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पहलः जीवन के अंधेरे में पुलिस लाई शिक्षा का उजाला, थाने में खुली डिजिटल लाइब्रेरी
Fri, 05 Mar 2021 03:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 05 Mar 2021 03:27 AM IST
सार
- बच्चों में पढ़ाई की रुचि पैदा कर स्कूल में कराया जाता है दाखिला
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डिजिटल लाइब्रेरी...
- फोटो : amar ujala
विस्तार
गरीब व पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों के लिए दक्षिण-पश्चिमी जिले के आरके पुरम पुलिस स्टेशन में डिजिटल लाइब्रेरी शुरू की गई है। इस लाइब्रेरी में पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों में पढ़ाई के प्रति रूचि पैदाकर उनका स्कूल में दाखिला करवाया जाता है। जिन बच्चों का स्कूल में दाखिला करवाया जाता है उनकी फीस की भी व्यवस्था की जाती है। लाईब्रेरी में स्कूली किताबों के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें व मैगजीन भी रखी गई हैं।
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गरीब बच्चों के अलावा पुलिसकर्मियों व आसपास रहने वाले बच्चें भी यहां पढ़ाई करने आते हैं। इस लाइब्रेरी में हर रोज आने बच्चों की संख्या 50 से 60 तक पहुंच गई है। ये संख्या हर रोज बढ़ती जा रही है। दिल्ली पुलिस के पुलिस स्टेशन में सबसे पहले डिजिटल लाइब्रेरी जामिया नगर थाने में कई एनजीओ शिखर के सहयोग से खोली गई थी। आरके पुरम थाने में ये दूसरी डिजिटल लाइबेरी है।
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दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार लाईब्रेरी कोरोना महामारी से पहले ही बनकर तैयार हो गई थी। मगर कोरोना के कारण शुरू नहीं हो सकी थी। अब इस लाइब्रेरी को शुरू किया गया है। धीरे-धीरे लाईब्रेरी मे सुविधाएं व पुस्तकें बढ़ाई जा रही है। इस समय लाइब्रेरी में एनसीईआरटी के स्कूली पाठ्यक्रम व प्रतियोगी परीक्षाओं आदि की करीब 4300 पुस्तकें हैं। इसमें मैगजीन भी शामिल हैं। लाइब्रेरी में कम्यूटर भी रखे गए हैं। आरके पुरम थानाध्यक्ष राजेश कुमार शिखर एनजीओ के साथ लाइब्रेरी की देखभाल करते हैं। लाइब्रेरी में एयर कंडीशन के अलावा सीसीटीवी भी लगाए गए हैं।
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थानाध्यक्ष राजेश ने बताया कि लाइब्रेरी में पढने वाले बच्चे लघुशंका आदि के लिए थाने में जाते थे। अब उनके लिए लाइब्रेरी परसिर में ही टॉयलेट आदि बनाया गया है। यहां पर गरीब बच्चों के अलावा पुलिसकर्मियों के बच्चे भी आकर पढ़ाई करते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र भी हर रोज पढ़ाई करने आते हैं। वह बताते हैं कि सीनियर पुलिस अधिकारियों से बात की जा रही है। इसके बाद लाइब्रेरी की देखभाल के लिए कुछ पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
अभी बच्चों को पढ़ाई करने में थानाध्यक्ष राजेश के अलावा अन्य पुलिसकर्मी बच्चों की सहायता करते हैं। बच्चें अपनी पसंद के हिसाब से थाने की लाइब्रेरी में बैठकर कॉर्टून आदि पुस्तकें भी पढ़ते हैं। लाइब्रेरी में आनलाइन पढ़ाई प्रोजेक्टर और काउंसिलिंग के जरिए बच्चों को पढ़ाई कराई जाती है।
थानाध्यक्ष राजेश सम्मानित
आरके पुरम थाने में लाइब्रेरी शुरू करने की हर तरफ तारीफ हो रही है। लखनऊ पुलिस आयुक्त समेत काफी लोगों ने ट्वीट कर लाइब्रेरी शुरू करने की प्रशंसा की है। थानाध्यक्ष राजेश कुमार को लाइब्रेरी शुरू करने को लेकर गोवा में एशिया पैसिफिक चैंबर आफ कामर्स की तरफ से इनोवेशन एजुकेशन की कैटेगरी में प्रशंसा सर्टिफिकेट देकर सम्मातिन किया है। राजेश सम्मान को लेने खुद गोवा गए थे।
बच्चों की काउंसलिंग भी करवाई जाती है
जिला पुलिस अधिका रियों नचे बताया कि पढ़ाई में रूचि पैदा करने के लिए बच्चों की काउंसलिंग भी करवाई जाती है। बच्चों को बुनियादी प्रशिक्षण भी दिया जाता है। स्मार्ट क्लास में फिलहाल 100 बच्चों के बैठने की व्यवस्था है। यहां हर रोज के समाचार पत्र भी होते हैं।