दिल्ली की शीतकालीन कार्ययोजना तैयार : प्रदूषण पर वार की तैयारी, सर्दियों में 325 टीमें रखेंगी नजर
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने योजना की घोषणा की। वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली में 64 सड़कों की पहचान, सरकारी एजेसियों की रहेगी सख्ती।
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सर्दियों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली की शीतकालीन कार्य योजना तैयार है। इसमें सबसे ज्यादा जोर धूल व धुएं से होने वाले प्रदूषण को रोकने पर है। इसके लिए करीब 325 टीमों को गठन किया गया है। इसमें 75 टीमें निर्माण स्थलों पर नजर रखेंगी। जबकि 250 टीमों का काम धुएं से दिल्ली को बचाने पर रहेगा। इसके साथ ग्रीन वाररूम को मजबूती देने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो और जापान डिस्पेल (जेडीआई) के साथ प्रोग्राम यूनिट बनाने व 50 नए पर्यावरण इंजीनियर की भर्ती की गई है। दूसरी तरफ वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली में 64 ऐसी सड़कों की पहचान की गई है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को शीतकालीन कार्य योजना की घोषणा की। केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 10 बिंदुओं पर जन अभियान चलाया जाएगा। ई-वेस्ट से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में 20 एकड़ में देश का पहला ई-ईको वेस्ट पार्क भी बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पराली जलाने से रोकने के लिए केंद्र और पड़ोसी राज्यों ने कुछ नहीं किया। इसके चलते किसानों को अब पराली जलानी पड़ेगी। उन्होंने अन्य राज्यों सरकारों से किसानों के खेतों मे नि:शुल्क बायो डि-कंपोजर का छिड़काव करने की अपील की है। साथ ही केंद्र व राज्यों से मांग की है कि दिल्ली में आने वाले वाहनों को सीएनजी में और एनसीआर में चल रहे उद्योगों को पीएनजी में बदला जाए।
वाहन प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 64 सड़कों की पहचान
मुख्यमंत्री के मुताबिक, वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 64 सड़कों की पहचान की गई है। उन सड़कों को चिन्हित किया गया है जहां ज्यादा जाम लगता है और उसकी वजह से प्रदूषण होता है। वहां पर जाम रोकने के कदम उठाए जाएंगे। वाहनों के पीयूसी की कड़ाई से जांच करने के लिए लगभग 500 टीमों का गठन किया गया है और 10 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल और 15 साल से ज्यादा पुराने डीजल के वाहनों स्क्रैप करने का अभियान चलाया जा रहा है।
24 घंटे बिजली आपूर्ति होने से प्रदूषण में कमी
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रदूषण को कम करने के लिए 10 कदम उठाए गए हैं। पहले कदम के तहत दिल्ली में 24 घंटे बिजली आपूर्ति, दूसरा- धूल प्रदूषण पर काबू, तीसरा- पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे बनाना, चौथा- दिल्ली में कोयले से बिजली बनाने वाले दो थर्मल पॉवर प्लांट को बंद करना शामिल है। मुख्यमंत्री ने पांचवें कदम के बारे में बताते हुए कहा कि अब दिल्ली के अंदर 100 फीसद उद्योग पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) इस्तेमाल करते है। छठे कदम के तहत वृक्ष प्रत्यारोपण नीति बनाई गई है। सातवें कदम के तहत ग्रीन दिल्ली एप, आठवां कदम- ग्रीन वाररूम, नौवां- ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान(ग्रेप) लागू करना और दसवां- दिल्ली के अंदर इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी लागू की गई।
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