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चमोली आपदा का असर दिल्ली पर भी, जलापूर्ति होगी प्रभावित, सदुपयोग की सलाह
Mon, 15 Feb 2021 04:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 15 Feb 2021 04:58 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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उत्तराखंड के चमोली जिले में गत दिनों ग्लेशियर टूटने के कारण आई बाढ़ का असर दिल्ली की जलापूर्ति पर भी पड़ेगा। बाढ़ की वजह से गंगा के पानी में अधिक गंदगी बढ़ गई है। इस वजह से दिल्ली के प्रमुख जल शोधन संयंत्रों की क्षमता पर असर पड़ रहा है। जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने रविवार को ट्वीट करते हुए लोगों से पानी का सदुपयोग करने के लिए कहा है।
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चड्ढा ने ट्वीट में कहा कि उत्तराखंड में आई बाढ़ की वजह से गंगा के पानी में गंदगी बढ़ गई है। इस पानी को गंगा कैनाल के जरिए दिल्ली में लेकर पानी की आपूर्ति की जाती है। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि गंदगी की वजह से बाढ़ के पानी में गंदगी का स्तर 8000 नेफ्लोमेट्रिक टर्बिडिटी यूनिट(एनटीयू) तक पहुंच गया है। इस वजह से सोनिया विहार और भागीरथी जल शोधन संयंत्र अपनी क्षमता से कम चल रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि परेशानी को देखते हुए विभिन्न इलाकों में जल टैंकर की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही गंगा के पानी में गंदगी को कम करने के लिए भी लगातार प्रयास जारी हैं। चड्ढा ने ट्वीट में लिखा कि टर्बिडिटी का संबंध पानी की शुद्धता से होता है। इसे नेफ्लोमेट्रिक टर्बिडिटी यूनिट में मापा जाता है। पानी में गंदगी अधिक होने की कई कारण हो सकते हैं। इसमें कचरा, सिल्ट, गाद, पेड़ पौधों के अवशेष, ग्लेशियर का पिघलना, राख, धूल और केमिकल आदि शामिल हैं।
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