गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा की जांच कर रही क्राइम ब्रांच एक दर्जन से अधिक ऐसे मोबाइल नंबरों की जानकारी हासिल करने में जुटी है, जो गाजीपुर से लेकर लालकिला तक हुई हिंसा वाले दिन सभी जगहों पर सक्रिय थे। साथ ही इन फोन नंबरों के जरिए गाजीपुर में लगातार बात हो रही थी। कयास लगाए जा रहे हैं कि इन फोन नंबरों पर हिंसा करने वालों को लगातार दिशा निर्देश दिये जा रहे थे।
{"_id":"601dd8988ebc3e74a938cc19","slug":"delhi-news-talk-to-ghazipur-border-was-happening-continuously-on-the-day-of-violence","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"पता चला हैः हिंसा वाले दिन लगातार हो रही थी गाजीपुर बॉर्डर से बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पता चला हैः हिंसा वाले दिन लगातार हो रही थी गाजीपुर बॉर्डर से बात
Sat, 06 Feb 2021 05:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 06 Feb 2021 05:15 AM IST
विज्ञापन
लाल किले पर हिंसा...
- फोटो : PTI
लाल किले पर ट्रैक्टरों के साथ किसान
- फोटो : पीटीआई
पुलिस के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि ऐसे करीब दर्जन से अधिक नंबर हैं जिनकी जांच की जा रही है। मोबाइल नेटवर्क सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों से इन फोन नंबर की जानकारी मांगी गयी है। साथ ही सर्विस प्रोवाइड कंपनी से इन फोन नंबरों के इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों का फोटो और पहचान पत्र भी मांगा गया है।
ट्रैक्टर परेड
- फोटो : self
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वह इन नंबरों के उपभोक्ता के फोटो और पहचान पत्र का लालकिला व हिंसा वाली अन्य जगहों से मिले फुटेज से मिलान करेगी ताकि हिंसा फैलाने वाले की पहचान की जा सके और उनके जरिए इन्हें निर्देश देने वालों की भी पहचान हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
Farmers in front of Red fort
- फोटो : Amar Ujala
26 जनवरी को हिंसा वाले स्थलों से मोबाइल फोन का डंप डाटा उठाया गया था। इसकी जांच में पता चला है कि ऐसे कई नंबर हैं जो हिंसा से पहले गाजीपुर बॉर्डर पर सक्रिय थे। बाद में इनकी लोकेशन हिंसा वाली जगह अक्षरधाम, आईटीओ और फिर लालकिले पर मिली है। साथ ही कुछ ऐसे भी फोन नंबर मिले हैं जिन्हें बीच बीच में बंद कर दिया गया और फिर वह हिंसा वाली जगह पर सक्रिय हो गये। पुलिस ऐसे फोन नंबर की भी जांच में जुटी है।
विज्ञापन
दिल्ली में हिंसा
- फोटो : PTI
पुलिस के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि कई किसान नेता रडार पर हैं लेकिन पुलिस को साफ तौर पर निर्देश है कि वह किसान आंदोलन से शांतिपूर्ण तरीके से निपटे। पुलिस की प्राथमिकता कानून व्यवस्था को बनाये रखने की है। यही वजह है कि पुलिस फिलहाल साक्ष्य इक्कठा करने में जुटी है।