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दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड, 13 साल में सबसे अधिक शीत लहर
Mon, 01 Feb 2021 04:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 01 Feb 2021 04:33 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है और अगले कुछ दिनों तक राहत मिलने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक सुबह कोहरा छाया रहेगा। दिल्ली में 2008 से जनवरी के महीने में सबसे अधिक सात ‘शीत लहर’ दिन रहे। इससे पहले 2008 में 12 ऐसे दिन रिकॉर्ड किए गए थे।
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मौसम विभाग के क्षेत्रीय केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि 2020 और 2019 में मात्र एक ‘शीत लहर’ दिन जबकि जनवरी 2013 में छह ‘शीत लहर’ दिन दर्ज हुए थे। दिल्ली में रविवार को न्यूनतम पारा 3.1 डिग्री रहा। पिछले एक हफ्ते में रविवार चौथा शीत लहर दिन रहा। इससे पहले मंगलवार को 2.1 और बृहस्पतिवार को 3.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। शुक्रवार को चार डिग्री पारा रहा था। नववर्ष के पहले दिन 1.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया था जोकि पिछले 15 सालों में जनवरी के महीने में सबसे कम था।
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इन इलाकों में पड़ सकता है हल्के से घना कोहरा
मौसम विभाग के अनुसार साथ ही दिल्ली-एनसीआर में हल्के से घना कोहरा रहने का अनुमान है। स्काईमेट के अनुसार, पहाड़ी राज्यों से उठने वाले पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। इसी विक्षोभ का असर मैदानी इलाकों पर भी दिखेगी जहां हल्की बारिश हो सकती है।
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दिल्ली की हवा एनसीआर से बेहतर
दिल्ली की हवा में रविवार को एनसीआर से बेहतर दर्ज की गई। आशंका जताई जा रही है कि अगले तीन दिन में दिल्ली-एनसीआर की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, रविवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 289 दर्ज किया गया। वहीं, गाजियाबाद में 394 सूचकांक के साथ सबसे दमघोंटू हवा दर्ज की गई।
सफर के अनुसार, अगले 48 घंटों में हवा का स्तर बहुत खराब श्रेणी के उच्चतम स्तर में पहुंच सकता है। वहीं, तीन फरवरी को इसके गंभीर श्रेणी में भी पहुंचने की आशंका है। पिछले 24 घंटों में प्रदूषण के लिए जिम्मेदार तत्वों पीएम10 का स्तर 300 और पीएम 2.5 का स्तर 160 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।