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Delhi: देह व्यापार के अड्डे पर छापा, पांच नाबालिग सहित मुक्त कराई गईं 11 लड़कियां, दो सरगना गिरफ्तार

Fri, 06 Feb 2026 05:47 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Fri, 06 Feb 2026 05:47 PM IST
सार

दक्षिण पश्चिम दिल्ली जिले की डाबड़ी पुलिस ने एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए) से मिली पुख्ता जानकारियों के आधार पर द्वारका में एक बड़े वेश्यावृत्ति के अड्डे पर छापा मारा। इस कार्रवाई में 11 युवतियों को मुक्त कराया गया।

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Delhi Police conducted a raid and rescued 11 girls including five minors
देह व्यापार के अड्डे पर छापा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दक्षिण पश्चिम दिल्ली जिले की डाबड़ी पुलिस ने एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए) से मिली पुख्ता जानकारियों के आधार पर द्वारका में एक बड़े वेश्यावृत्ति के अड्डे पर छापा मारा। इस कार्रवाई में 11 युवतियों को मुक्त कराया गया, जिनमें पांच नाबालिग बच्चियां शामिल थीं। यह गिरोह पश्चिम बंगाल, असम और उत्तर प्रदेश से युवतियों को बेहतर अवसरों और नौकरी का झांसा देकर ट्रैफिकिंग के जरिए लाता था। पुलिस ने मौके से आठ ग्राहकों और दो संदिग्ध संचालकों को गिरफ्तार किया है। इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की ट्रैफिकिंग की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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अमानवीय स्थिति में कैद युवतियां 
छापेमारी के दौरान पुलिस को एक युवती आलमारी में बदहवास हालत में मिली। घर से कंडोम के पैकेट और सात कुत्ते भी बरामद हुए। प्राथमिकी के अनुसार, युवतियों को बंधुआ बनाकर रखा जाता था और उन्हें कहीं भी आने-जाने की इजाजत नहीं थी। घर चारों ओर से बंद था, और कुत्तों को संभवतः इसलिए रखा गया था ताकि कोई भाग न सके। काउंसलिंग के दौरान युवतियों ने बताया कि उन्हें डरा-धमका कर रखा जाता था और कड़ी निगरानी में रखा जाता था, जिससे वे घर से बाहर कदम नहीं रख पाती थीं।
 

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बाल ट्रैफिकिंग पर चिंता और समाधान 
एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने राजधानी में देह व्यापार में बच्चों के इस्तेमाल पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह घटना मौजूदा हालात की गंभीरता दर्शाती है, जहां बच्चों को पड़ोसी राज्यों से बहला-फुसलाकर लाया जाता है और अमानवीय परिस्थितियों में धकेल दिया जाता है। उन्होंने जोर दिया कि ट्रैफिकिंग एक संगठित अपराध है जिसकी जड़ें गहरी हैं। इसके लिए सुव्यवस्थित और बहुआयामी रणनीति की आवश्यकता है, जिसमें निश्चित समय-सीमा में जांच हो। जब तक सभी आरोपियों को न्याय नहीं मिलता, ऐसे गिरोह सक्रिय रहेंगे। एवीए, बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए काम करने वाले 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन' (जेआरसी) का सहयोगी संगठन है, जिसके 250 से अधिक सहयोगी संगठन देश भर में बच्चों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं।

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ठोस सबूतों के आधार पर कार्रवाई 
एवीए ने पुलिस को सूचना देने से पहले गहन छानबीन की, ताकि जुटाए गए सबूत ठोस और प्रमाणिक हों। टीम के सदस्यों ने फर्जी ग्राहक बनकर अड्डे के संचालकों से बात की और लड़कियों की तस्वीरें देखकर यह पुष्टि की कि यह ट्रैफिकिंग और देह व्यापार  का अड्डा है। इसके बाद तुरंत दक्षिण पश्चिम दिल्ली पुलिस को सूचित किया गया, जिसके बाद महिलाओं व बच्चों के लिए पुलिस की विशेष यूनिट ने कार्रवाई कर युवतियों को मुक्त कराया।

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