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दिल्ली में हर दिन मिला टीबी के साथ कोरोना का एक मरीज मिला, जांच में देरी है घातक

Fri, 22 Jan 2021 04:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली 
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली  Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 22 Jan 2021 04:46 AM IST
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Delhi news: A corona patient with TB was found every day in capital
डॉ. रणदीप गुलेरिया, निदेशक, दिल्ली एम्स - फोटो : Amar Ujala

कोरोना वायरस के साथ-साथ टीबी का संक्रमण भी अपना दायरा बढ़ा रहा है। एक ही मरीज में टीबी और कोरोना दोनों तरह का संक्रमण मिल रहा है। स्थिति ये है कि दिल्ली में हर दिन एक ऐसा मरीज मिल चुका है। पिछले 15 दिसंबर से अब तक 30 मरीज सामने आए हैं। 

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इन मरीजों की पहचान भी दो तरह से सामने आ रही है। एक वह जो टीबी का उपचार कराने के लिए केंद्र पर पहुंच रहे हैं और यहां कोविड-19 की जांच में वह संक्रमित पाए गए। वहीं दूसरे वह जो कोविड का उपचार कराने के लिए गैर टीबी केंद्र पहुंचे, लेकिन यहां फेफड़ों के सीटी स्कैन इत्यादि से टीबी संक्रमण की पुष्टि हुई। 
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कोविड के मरीजों में टीबी का पता लगाना भी डॉक्टरों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। इन मरीजों की ब्रोंकोस्कॉपी करना भी कठिन है, इसलिए डॉक्टरों का कहना है कि घर बैठे कोविड के खौफ के कारण जान को जोखिम में नहीं डालें। खांसी, बुखार के अलावा भी दिक्कत है, तो जांच कराने जरूर आगे आएं।
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शालीमार बाग निवासी 43 वर्षीय शशिकांत अग्रवाल घर में बुखार से ग्रस्त थे। लंबे समय तक वह इम्यूनिटी बूस्टर यह सोचकर लेते रहे कि कहीं उन्हें कोरोना तो नहीं है, लेकिन जब उन्होंने निजी अस्पताल में जांच कराई तो यहां कोरोना संक्रमित मिले, लेकिन जब फेफड़ों की जांच की गई तो 70 फीसदी तक संक्रमण टीबी का पाया गया। 

ठीक इसी तरह सरिता विहार निवासी मोहम्मद अहमद ने बताया कि अभी उनका टीबी का उपचार चल रहा है। नेहरू नगर स्थित टीबी केंद्र पर उन्होंने अपनी जांच कराई थी तो वह संक्रमित पाए गए, लेकिन इस दौरान उन्हें कोविड संक्रमण की पुष्टि भी हुई। हालांकि उनमें लक्षण नहीं थे, इसलिए ठीक होने में बहुत ज्यादा समय नहीं लगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन केंद्रीय तपेदिक शाखा (सीटीडी) के अनुसार, टीबी और कोरोना से जुड़ी चुनौतियों के कारण ही बीते वर्ष सितंबर में दिशा निर्देश जारी करते हुए कोविड के साथ टीबी की जांच करने की सलाह दी गई थी। आंकड़ों पर गौर करें तो दिसंबर 2020 तक देश में साढ़े तीन लाख से भी अधिक कोविड मरीजों की टीबी जांच की गई है जिनमें से करीब चार हजार संक्रमित पाए गए हैं। 

ठीक इसी तरह दिल्ली में अक्तूबर 2020 से अब तक करीब 15 हजार मरीजों की जांच में 300 से अधिक संक्रमित मिले हैं। टीबी राज्य अधिकारी डॉ. अश्विनी खन्ना के अनुसार, कोरोना के कारण टीबी रोगियों में खतरा करीब दोगुना अधिक होता है। ऐसे में इनकी समय पर जांच बेहद जरूरी है। अपोलो, फोर्टिस, मैक्स, महाराजा अग्रसेन, आकाश, मेट्रो के अलावा दिल्ली एम्स, सफदरजंग, आरएमएल, लोकनायक और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में ऐसे केस रिपोर्ट हुए हैं। दिल्ली में 26 टीबी केंद्र हैं जिनमें से 18 में कम से कम एक मरीज अब तक मिल चुका है।

फेफड़ों पर वार करते हैं विषाणु
राज्यों को भेजे गए दिशा निर्देश में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि संक्रामक रोग टीबी और कोविड-19 के विषाणु फेफड़ों पर वार करते हैं। खांसी, बुखार और कफ जैसे लक्षण दोनों में ही मिलते हैं और टीबी का संक्रमण धीरे-धीरे पता चलता है। विभिन्न अध्ययनों में पता चला है कि कोरोना मरीजों में टीबी का प्रसार 0.37 से 4.47 फीसदी तक पाया गया है। कोरोना महामारी की वजह से जनवरी से जून 2020 के बीच 26 फीसदी टीबी मरीजों की पहचान कम हो पाई है। इसके अलावा टीबी रोगियों में सह बीमारियां भी मिलती हैं, इसलिए आईएलआई (इन्फ्लूएंजा), सारी (गंभीर श्वसन रोग) और कोरोना मरीजों के लिए टीबी की जांच को भी शामिल किया गया।


क्या कहते हैं विशेषज्ञ
शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल के पल्मोनरी विभाग के निदेशक डॉ. विकास मौर्या ने बताया कि कोविड मरीजों में टीबी का संक्रमण भी मिल रहा है लेकिन यह स्थिति बेहद कम है। अब तक उनके यहां छह मरीज ऐसे सामने आ चुके हैं। हालांकि यह स्थिति काफी चिंताजनक है, क्योंकि फेफड़ों में संक्रमण का स्तर देखने के बाद ही आगे का उपचार किया जाता है। उनके यहां आए सभी मरीजों के फेफड़ों में 60 से 70 फीसदी हिस्सा टीबी संक्रमण ने जकड़ा हुआ था। किसी के संपर्क में आने से यह कोविड हुए। वहीं दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि इस तरह के मामले सामने जरूर आ रहे हैं। लोगों को लगता है कि उन्हें कोरोना की वजह से यह सब हो रहा है और वह अस्पताल आने में भी डरते हैं लेकिन जांच में टीबी का पता चलने के बाद उन्हें अपनी देरी का एहसास होता है।

एक नजर

  • 86620 टीबी के मरीज मिले दिल्ली में वर्ष 2020 में
  • 3725 टीबी के मरीज मिले 20 दिन में इस साल
  • 300 मरीजों में टीबी और कोरोना मिला दिल्ली में अब तक
  • 40 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों में मिल रहा टीबी संग कोरोना
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