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दिल्ली: फ्लैट देने के नाम पर ठगी में महिला निदेशक गिरफ्तार, फरार पति पीयूष तिवारी पर भी दर्ज हैं कई मामले
Sun, 09 Jan 2022 08:46 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 09 Jan 2022 08:46 AM IST
सार
दिल्ली की आर्थिक अपराध शाखा ने फ्लैट देने के नाम पर ठगी करने के आरोप में महिला निदेशक को गिरफ्तार किया है। महिला के फरार पति पीयूष तिवारी पर भी फर्जीवाड़े के कई मामले दर्ज हैं।
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फाइल फोटो
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विस्तार
आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने फ्लैट और व्यावसायिक स्थान देने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी के आरोप में किंडल डेवलपर्स की महिला निदेशक शिखा तिवारी (41) को गिरफ्तार किया है। अदालत की ओर से एक मामले में गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। उसके बाद पुलिस ने उसे नोएडा के सेक्टर-93 से गिरफ्तार कर लिया।
महिला के फरार पति पीयूष तिवारी पर भी फर्जीवाड़े के कई मामले दर्ज हैं। ईओडब्ल्यू की संयुक्त आयुक्त छाया शर्मा ने बताया कि वर्ष 2019 में शिकायतकर्ता सुरेंद्र कुमार और 11 अन्य पीड़ितों ने मेसर्स शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स किंडल डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों की शिकायत की थी।
शिकायत में कहा गया था कि उन्होंने वर्ष 2012 में नोएडा के सेक्टर-79 में शुभकामना लॉर्डस ग्रुप हाउसिंग में फ्लैट बुक कराए थे। वर्ष 2013 में शिकायतकर्ताओं को एक स किंडल डेवलपर्स ने कहा कि भूखंड उन्हें आवंटित किया गया है। परियोजना उनके द्वारा विकसित की जा रही है। दोनों कंपनियों का पता और निदेशक एक ही थे।
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कंपनी ने शिकायतकर्ताओं से समझौते कर फ्लैटों के आकार, भुगतान की समय-सारणी में बदलाव किया। 1 अगस्त 2013 तक कब्जा देने का आश्वासन दिया। 2015 की शुरुआत में निर्माण यह कहकर बंद कर दिया गया कि कंपनी के पैसे खत्म हो गए हैं। शिकायतकर्ताओं को जांच में पता चला कि कंपनी के पास परियोजना को विकसित करने की राज्य और केंद्रीय एजेंसियों से आवश्यक मंजूरी नहीं थी।
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महिला के फरार पति पीयूष तिवारी पर भी फर्जीवाड़े के कई मामले दर्ज हैं। ईओडब्ल्यू की संयुक्त आयुक्त छाया शर्मा ने बताया कि वर्ष 2019 में शिकायतकर्ता सुरेंद्र कुमार और 11 अन्य पीड़ितों ने मेसर्स शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स किंडल डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों की शिकायत की थी।
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शिकायत में कहा गया था कि उन्होंने वर्ष 2012 में नोएडा के सेक्टर-79 में शुभकामना लॉर्डस ग्रुप हाउसिंग में फ्लैट बुक कराए थे। वर्ष 2013 में शिकायतकर्ताओं को एक स किंडल डेवलपर्स ने कहा कि भूखंड उन्हें आवंटित किया गया है। परियोजना उनके द्वारा विकसित की जा रही है। दोनों कंपनियों का पता और निदेशक एक ही थे।
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कंपनी ने शिकायतकर्ताओं से समझौते कर फ्लैटों के आकार, भुगतान की समय-सारणी में बदलाव किया। 1 अगस्त 2013 तक कब्जा देने का आश्वासन दिया। 2015 की शुरुआत में निर्माण यह कहकर बंद कर दिया गया कि कंपनी के पैसे खत्म हो गए हैं। शिकायतकर्ताओं को जांच में पता चला कि कंपनी के पास परियोजना को विकसित करने की राज्य और केंद्रीय एजेंसियों से आवश्यक मंजूरी नहीं थी।
कंपनी ने शिकायतकर्ताओं से करीब 5.55 करोड़ की ठगी की। आरोपी कंपनियों ने एक शिकायतकर्ता शरद सूरी से 25 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। इस बाबत भी वर्ष 2020 में शाखा में शिकायत दी गई। जांच में पता चला कि आरोपी कंपनी और निदेशकों ने निवेशकों और फ्लैट खरीदारों से अपनी परियोजनाओं में फ्लैट देने के बहाने शुभकामना-एडवर्ट टेकहोम्स और शुभकामना लॉर्ड के नाम से पैसा प्राप्त किए।
बड़ी रकम मिलने के बाद निदेशकों ने पीड़ितों से मिले पैसे का गबन किया और परियोजनाओं को छोड़ दिया। 7 जनवरी को अदालत ने एक अन्य मामले में निदेशक शिखा तिवारी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।
बड़ी रकम मिलने के बाद निदेशकों ने पीड़ितों से मिले पैसे का गबन किया और परियोजनाओं को छोड़ दिया। 7 जनवरी को अदालत ने एक अन्य मामले में निदेशक शिखा तिवारी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।