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दिल्ली : वाहन प्रदूषण पर कसने लगा शिकंजा, पेट्रोल पंप पर मांगा जा रहा है पीयूसीसी
Mon, 25 Oct 2021 06:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 25 Oct 2021 06:02 AM IST
सार
पिछले करीब एक महीने में वाहनों के प्रदूषण जांच करवाने वालों की संख्या बढ़कर दोगुना हो गई है।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर परिवहन विभाग की ओर से भी शिकंजा कसने लगा है। वाहनों में ईंधन भरवाने के लिए पहुंचने वालों से प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसीसी)मांगी जा रही है और न होने पर चालान भी किए जा रहे हैं। वाहनों से होने वाल प्रदूषण पर कार्रवाई के लिए करीब 500 टीमें गठित की गई हैं, ताकि अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई हो सके। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नियमों का सख्ती से पालन हो इसलिए टीमें तैनात भी की जा रही हैं। पिछले करीब एक महीने में वाहनों के प्रदूषण जांच करवाने वालों की संख्या बढ़कर दोगुना हो गई है।
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दिल्ली के अलग अलग क्षेत्रों के पेट्रोल पंप पर प्रवर्तन विभाग की 4 सदस्यीय टीम तैनात की गई हैं। सात अक्तूबर से वाहनों के प्रदूषण प्रमाण पत्र की जांच के लिए विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। इसके तहत पेट्रोल, डीजल और सीएनजी वाहनों के वेरिएंट और पीयूसीसी की जांच की जा रही है। अगर किसी वाहन के प्रमाण पत्र की वैधता खत्म हो गई है तो इसकी जानकारी खुद ब खुद विभाग के पास दर्ज हो जा रही है और उनपर लगातार परिवहन विभाग की नजरें भी टिकी हुई हैं। परिवहन विभाग के मुताबिक 17 अक्टूबर तक करीब 62 हजार वाहनों की जांच की गई, जिनमें करीब 4,066 वाहन ऐसे थे जिनके प्रमाण पत्र न होने पर जुर्माना लगाया गया। इतना हीं नहीं पुराने वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण पर भी टीम की तरफ से कार्रवाई करते हुए ऐसे 39 वाहनों का चालान भी किया गया।
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सर्टिफिकेट न होने पर 10 हजार का होगा चालान
दिल्ली में सर्दी के मौसम में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है। उधर, ट्रैफिक पुलिस भी वाहनों की जांच के दौरान पीयूसीसी की भी जांच कर रही है। नियमों का पालन न करने वालों पर कार्रवाई भी लगातार की जा रही है। जिन वाहनों के पीयूसी प्रमाण पत्र नहीं है, उन चालकों को पेट्रोल पंप पर ही प्रदूषण जांच करवाने की सलाह दी जाती है। अगर, वाहन में पीयूसीसी नहीं है तो 10,000 रुपये का चालान घर भेजा जाएगा। चालान का भुगतान न करने पर 6 महीने की कैद और 3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस भी जब्त करने का भी प्रावधान है।
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एक महीने में जारी हुए दोगुना पीयूसी प्रमाण पत्र
परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 10 अगस्त से एक सितंबर के दौरान रोजाना औसतन 10,000 प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे थे। सितंबर के 18 दिनों में आंकड़ा बढ़कर प्रतिदिन 15,000 पर पहुंच गया। 19 सितंबर से 6 अक्टूबर के दौरान रोजाना 20,000 चालकों को पीयूसी जारी किए गए जबकि 7 अक्टूबर से जारी अभियान के दौरान यह संख्या बढ़कर औसतन 38,000 हो गई। 11 से 17 अक्टूबर के दौरान यह आंकड़ा बढ़कर 40,000 तक पहुंच गया।