फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi News :  court Instructs the government to consider the allegation of deliberate mislabeling as RS

आरएस के रूप में जानबूझकर गलत लेबलिंग करने के आरोप पर सरकार को विचार का निर्देश

Fri, 27 Aug 2021 12:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 27 Aug 2021 12:36 AM IST
सार

मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वे मामले पर लागू कानून, नियमों, विनियमों और सरकारी नीति के अनुसार याचिका पर बतौर ज्ञापन विचार कर निर्णय ले

विज्ञापन
Delhi News :  court Instructs the government to consider the allegation of deliberate mislabeling as RS
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

उच्च न्यायालय ने कुछ दवा कंपनियों द्वारा उत्पादों को ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट (ओआरएस) के रूप में जानबूझकर गलत लेबल लगाने का आरोप लगाने संबंधी याचिका पर संबंधित अधिकारियों को विचार करने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वे मामले पर लागू कानून, नियमों, विनियमों और सरकारी नीति के अनुसार याचिका पर बतौर ज्ञापन विचार कर निर्णय ले। अदालत ने स्पष्ट किया कि कोई भी निर्णय लेने से पहले दूसरे पक्ष को भी सुना जाए क्योंकि उन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
विज्ञापन


याचिकाकर्ता जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर रूपा सिंह और 8 साल के बच्चे की मां ने दावा किया कि एक स्थानीय फार्मेसी ने उन्हें ओआरएस के नाम पर एक 'आरएस लिक्विड'  बेचा और इससे बच्चे की तबीयत खराब हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिका के अनुसार जब बच्चे की तबीयत खराब हुई, तो उसने एक बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह ली और जब उसे बताया गया कि %ओआरएसएल% %ओआरएस% एक नहीं है। इतना ही नहीं  और डब्ल्यूएचओ से मान्य नहीं है।


याची ने कहा फार्मा कंपनियां बिक्री को बढ़ावा देने के लिए जानबूझकर अपने अन्य उत्पादों को ओआरएस के रूप में गलतलेबल कर रही है। ओआरएसएल% नाम से बेचे जाने वाले उपरोक्त पेय पदार्थों में से कोई भी डब्ल्यूएचओ द्वारा निर्धारित नए %ओआरएस% फॉर्मूलेशन की संरचना का उपयोग नहीं करता। उन्होंने जनहित में ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed