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लखीमपुर की आंच : दिल्ली में यूपी भवन के बाहर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

Tue, 05 Oct 2021 05:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Tue, 05 Oct 2021 05:29 AM IST
सार

पिछले 10 महीने से दिल्ली की सीमाओं पर विरोध दर्ज कर रहे किसानों के समर्थन में सोमवार को उत्तर प्रदेश भवन के बाहर अलग-अलग राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। लखीमपुर खीरी में चार किसानों की मौत के खिलाफ नारेबाजी की।

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Delhi News :Demonstration outside UP Bhavan, 95 protesters in custody
विरोध-प्रदर्शन... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर दिल्ली स्थित यूपी भवन पर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। चाणक्य पूरी थाने में दो एफआईआर दर्ज हुई है। एक युवा कांग्रेस के खिलाफ और दूसरी अन्य संगठनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 

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पिछले 10 महीने से दिल्ली की सीमाओं पर विरोध दर्ज कर रहे किसानों के समर्थन में सोमवार को उत्तर प्रदेश भवन के बाहर अलग-अलग राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। लखीमपुर खीरी में चार किसानों की मौत के खिलाफ नारेबाजी की। उधर, हालात बिगड़ता देख पुलिस ने करीब 95 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया था। बाद में सभी को छोड़ दिया गया।
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दोपहर 12 बजे से करीब डेढ़ घंटे के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकदल और वामपंथी दलों के युवा कार्यकर्ताओं ने सरदार पटेल मार्ग स्थित भवन के बाहर विरोध जताते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री सहित इस घटना के लिए जिम्मेवार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उत्तर प्रदेश भवन के बाहर पुलिस की भारी बैरिकेडिंग के नजदीक प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लखीमपुरी खीरी में हुई घटना के सभी आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। 
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सरदार पटेल मार्ग स्थित उत्तर प्रदेश भवन के बाहर सुबह से ही सर्विस रोड पर दोनों तरफ से बैरिकेडिंग कर दी थी। सिर पर टोपी लगाकर सबसे पहले राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ता पहुंचे और इस घटना पर रोष जताते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। घटना में मृत हुए किसानों के समर्थन में विरोध जता रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने कोविड प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए धारा 144 लागू होने की चेतावनी दी। 

फिर भी वहां से कार्यकर्ताओं के नहीं हटने पर उन्हें हिरासत में लेकर बसों में बिठाया गया। इसके बाद भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताना शुरू कर दिया, पुलिस ने उन्हें शांत करने की काफी कोशिश की, लेकिन नहीं माने। यूथ कांग्रेस के राहुल राव ने कहा कि लखीमपुरी खीरी के पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने के लिए जा रही प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी पर सवाल उठाया। इस घटना की निंदा करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री समेत सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।

उत्तर प्रदेश भवन के बाहर वामपंथी दलों के समर्थकों ने भी झंडे और पोस्टर के साथ इस घटना पर रोष प्रकट किया। पुलिस ने सभी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और सभी को मंदिर मार्ग थाना ले जाया गया। कार्यकर्ताओं को हिरासत में बसों में ले जाने तक पुलिस को काफी मशक्कत हुई, बावजूद इसके प्रदर्शनकारी सड़कों पर लेट गए। पुलिस को इस दौरान हल्का बल भी प्रयोग करना पड़ा।

दिल्ली पुलिस ने ढाई घंटे बंद किया एनएच-9, लोग हुए बेहाल

दिल्ली पुलिस ने सोमवार सुबह करीब नौ बजे राष्ट्रीय राजमार्ग -9 (दिल्ली से गाजियाबाद आने वाली लेन) को बंद कर दिया। इससे अभय खंड से वाया खोड़ा और गाजीपुर सर्विस रोड, दिल्ली आनंद विहार कौशांबी बॉर्डर, तुलसी निकेतन बॉर्डर पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। जिसमें एंबुलेंस तक फंस गई। वाहनों का लंबा जाम लगने लोगों के पसीने छूट गए। हालांकि, इसकी सूचना ट्विटर और सोशल मीडिया प्लेटफार्म से ही लोगों को दी गई। सुबह 11.30 बजे एनएच खुलने के काफी देर बाद वाहन चालकों को राहत मिली।

पिछले दस महीने से यूपी गेट पर भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसान आंदोलन कर रहे हैं। इस वजह से गाजियाबाद से दिल्ली जाने वाला रास्ता अभी तक बंद है। लेकिन दिल्ली से गाजियाबाद आने वाली लेन को 15 मार्च को खोल दिया गया था। इससे दिल्ली-यूपी के लोगों को बड़ी राहत मिली थी। मगर सोमवार सुबह अचानक रूट डायवर्ट होने की वजह से वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई। इंदिरापुरम से अभय खंड और खोड़ा होते हुए गाजीपुर के रास्ते पर वाहनों का लंबा जाम लग गया। एनएच-9 पर भी वाहनों की लंबी कतार लग गई। इससे गाजियाबाद आने वाले लोगों के पसीने छूट गए।

दिल्ली से गाजियाबाद आने वाले वाहन चालकों को अचानक रोकने की सूचना से ट्रैफिक पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। ट्रैफिक पुलिस ने कौशांबी आंनद विहार बॉर्डर पर वाहनों का दबाव बढ़ने ने कर्मियों को तैनात कर दिया। वाहनों के जाम में एंबुलेंस भी फंसी रहीं। काफी मशक्कत के बाद पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस को निकलवाया। वहीं, गाजियाबाद-दिल्ली में ऑफिस आने-जाने वाले लोगों के भी पसीने छूट गए। महिलाओं का बसों में सबसे बुरा हाल रहा। सुबह करीब 11:30 बजे दिल्ली की तरफ से एनएच -9 पर ट्रैफिक को खोल दिया गया।

मगर गाजियाबाद पुलिस ने बैरिकेड लगाकर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी। तीन घंटे बाद वाहन चालकों को जाम से राहत मिली। ट्रैफिक इंस्पेक्टर योगेश पंत ने बताया कि दिल्ली की तरफ से गाजियाबाद आने वाला ट्रैफिक अचानक आनंद विहार कौशांबी की तरफ डायवर्ट कर दिया है। तीनों बॉर्डर पर पुलिसकर्मियों को तैनात कर वाहनों को निकलवाया गया। जहां भी जाम की सूचना मिली थी। वहां ट्रैफिक कर्मियों की मदद से जाम खुलवा दिया गया ।

गाजियाबाद के यूपी गेट पर किसान मौन, अफसर दिखे बेचैन

यूपी गेट पर भाकियू ने सोमवार को लखीमपुर की घटना में मारे गए किसानों के लिए दो मिनट का मौन रखा। किसानों से शांति कायम रखने की अपील की। मंच से एक बार अपनी बात कहने के बाद संचालन बंद कर दिया गया। धरनास्थल पर खामोशी रही। किसानों की खामोशी से अफसर बेचैन दिखे। आंदोलन स्थल पर आईजी प्रवीण कुमार, एसएसपी पवन कुमार, एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र सिंह, एडीएम सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, क्षेत्राधिकारी महीपाल सिंह, अभय कुमार मिश्रा और थाना प्रभारी सचिन मलिक मौजूद रहे। भाकियू के जिला अध्यक्ष चौधरी बिजेंद्र सिंह ने प्रदेश के 18 मंडलों से अपील की है कि किसान यूपी गेट पर आकर आंदोलन को मजबूती दें।

 नाराज किसानों ने आंदोलन मंच के सामने हर-हर महादेव, अल्लाह हू अकबर, बोले सो निहाल सत, श्री अकाल जैसे धार्मिक उद्धोष के साथ मृतक किसानों के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। सुबह करीब नौ बजे यूपी गेट आंदोलन स्थल से कई किसान गाजियाबाद में कलक्ट्रेट का घेराव करने के लिए रवाना हो गए। सबसे पहले वह रहीसपुर में भाकियू पदाधिकारियों से मिले।

इसके बाद सभी एकत्रित हुए और कलक्ट्रेट के लिए कूच कर गए। इस बीच यूपी गेट पर भी बुजुर्ग और युवा किसानों के बीच माहौल गर्म हो गया। मंच के सामने बैठे आंदोलनकारी किसानों ने लखीमपुर घटना को लेकर सरकार की निंदा की। भाकियू का कहना है कि जब तक घायल और मृतक किसानों के परिजन सरकार की कार्रवाई से संतुष्टि नहीं होंगे। तब तक लड़ाई जारी रहेगी। भाकियू जिला अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण विरोध कर रहे किसानों पर गाड़ी किसके इशारे पर चढ़ाई गई। 

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