की सुरक्षा के लिए के लिए हाल ही में विभाग द्वारा 1800118600 हैल्पलाइन नंबर शुरू किया गया है।