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टीकाकरण सफल, एक फीसदी में भी नहीं दिखा दुष्प्रभाव, वैज्ञानिक बोले- सुरक्षित है टीका
Wed, 03 Feb 2021 05:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली
अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 03 Feb 2021 05:12 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान सफलता की ओर बढ़ रहा है। 16 जनवरी से शुरू हुए इस कार्यक्रम में दिल्ली में अब तक करीब 65 हजार स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका लगाया जा चुका है। इनमें से एक फीसदी में भी दुष्प्रभाव नहीं दिखे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी तक किसी भी व्यक्ति को टीके से गंभीर परेशानी नहीं हुई है। इससे पता चलता है कि कोरोना की वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित हैं। अब लोगों को टीके के प्रति कोई संशय नहीं रखना चाहिए। अधिक से अधिक संख्या में वैक्सीन लगवानी चाहिए।
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दिल्ली में टीकाकरण के पहले दिन 81 केंद्रों पर 53 फीसदी स्वास्थ्य कर्मचारियों ने टीका लगवाया था। वैक्सीनेशन के दूसरे दिन सिफ ़43 फीसदी लोगों को टीका लगा था। शुरूआती दिनों में अनुमान के मुताबिक कम टीकाकरण हुआ था। वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए। सभी अस्पतालों के विभाग प्रमुखों को उनके स्टाफ के कर्मचारियों को वैक्सीन के प्रति जागरूक करने के लिए कहा गया। साथ ही टीकाकरण के नियमों में बदलाव भी किया गया।
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नतीजतन टीका लगवाने वालों की संख्या बढ़ती गई और बीते शनिवार को रिकॉर्ड 8765 कर्मचारियों ने टीके लगवाए। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अभी तक हुए टीकाकरण में 65 से धिक अस्पताल किसी एक दिन 100 फीसदी टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा कर चुके हैं। कई अस्पतालों ने टीकाकरण के रिकॉर्ड भी बनाए हैं। इनमें लोकनायक अस्पताल में एक दिन 200 कर्मचारियों को टीका लगाया गया था। इसके अलावा कई निजी अस्पतालों में हर दिन 100फीसदी टीकाकरण हुआ है।
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सफदजंग अस्पताल के डॉक्टर जुगल किशोर बताते है कि शुरुआती दिनों में कम टीकाकरण होने का यह कारण था कि लोगो में वैक्सीन को लेकर कुछ अफवाहें थी। वह देखना चाहते थे कि जो लोग टीका ले हे हैं। उन्हें कोई परेशानी तो नहीं आ रही है, लेकिन टीका लगने के बाद गंभीर दुष्प्रभाव के मामले नहीं आए। इससे उत्साह बढ़ा और टीके लेने वालों की संख्या में हर दिन इजाफा हुआ।
साथ ही सरकार की ओर से उठाए गए कदमों से भी वैक्सीनेशन बढ़ा। राजीव गांधी अस्पताल के डॉक्टर अजीत जैन ने बताया कि अब तक 99.8 फीसदी लोग वैक्सीन लगने के बाद स्वस्थ है। इसका मतलब है कि टीका पूरी तरह सुरक्षित है। शुरू में वैक्सीन को लेकर जो भी अफवाहें चल रही थीं। अब उनपर विराम लग जाना चाहिए। डॉक्टर जैन के मुताबिक, वैक्सीन से रोग प्रतिरोधक क्षमता किस हिसाब से बन रही है। इसका पता भविष्य में ही चल सकेगा।
कोवाक्सिन लेने वालों में दुष्प्रभाव के कम मामले
दिल्ली में 8 केंद्रों पर स्वदेशी कोवाक्सिन और 98 केंद्रों पर कोवीशील्ड का टीका लगाया जा रहा है। इनमें 85 फीसदी दुष्प्रभाव के मामले कोवीशील्ड के हैं, जबकि कोवाक्सिन के सिर्फ 15 फीसदी है।
इस तरह बढ़ता गया टीकाकरण
तारीख - इतने फीसदी लोगों को लगे टीके-
16 जनवरी-53
18- 44
19 49
21-73
23-86
25-91.5
27-80
28-77
30-76
1-75
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नोट- सभी आंकड़े 1फरवरी तक के हैं और स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं।