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दिल्ली: गोपाल राय बोले- निर्माण श्रमिकों को आर्थिक सहायता देगी दिल्ली सरकार

Fri, 26 Nov 2021 04:52 AM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Fri, 26 Nov 2021 04:52 AM IST
सार

सरकार ने कहा है कि प्रदूषण की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कुछ समय के लिए इन कार्यों पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। लेकिन अन्य आवश्यक कार्य जैसे कारपेंटर इत्यादि अपना काम जारी रख सकेंगे।

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Delhi News Gopal Rai said that Aap government will give financial assistance to construction workers Latest News Update
गोपाल राय। - फोटो : ट्विटर एएनआई

विस्तार

राजधानी में प्रदूषण बढ़ने पर दिल्ली सरकार ने निर्माण और ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर रोक लगा दी है। हालांकि, प्लम्बिंग, इंटीरियर डेकोरेशन, इलेक्ट्रिक और कारपेंटर जैसे कार्यों की अनुमति रहेगी। रोक लगने से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए निर्माण कार्य से जुड़े मजदूरों को दिल्ली सरकार पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। इस संबंध में श्रम विभाग रूपरेखा तैयार कर रहा है।

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पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष बस सेवा शुरू की जाएगी। दफ्तर से करीब वाले आईटीओ और इंद्रप्रस्थ जैसे मेट्रो स्टेशनों से शटल बस सेवा भी शुरू होगी। उखड़े होकर सफर की अनुमति मिलने के बाद मेट्रो और बसों की यात्री क्षमता में 50 फीसदी की बढ़ोत्तरी हो गई है। लोगों से अपील है कि सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें, ताकि प्रदूषण नियंत्रित करने में मदद मिले।
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गोपाल राय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखते हुए दिल्ली में सभी निर्माण और ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर रोक लगाई जा रही है। दिल्ली में विकास कार्य भी जरूरी है। अगर प्रदूषण स्तर में सुधार होता है तो इन्हें खोला जाएगा। सरकार हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। अगर पहले से प्रदूषण की स्थिति खराब होती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में करीब एक सप्ताह तक निर्माण कार्य बंद था। इससे निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों को काफी दिक्कतें हो रही थी। दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को दिल्ली सरकार पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी देगी। इसके लिए श्रम विभाग के साथ मिलकर इसके लिए रूपरेखा तैयार हो रही है। दिल्ली की सभी सरकारी एजेंसियां पीडब्ल्यूडी, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, सभी एमसीडी और डीएसआईआईडीसी, सीपीडब्ल्यूडी आदि को कोर्ट के आदेश की तत्काल प्रभाव से सूचना दे दी गई है। साथ ही निजी निर्माण एजेंसियों तक यह सूचना पहुंचाने के लिए दिल्ली सरकार की ओर से गठित सभी टीमों को निर्देशित किया गया है।

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि गुलाबी बाग कालोनी व तिमारपुर समेत अन्य सरकारी कर्मचारी वाली कॉलोनियों में निजी सीएनजी बसों को लगाया जाएगा। इसके अलावा जिन कालोनियों में सरकारी कर्मचारी रहते हैं वहां से सीधे उनके दफ्तरों तक के लिए बस सेवा शुरू होगी। वायु प्रदूषण की वजह से निर्माण गतिविधि पर लगी रोक को देखते हुए मजदूरों के खाते में पांच हजार रुपये की सहायता राशि जमा करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही सरकार की ओर से मजदूरों को उनकी न्यूनतम मजदूरी के हिसाब से भी मुआवजा राशि दी जाएगी।
- अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री  

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में निर्माण पर लगाई रोक

राष्ट्रीय राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण की खराब होती हालत को देखकर सुप्रीम कोर्ट ने पूरे दिल्ली एनसीआर में फिर से निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि जब तक निर्माण कार्य बंद रहेगा तब तक इससे प्रभावित होने वाले मजदूरों को मदद पहुंचाएं।

बुधवार देर रात सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किए गए फैसले में चीफ जस्टिस एनवी रमण की अगुआई वाली पीठ ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को निर्देश दिया कि वायु प्रदूषण के पिछले वर्षों के उपलब्ध डाटा के आधार पर वायु गुणवत्ता का वैज्ञानिक अध्ययन करे।

कोर्ट ने कहा, हम निर्देश देते हैं कि ग्रेडेड रिस्पॉन्स प्लान के तहत कदम उठाने के लिए वायु गुणवत्ता खराब होने का इंतजार करने के बदले वायु गुणवत्ता का पूर्वानुमान लगाकर इन कदमों को पहले से ही लागू कर दिया जाए। इसके लिए जरूरी है कि आयोग मौसमी डाटा और सांख्यिकीय मॉडलिंग की जानकारी रखने वाली विशेषज्ञ एजेंसियों की मदद ले। आदेश देने वाली पीठ में चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत भी शामिल रहे। 

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