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दिल्ली : मेरठ में 'धागे वाला बाबा' बना बैठा था ठगी का आरोपी
Tue, 06 Jul 2021 06:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 06 Jul 2021 06:13 AM IST
सार
- द्वारका साउथ थाना पुलिस ने ठगी के मामले में मेरठ से किया गिरफ्तार
- नौकरी दिलाने के एवज में पांच लोगों ने ठग लिए थे 18 लाख रुपये
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गिरफ्त में आरोपी..
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट में ड्राइवर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाला आरोपी मेरठ में धागा वाला बाबा बन गया। वह वहां के लोगों से जादू टोना के नाम पर ठगी कर रहा था। इस बात का खुलासा उस समय हुआ जब द्वारका साउथ थाना पुलिस ठगी के एक मामले में आरोपी को गिरफ्तार करने मेरठ पहुंची। आरोपी ने अपना गुनाह कबूल किया है। पुलिस उसके निशानदेही पर एक मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसमें पीड़ितों को दिए गए नियुक्ति पत्र का प्रारूप और दिल्ली हाईकोर्ट और जिला अदालतों से संबंधित पत्र और आदेशों के प्रारूप मिले हैं।
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द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त संतोष कुमार मीणा ने बताया कि द्वारका पुलिस को दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच से एक पत्र मिला। जिसमें बताया गया कि महावीर विहार में रहने वाले रविंदर का पुलिस सत्यापन का आवेदन किया गया है जिसमें जाली हस्ताक्षर और दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार का नकली स्टाम्प का इस्तेमाल किया गया है।
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द्वारका साउथ थाने की पुलिस ने मामले की जांच के दौरान रविंदर सिंह से पूछताछ की। जिसने बताया कि फरवरी 2020 में इलाके में रहने वाला रक्षित गौतम ने दिल्ली हाईकोर्ट में ड्राइवर की नौकरी दिलाने के नाम पर उससे पांच लाख रुपये ठग लिए थे। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने जिला अदालतों में नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपये लेकर कहीं फरार हो गया है।
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पुलिस ने पीड़ितों से रक्षित गौतम के बारे में जानकारी हासिल कर उसके करीब 18 मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगाया। जिसके जरिए पुलिस को पता चला कि आरोपी शिवपुरम कालोनी मेरठ यूपी में मौजूद हैं। एसआई अनुज के नेतृत्व में पुलिस टीम मेरठ रवाना हो गई। पुलिस खुद को सर्वेयर बताकर कालोनी में रक्षित गौतम के बारे में जानकारी हासिल करने लगी। पुलिस स्थानीय लोगों को आरोपी का फोटो दिखाया। उसके बाद पुलिस यह सुनकर दंग रह गई कि ठगी करने वाला रक्षित गौतम यहां धागे वाला बाबा के नाम से प्रसिद्ध है। लोग उसके नाम सम्मान करते हैं। पुलिस रक्षित गौतम के किराए के मकान पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
ठगी की रकम को सट्टा खेलकर कर चुका है खत्म
पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह गरीब और जरूरतमंद लोगों को दिल्ली हाईकोर्ट और अन्य न्यायालय में नौकरी का झांसा देकर ठगता था। वह भर्ती और पुलिस सत्यापन की सभी प्रक्रियाओं से अच्छी तरह से वाकिफ था। उसने बताया कि उसने ठगी की रकम को सट्टा खेलने पर खर्च कर दिया। इसके अलावा उसके मेडिकल बिलों में पैसे खर्च हो गए। उसने बताया कि दिल्ली के उत्तम नगर के विश्वास पार्क में अपने घर के पास खाली प्लॉट में जाली मुहरें और फर्जी दस्तावेज फेंककर फरार हो गया था। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बरामद मोबाइल फोन डाटा को खंगाला। जिसमें जिला अदालतों के नियुक्ति पत्र का प्रारूप मिला।
तिहाड़ जेल में दस्तावेजों की जालसाजी सीखी
पूछताछ में रक्षित गौतम ने बताया कि वर्ष 2005 में आनंद पर्वत के एक फर्जीवाड़ा के मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेजा था। जहां उसने जेल में बंद सतीश से दस्तावेजों की जालसाजी सीखी। उसके खिलाफ दिल्ली में फर्जीवाड़ा के तीन मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि रक्षित दिल्ली विश्वविद्यालय के मोती लाल नेहरु कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई की है। उसकी दो पत्नी है। मेरठ जाने के बाद उसने खुद को जादू टोना का विशेषज्ञ बताकर लोगों से ठगी करने लगा।