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दिल्ली पुलिस ने 37 शर्तों के साथ ट्रैक्टर परेड को दी एनओसी, टकराव के बने आसार
Mon, 25 Jan 2021 10:40 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 25 Jan 2021 10:40 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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ट्रैक्टर परेड निकलने से एक दिन पहले दिल्ली पुलिस और किसान संगठनों में टकराव के आसार बन गए हैं। विवाद ट्रैक्टर की संख्या और परेड के समय को लेकर है। 37 शर्तों के साथ दी गई पुलिस की एनओसी में कहा गया है कि दोपहर 12 बजे से शाम पांच बजे तक चलने वाली ट्रैक्टर परेड में हर रूट पर सिर्फ पांच हजार ट्रैक्टर शामिल हो सकते हैं।
इस पर आपत्ति जताते हुए किसान संगठनों का कहना है कि दिल्ली पुलिस आखिरी वक्त में इस तरह की शर्ते लाद रही है। दिल्ली पुलिस ने अभी तक ट्रैक्टर की संख्या और समय की कोई बंदिश नहीं लगाई थी।
दिल्ली पुलिस की शर्तों में कहा गया है कि आयोजक एक रूट पर पांच हजार ट्रैक्टर को परेड में शामिल कर सकते हैं, जिसमें पांच हजार लोग शामिल होंगे। इसके साथ ही उन्हें परेड के रूट में ढाई हजार वालंटियर तैनात करने होंगे।
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इन सभी के मोबाइल नंबर और जानकारी पुलिस को साक्षा करनी होगी। परेड को पांच घंटे की अनुमति होगी। आयोजक को ट्रैक्टर परेड के दौरान लोगों के लिए पीने का पानी, आग बुझाने का उपकरण और मेडिकल व्यवस्था का इंतजाम करना होगा।
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इस पर आपत्ति जताते हुए किसान संगठनों का कहना है कि दिल्ली पुलिस आखिरी वक्त में इस तरह की शर्ते लाद रही है। दिल्ली पुलिस ने अभी तक ट्रैक्टर की संख्या और समय की कोई बंदिश नहीं लगाई थी।
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दिल्ली पुलिस की शर्तों में कहा गया है कि आयोजक एक रूट पर पांच हजार ट्रैक्टर को परेड में शामिल कर सकते हैं, जिसमें पांच हजार लोग शामिल होंगे। इसके साथ ही उन्हें परेड के रूट में ढाई हजार वालंटियर तैनात करने होंगे।
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इन सभी के मोबाइल नंबर और जानकारी पुलिस को साक्षा करनी होगी। परेड को पांच घंटे की अनुमति होगी। आयोजक को ट्रैक्टर परेड के दौरान लोगों के लिए पीने का पानी, आग बुझाने का उपकरण और मेडिकल व्यवस्था का इंतजाम करना होगा।
शर्तों में कहा गया है कि उन्हें इस बात का ध्यान रखना होगा कि सड़क से गुजर रहे अन्य लोगों को परेड के चलते कोई परेशानी न हो। परेड के दौरान कोई ट्रैक्टर खराब हो जाता है तो उसकी जगह दूसरा ट्रैक्टर शामिल नहीं किया जाएगा। परेड के दौरान उन्हें इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि वह पूरी सड़क को न घेरेंगे।
आयोजकों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि ट्रैफिक मार्शल प्रमुख चौक पर तैनात रहे। वह जिस जिले से गुजरेंगे वहां के पुलिस अधिकारियों से उन्हें तालमेल रखना होगा। पुलिसकर्मियों की सलाह को मानना होगा। ट्रैफिक नियमों का किसी भी तरह से उल्लंघन नहीं करेंगे। ट्रैक्टर चलाने वाले व्यक्ति के पास सभी दस्तावेज होने चाहिए।
इसके अलावा कोविड नियमों का पालन करना होगा। ट्रैक्टर पर झंडा लहराने के लिए लोहे का रॉड का इस्तेमाल नहीं करेंगे। केवल लकड़ी के दो मीटर हिस्से पर ही झंडा फहराया जा सकता है। रूट में वह कहीं पर भी रूककर अपनी सभा या संबोधन नहीं कर सकते हैं। परेड में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति मादक पदार्थ का इस्तेमाल नहीं कर सकता है।
