दिल्ली कैंट : गुस्साये परिजन और स्थानीय लोग बोले- इंसाफ मिलने के बाद ही लेंगे बिटिया के अवशेष
- नांगल गांव में सातवें दिन भी जारी रहा प्रदर्शन
- पूर्व सांसद महाबल मिश्रा प्रदर्शन में हुए शामिल
विस्तार
दिल्ली कैंट इलाके में नौ वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में सातवें दिन भी प्रदर्शन जारी रहा। परिजनों समेत स्थानीय लोगों ने कहा कि जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा, वह बिटिया के शव के अवशेष नहीं लेंगे। वहीं, दिनभर मंच पर नेताओं का आवागमन लगा रहा। इस दौरान पूर्व सांसद महाबल मिश्रा ने भी पहुंचकर परिवार को इंसाफ देने की मांग की।
करीब एक सप्ताह पूर्व पुराना नांगल गांव में बच्ची की मौत हो गई थी। परिजनों ने दुष्कर्म कर हत्या का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि उसका जबरन अंतिम संस्कार करने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने बीच चिता की आग बुझा दी, जिससे उसके पैर व अन्य हिस्से जलने से बच गए। परिजनों ने कहा कि न्याय मिलने के बाद ही अवशेष लेंगे। मामले को लेकर बीते सात दिन से प्रदर्शनकारी सड़क के एक ओर धरना दे रहे हैं।
शनिवार सुबह तेज बारिश होने से कुछ देर के लिए प्रदर्शनकारी इधर-उधर हुए, लेकिन बारिश थमने पर फिर से प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शनकारियों की भीड़ को देखते हुए दिनभर मौके पर पुलिस के साथ अर्द्धसैनिक बल के जवान भी मुस्तैद रहे। दिन के समय कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़क के एक ओर प्रदर्शन करने की कोशिश की। ऐसे में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर सड़क के एक ओर प्रदर्शन करने के लिए कहा। इस दौरान विभिन्न संगठनों की ओर से महिलाएं भी पहुंची।
बंद रहे श्मशान के दरवाजे
घटना के बाद से श्मशान के दरवाजे शनिवार को भी आम लोगों के लिए बंद रहे। एक दिन पहले ही यहां क्राइम टीम जांच के लिए पहुंची थी। इसलिए श्मशान को आम लोगों के लिए बंद किया गया है। वहीं, आसपास रहने वाले लोग अंतिम संस्कार के लिए कुछ दूरी पर स्थित श्मशान में पहुंच रहे हैं। श्मशान के आसपास अर्द्धसैनिक बल के साथ-साथ पुलिस का कड़ा पहरा है।
क्राइम ब्रांच ने की पुजारी के कमरे की जांच
दिल्ली कैंट के पुराना नांगल गांव में 9 साल की बच्ची की मौत के मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच तेज कर दी है। शनिवार को क्राइम ब्रांच की टीम फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंची और पुजारी राधेश्याम के कमरे की गहन जांच की। टीम ने पुजारी के कमरे से जांच के लिए उसके कुछ सामान जब्त किए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए सामान को जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि टीम मौके से सभी साक्ष्यों को इक्कठा करने के बाद घटना की कडिय़ों को जोडने का प्रयास कर रही है। उनका मानना है कि इस मामले की तह तक पहुंचने में फोरेंसिक जांच अहम होगी। पुलिस फोरेंसिक जांच के लिए स्थानीय टीम के अलावा सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (सीएफएसएल) से भी मदद ले रही है।
पुजारी के कमरे की जांच के दौरान पुलिस ने उसके बिस्तर पर बिछी चादर, तकिए और उसके पहने गए कपड़े को जब्त कर लिया है। घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने इलेक्ट्रिशियन से वाटर कूलर का मुआयना कराया था। जिसमें शार्ट सर्किट होने की जानकारी मिली थी। वाटर कूलर मशीन को पहले ही जांच के लिए भेजा गया है। क्राइम ब्रांच उसके रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोमवार को पुलिस इस मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ कर सकती है। पुजारी से पूछताछ सबसे अहम है। बच्ची की मौत के बाद पुजारी ने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी। इसके पीछे पुजारी का मकसद क्या था। इसके बारे में पुजारी से पूछताछ की जाएगी। बच्ची की मां ने पुलिस व कोर्ट में दिए बयान में बताया था कि पुजारी ने उसे पुलिस को सूचना देने से मना किया और कहा कि पोस्टमार्टम में बच्ची के अंगों की चोरी हो सकती है।