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Delhi Air Pollution: उपायों को मिलेगी धार तो वायु गुणवत्ता में होगा सुधार, बहुत खराब श्रेणी में पहुंची दिल्ली-एनसीआर की हवा

Fri, 03 Jun 2022 05:58 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Fri, 03 Jun 2022 05:58 AM IST
सार

दिल्ली की हवा लगातार खराब होती जा रही है। बीते 10 दिनों में एक्यूआइ का स्तर औसत श्रेणी से खराब व बहुत खराब श्रेणी तक पहुंचा है। बीती 24 मई को दिल्ली का एक्यूआइ 89 था, जो कि माह के पहले दिन 322 के आंकड़े के साथ बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया।  दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए सही से उपाय किए जाने की जरूरत है। 

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Delhi NCRs air reached very poor category
वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस वक्त पड़ोसी राज्यों में पराली भी नहीं जल रही है, न ही मौसमी दशाएं खराब हैं। फिर भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है। ऐसा सिर्फ इसी वक्त नहीं, हर मौसम में दिल्ली की हवा दमघोंटू बनी रहती है। इसके लिए दिल्ली की भौगोलिक स्थिति के साथ मानवीय गतिविधियां भी जिम्मेदार हैं। हालांकि, इसके नियंत्रण के लिए उपाय भी मौजूद हैं। जरूरत है उपायों को ठीक तरह से अमलीजामा पहनाने की।

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दरअसल, दिल्ली चारों तरफ से अपने पड़ोसी राज्यों से घिरा हुआ है। इस वजह से यहां लैंडलॉक्ड की स्थिति बन जाती है। नतीजतन यहां का प्रदूषण कई बाहर निकल नहीं पाता और पड़ोसी राज्यों का प्रदूषण पूरे साल दिल्ली की हवा को दमघोंटू बनाता है। वहीं, रही सही कसर यहां वाहनों से होना वाला प्रदूषण, उड़ने वाली धूल व खुले में जलने वाला कचरा पूरी कर देता है।
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विश्व वायु गुणवत्ता 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, वार्षिक पीएम 2.5 के स्तर के आधार पर दिल्ली 107 राजधानी शहरों में सबसे प्रदूषित रही थी। यही नहीं, लगातार चौथी बार दिल्ली सबसे प्रदूषित राजधानी रही है। साल 2020 में 92, 2019 में 85 व 2018 में 62 सबसे प्रदूषित शहरों में भी दिल्ली पहले पायदान पर थी। स्विस वायु गुणवत्ता तकनीकी कंपनी की रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली में साल 2021 में पीएम 2.5 के स्तर में 14.6 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। इस साल 96.4 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर दर्ज किया गया था, जबकि 2020 में यह 84 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रिकॉर्ड किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि पीएम 2.5 के मुख्य स्त्रोत निर्माण, इंजन से निकलने वाला धुआं, स्थानीय स्तर पर लकड़ी व कोयले का जलना शामिल है। वहीं, प्राकृतिक तौर पर उड़ने वाले धूल भी पीएम 2.5 तत्व के लिए जिम्मेदार है।
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चार शहरी वनों से दिल्ली को मिलेंगी सांसें
राजधानी में वर्तमान में 17 शहरी वन बनाए गए हैं, जो कि तीन हजार से अधिक एकड़ में फैले में हुए हैं। वहीं, सरकार ने भी हाल ही में चार शहरी वनों को विश्वस्तरीय बनाने की घोषणा की है। इसमें मित्राऊं गांव शहरी वन (98 एकड़), अलीपुर शहरी वन (48 एकड़), गढ़ी मांडू शहरी वन (42 एकड़) व जौनापुर शहरी वन (98 एकड़) शामिल हैं। यहां हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ जंगल वॉक, मेडिटेशन हट समेत अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। सरकार का उद्देश्य इन पार्कों को पारिस्थितिक रूप से वैश्विक स्तर का तैयार करना है, जिससे लोगों को यहां पर्यावरणीय, आर्थिक व सामाजिक लाभ मिल सके। शहरों वनों को तैयार से दिल्ली में हरियाली का क्षेत्र भी बढ़ेगा वहीं, इसके लिए लोगों से बातचीत करने के साथ उनका सहयोग भी लिया जाएगा।


प्रदूषण की रोकथाम के लिए इन उपायों को अपनाया जा रहा
दिल्ली में प्रदूषण की रोकथाम के लिए दिल्ली सरकार ने शीतकालीन कार्ययोजना की तर्ज पर ग्रीष्मकालीन कार्य योजना तैयारी की थी। इसके तहत खुले में कचरा जलाने, मलबा डालने, सड़क किनारे धूल नियंत्रण, लैंडफिल साइटों पर आग को रोकने, जलाशयों का कायाकल्प, पार्कों की निगरानी, ईको-वेस्ट पार्क का विकास, शहरी खेती, एकल उपयोग प्लास्टिक को चरणबद्ध तरीके से रोकने के प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया गया था। पर्यावरण विशेषज्ञ कहते हैं कि इन उपायों के ठीक तरह से पालन नहीं होने पर ही दिल्ली की वायु गुणवत्ता बिगड़ी हुई है। यदि इन उपायों को ठीक तरह से अमलीजामा पहनाया जाए तो दिल्ली के प्रदूषण का काफी हद तक कम किया जा सकता है।

बीते 10 दिनों में बहुत खराब श्रेणी तक पहुंची दिल्ली-एनसीआर की हवा
मौसमी स्थितियां प्रतिकूल होने के बावजूद भी दिल्ली की वायु गुणत्ता बिगड़ी हुई है। इस कड़ी में बीते 10 दिनों में एक्यूआइ का स्तर औसत श्रेणी से खराब व बहुत खराब श्रेणी तक पहुंचा है। बीती 24 मई को दिल्ली का एक्यूआइ 89 था, जो कि माह के पहले दिन 322 के आंकड़े के साथ बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया। हालांकि, बृहस्पतिवार को दिल्ली का एक्यूआइ हल्का सुधरकर 202 दर्ज किया गया।

दिल्ली में पीएम 2.5 के स्त्रोत से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी
वाहन-41 फीसदी
उद्योग-18.6 फीसदी
ऊर्जा- 4.9 फीसदी
जैव-ईंधन- 03 फीसदी
धूल- 21.5 फीसदी
अन्य- 11 फीसदी

बीते 10 दिनों में दिल्ली का एक्यूआई
दो जून- 202
एक जून- 322
31 मई- 215
30 मई- 201
29 मई- 273
28 मई- 210
27 मई- 206
26 मई- 199
25 मई- 166
24 मई- 89

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