{"_id":"606cf54e8ebc3ee64b5f2af2","slug":"delhi-news-mobility-card-on-all-lines-of-metro-from-next-year","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली मेट्रो : अगले साल से सभी लाइनों पर मोबिलिटी कार्ड की शुरुआत, चल रहा है तेजी से काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली मेट्रो : अगले साल से सभी लाइनों पर मोबिलिटी कार्ड की शुरुआत, चल रहा है तेजी से काम
Wed, 07 Apr 2021 05:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 07 Apr 2021 05:27 AM IST
सार
- मेट्रो स्टेशनों के एएफसी गेट के सॉफ्टवेयर किए जा रहे हैं अपग्रेड
- फिलहाल, एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर यात्रियों को एनसीएमसी से सफर का मौका मिल रहा है
विज्ञापन
delhi metro
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अगले साल से मेट्रो की सभी लाइनों पर नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) की शुरुआत के लिए मौजूदा एएफसी उपकरणों के सॉफ्टवेयर अपग्रेड किए जाएंगे। इस कार्ड के जरिये मेट्रो में सफर के साथ बस, टैक्सी में सफर और पार्किंग या खरीदारी का भी यात्रियों को मौका मिलेगा। फिलहाल, एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर यात्रियों को एनसीएमसी से सफर का मौका मिल रहा है।
विज्ञापन
सॉफ्टवेयर अपग्रेड करने का काम मेट्रो के चावड़ी बाजार स्थित एएफसी एंड टेलीकॉम रिपेयर लैब में चल रहा है। यहां हर साल 10 हजार से अधिक एएफसी मॉडयूल रिपेयर किए जाते हैं। इससे करोड़ों रुपये की बचत के साथ स्वदेशी उपकरणों को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।
विज्ञापन
दरअसल, दिल्ली मेट्रो में यात्रियों को सफर की बेहतर सुविधाएं देने के लिए सभी स्टेशनों पर एएफसी गेट लगाए गए हैं। ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (एएफसी) सिस्टम के तहत ऑटोमेटिक गेट, टिकट वेंडिंग मशीन, एड वैल्यू मशीन सहित कई तकनीकी उपकरण हैं। क्यूआर कोड, एनसीएमसी, टोकन या स्मार्ट कार्ड से मेट्रो में सफर करने वाले यात्री को स्टेशन में प्रवेश के लिए भी एएफसी गेट से गुजरना होता है।
विज्ञापन
सेंसर की मदद से यात्रा हुई आसान
एएफसी पर स्मार्ट मीडिया वैलिडेटर्स (एसएमवी) होते हैं। यात्रियों के प्रवेश करते ही स्मार्ट कार्ड या टोकन से समय, स्टेशन की जानकारी पहुंचती है। स्टेशन से निकासी के दौरान दोनों समय और दूरी का मिलान करने के बाद तयशुदा किराया काटने के बाद यात्रियों को एक्जिट का मौका मिलता है। पीसीएम (पैसेंजर कंट्रोल मॉड्यूल) बोर्ड में लगे 16 जोड़े सेंसर से यात्रियों का ब्यौरा एकत्रित करने के बाद गेट खुलता है।