दिल्ली में पांचवां सीरो सर्वे पूरा, इस महीने के अंत तक आएगी रिपोर्ट
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राजधानी में कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति का आकलन करने के लिए सीरो सर्वे का पांचवा चरण बृहस्पतिवार को पूरा हो गया। 10 जनवरी से शुरू हुए इस सर्वे के जरिए यह पता लगेगा कि इस समय कितने फीसदी लोगों में संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी बन चुकी हैं। इससे दिल्ली में कोरोना की स्थिति का विस्तारपूर्वक विश्लेषण किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, सर्वे में उन्हीं नियमों का पालन किया गया, जो नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) की तरफ से किए गए पिछले चार सर्वे में किया गया था। इस बार सभी 11 जिलों से 27,945 लोगों के नमूने लिए गए। सैंपल की संख्या के लिहाज से यह अभी तक का सबसे बड़ा सर्वे हैं।
इसके परिणाम इस माह के अंत तक आने की संभावना है। जिन लोगों के नमूने इससे पहले सर्वे में लिए गए थे इस बार उनके सैंपल नहीं लिए गए। इसमें उन्हीं लोखगों के सैंपल लिए गए, जिनमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं थे। सर्वे में सभी उम्र और इलाकों के लोगों को शामिल किया गया है।
अधिकारी के मुताबिक, पिछले चार सर्वे करने वालों कर्मचारियों ने ही इस सर्वे का काम किया है। इसके कारण कोई समस्या नहीं हुई और निर्धारित समय के अंदर ही यह कार्य पूरा कर लिया गया। उन्होंने कहा कि इस माह के अंत तक सर्वे के परिणाम आने की उम्मीद है।
इसकी रिपोर्ट पहले स्वास्थ्य विभाग को सौंपी जाएगी। सके बाद ही आंकड़े सार्वजनिक किए जाएंगे। इससे पहले अक्तूबर माह में चौथा सर्वे किया गया था, जिसमें करीब 25 प्रतिशत लोग कोविड-19 से प्रभावित मिले थे। यानी, एक चौथाई लोगों में एंटीबॉडी विकसित होने की बात सामने आई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार यह आंकड़ा बढ़ सकता है।
सर्वे: वैक्सीन लगवाने के लिए दिल्ली एनसीआर के 39 फ़ीसदी लोगों में संकोच
दिल्ली- एनसीआर में कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए 39 फीसदी लोगों में संकोच पाया गया है। प्रत्येक पांच में से एक व्यक्ति ने वैक्सीन लगवाने के लिए हामी नहीं भरी है। यह जानकारी थिंक टैंक संस्था एनसीएईआर द्वारा कराए गए टेलिफोनिक सर्वे में पता लगी है।
दिल्ली- एनसीआर कोरोनावायरस टेलीफोन सर्वे के चौथे चरण से पता चला कि क़रीब 20 फ़ीसदी लोग वैक्सीन लगवाने के सीधे तौर पर समर्थन में नहीं थे। इनमें से 22.4 फ़ीसदी ग्रामीण और 17.5 फ़ीसदी शहरी इलाकों के लोग शामिल थे। वहीं, करीब चार फ़ीसदी लोगों का कहना था कि वह कोरोना से पहले ही पीड़ित हो चुके हैं। ऐसे में वे वैक्सीन नहीं लगवाएंगे, जबकि 15 फ़ीसदी लोगों वैक्सीन लगवाने के लिए अनिश्चित थे।
इन तीनों वर्गों को मिलाकर करीब 39 फ़ीसदी लोगों ने वैक्सीन लगवाने में संकोच जताया है। टेलिफोनिक सर्वे का चौथा राउंड गत 23 दिसंबर 2020 से 4 जनवरी 2021 तक किया गया था। इसमें ग्रामीण व शहरी इलाकों से 3168 प्रतिक्रिया प्राप्त हुई थी। 16 जनवरी से देश भर में सबसे बड़ा वैक्सीन अभियान शुरू किया गया है।