ट्रैक्टर के साथ कोई ट्रॉली, बैलगाड़ी, साइकिल रिक्शा, हाथी घोड़ा आदि नहीं होने चाहिए। आयोजकों की यह जिम्मेदारी होगी कि वह ट्रैक्टर परेड में शामिल लोगों के बीच कानून व्यवस्था बनाकर रखेंगे। अगर कोई उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आयोजकों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि ट्रैफिक मार्शल प्रमुख चौक पर तैनात रहे। वह जिस जिले से गुजरेंगे वहां के पुलिस अधिकारियों से उन्हें तालमेल रखना होगा। पुलिसकर्मियों की सलाह को मानना होगा। ट्रैफिक नियमों का किसी भी तरह से उल्लंघन नहीं करेंगे। ट्रैक्टर चलाने वाले व्यक्ति के पास सभी दस्तावेज होने चाहिए।
इसके अलावा कोविड नियमों का पालन करना होगा। ट्रैक्टर पर झंडा लहराने के लिए लोहे का रॉड का इस्तेमाल नहीं करेंगे। केवल लकड़ी के दो मीटर हिस्से पर ही झंडा फहराया जा सकता है। रूट में वह कहीं पर भी रूककर अपनी सभा या संबोधन नहीं कर सकते हैं। परेड में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति मादक पदार्थ का इस्तेमाल नहीं कर सकता है।
ट्रैक्टर के साथ कोई ट्रॉली, बैलगाड़ी, साइकिल रिक्शा, हाथी घोड़ा आदि नहीं होने चाहिए। आयोजकों की यह जिम्मेदारी होगी कि वह ट्रैक्टर परेड में शामिल लोगों के बीच कानून व्यवस्था बनाकर रखेंगे। अगर कोई उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
किसान संगठनों का एतराज, आखिरी वक्त पर शर्त लाद रही पुलिस
पुलिस की शर्त पर किसान संगठनों का कहना है कि दिल्ली पुलिस आखिरी वक्त पर शर्तें लाद रही है। योगेंद्र यादव का कहना है कि पुलिस की तरफ से तय रूट पर ही परेड होगी। परेड के लिए न तो पुलिस ने पहले वाहनों की लिमिट तय की थी और समय की। परेड तय रूट से होकर अपने मूल स्थान पर वापस लौटेगी।
किसान संगठनों का मानना है कि या तो पुलिस एनओसी देने के लिए बनाई गई औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए इस तरह की शर्त लगा रही है या फिर आखिरी वक्त पर यह अडंगा डालने की भी पुलिस कोशिश हो सकती है। किसान शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकालेंगे। इससे उनको कोई नहीं रोक सकता।
सुरक्षा में तैनात रहेंगे पांच हजार पुलिसकर्मी
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक ट्रैक्टर परेड के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये हैं। जिस रूट से परेड निकलेगी उस थाना इलाके की पुलिस उन्हें वहां के अगले थाने के इलाके तक पहुंचाएंगे। जहां से अगले थाने के पुलिसकर्मी इस ट्रैक्टर परेड के साथ चलेंगे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पूरे रूट में करीब पांच हजार पुलिसकर्मी तैनात किये गये हैं।
किसान संगठनों का मानना है कि या तो पुलिस एनओसी देने के लिए बनाई गई औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए इस तरह की शर्त लगा रही है या फिर आखिरी वक्त पर यह अडंगा डालने की भी पुलिस कोशिश हो सकती है। किसान शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकालेंगे। इससे उनको कोई नहीं रोक सकता।
सुरक्षा में तैनात रहेंगे पांच हजार पुलिसकर्मी
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक ट्रैक्टर परेड के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये हैं। जिस रूट से परेड निकलेगी उस थाना इलाके की पुलिस उन्हें वहां के अगले थाने के इलाके तक पहुंचाएंगे। जहां से अगले थाने के पुलिसकर्मी इस ट्रैक्टर परेड के साथ चलेंगे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पूरे रूट में करीब पांच हजार पुलिसकर्मी तैनात किये गये हैं।