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दिल्ली: नेजल वैक्सीन परीक्षण में पहले दिन एम्स में पांच लोग शामिल, दोनों खुराक लेने वालों का चयन

Sat, 12 Mar 2022 02:12 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Sat, 12 Mar 2022 02:12 PM IST
सार

एम्स के वरिष्ठ डॉ. संजय राय ने बताया कि यह परीक्षण एम्स सहित देश के अलग अलग अस्पतालों में किया जा रहा है। इसमें वही लोग शामिल हो सकते हैं जिन्होंने कोविशील्ड या फिर कोवाक्सिन की दोनों खुराक प्राप्त की हों।

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Delhi: On the first day of the Nasal Vaccine Trial five people were involved in AIIMS
नेजल वैक्सीन - फोटो : iStock

विस्तार

नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पहले दिन पांच लोगों ने परीक्षण में शामिल होकर नेजल वैक्सीन की। अस्पताल के डीओटी केंद्र पर पहुंच लोगों ने पहले टीकाकरण प्रमाण पत्र की जांच कराई और इसके बाद नाक के जरिए दी जाने वाली नेजल वैक्सीन की बूस्टर खुराक हासिल की। शुक्रवार शाम तक एम्स में करीब पांच लोगों ने इस परीक्षण में हिस्सा लिया। डॉक्टरों के अनुसार परीक्षण में 100 लोगों का शामिल होना जरूरी है। यह संख्या जब भी पूरा होगी उसके बाद परीक्षण को रोक दिया जाएगा।

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एम्स के वरिष्ठ डॉ. संजय राय ने बताया कि नेजल वैक्सीन की क्षमता के बारे में पता करने के लिए यह परीक्षण एम्स सहित देश के अलग अलग अस्पतालों में किया जा रहा है। इसमें वही लोग शामिल हो सकते हैं जिन्होंने कोविशील्ड या फिर कोवाक्सिन की दोनों खुराक प्राप्त की हों। साथ ही इन लोगों ने दूसरी खुराक पिछले वर्ष अगस्त से अक्तूबर माह के बीच ली हो। इन अवधि से पहले या फिर बाद में दूसरी खुराक लेने वालों को परीक्षण में शामिल नहीं किया जा सकता है।

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उन्होंने बताया कि नेजल वैक्सीन के परीक्षण का मकसद लोगों के लिए बूस्टर खुराक के रूप में एक आसान और सरल प्रक्रिया वाली वैक्सीन उपलब्ध कराना है। इसमें सुई की आवश्यकता नहीं होती है और नाक के जरिए ड्रॉप को थोड़ा दबाने से ही वैक्सीन हासिल की जा सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि अगले एक महीने में यह परीक्षण पूरा हो सकता है जिसके बाद परिणाम सार्वजनिक किए जा सकते हैं।

नाम नहीं किए सार्वजनिक

एक सवाल पर डॉ. संजय राय ने बताया कि परीक्षण में शामिल लोगों की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है लेकिन जब से लोगों को इसके बारे में पता चला है तब से उनके यहां लगातार फोन कॉल पहुंच रही हैं। हालांकि एम्स में परीक्षण के पहले से तय नियमानुसार प्रक्रिया शुरू हुई है।

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