प्रदूषण: जहरीली धुंध की चादर में लिपटा दिल्ली-एनसीआर, पढ़ें किन इलाकों में आपात स्थिति में पहुंचा एक्यूआई
शून्य से 50 के बीच के एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 के बीच को मध्यम, 201 से 300 के बीच को खराब, 301 से 400 के बीच को बहुत खराब और 401 से 500 के बीच को गंभीर श्रेणी में माना जाता है।
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विस्तार
दिवाली के बाद पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शुक्रवार सुबह हवा का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। दिल्ली सरकार, एनजीटी द्वारा पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद दिवाली पर जमकर आतिशबाजी हुई। सफर के मुताबिक, दिल्ली की समग्र वायु गुणवत्ता शाम 03:07 बजे 531 एक्यूआई के साथ गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई।
दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दिवाली पर खूब पटाखे जलाए जाने के बाद शुक्रवार को सुबह घने कोहरे की मोटी परत छायी रही, जिसके कारण कई हिस्सों में निवासियों को गले में जलन और आंखों में पानी आने की दिक्कतों से जूझना पड़ा। प्राधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को पराली जलाए जाने से उठने वाले धुएं के कारण हालात और बिगड़ सकते हैं। इस बीच दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख क्षेत्रों में शुक्रवार दोपहर 12 बजे निम्न एक्यूआई दर्ज किया गया।
क्षेत्र एक्यूआई
दिल्ली
चांदनी चौक 402
जहांगीरपुरी 487
जेएलएन स्टेडियम 473
लोधी रोड 470
ध्यानचंद स्टेडियम 439
मुंडका 483
नजफगढ़ 464
रोहिणी 486
आनंद विहार 461
आया नगर 459
बवाना 480
बुराड़ी क्रॉसिंग 440
नोएडा
सेक्टर 62 446
सेक्टर 1 477
गाजियाबाद
इंदिरापुरम 455
वसुंधरा 460
गुरुग्राम
विकास सदन 466
सेक्टर 51 490
मानेसर 452
फरीदाबाद
सेक्टर 11 473
सेक्टर 16ए 472
क्या है वायु गुणवत्ता का मानक
शून्य से 50 के बीच के एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 के बीच को मध्यम, 201 से 300 के बीच को खराब, 301 से 400 के बीच को बहुत खराब और 401 से 500 के बीच को गंभीर श्रेणी में माना जाता है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले महीन कण यानी पीएम 2.5 की 24 घंटे की औसत सांद्रता बढ़कर शुक्रवार को सुबह नौ बजे 410 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर हो गयी जो 60 माइकोग्राम प्रति घन मीटर की सुरक्षित दर से करीब सात गुना अधिक है। गुरुवार शाम छह बजे इसकी औसत सांद्रता 243 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर थी।
आपात स्थिति में पहुंची वायु गुणवत्ता
ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (जीआरएपी) के अनुसार, अगर पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर 48 घंटों या उससे अधिक समय तक क्रमश: 300 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और 500 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक रहता है तो वायु गुणवत्ता ‘आपात’ श्रेणी में मानी जाती है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के वरिष्ठ वैज्ञानिक आर के जीनामणि ने कहा, ‘दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार को सुबह घना कोहरा छाने के कारण इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और सफदरजंग हवाई अड्डे पर सुबह साढ़े पांच बजे दृश्यता कम होकर 200 से 500 मीटर के दायरे तक रह गई। शहर के कई हिस्सों में दृश्यता कम होकर 200 मीटर तक रह गई।’
लोगों हो रही गले और आंख में जलन
राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों और उसके उपनगरों में लोगों ने सुबह सिर में दर्द, गले में जलन और आंखों में पानी आने की शिकायतें की। चिंतित नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर आतिशबाजी की तस्वीरें और वीडियो साझा किए और पटाखों पर प्रतिबंध को ‘मजाक’ बताया।
14 जिलों में रोक के बावजूद खूब जले पटाखे
हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अपने 14 जिलों में सभी तरह के पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगायी हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मध्यम या बेहतर वायु गुणवत्ता वाले इलाकों में दो घंटों के लिए दिवाली पर हरित पटाखों के इस्तेमाल की मंजूरी दी थी। विशेषज्ञों ने बताया कि हवा न चलने, कम तापमान और पटाखों से होने वाले जहरीले उत्सर्जन, पराली जलाने और स्थानीय स्रोतों के कारण वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गयी।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान एजेंसी ‘सफर’ ने बताया कि दिल्ली में पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण का हिस्सा बढ़कर बृहस्पतिवार को 25 प्रतिशत पर पहुंच गया और इसके शुक्रवार तक 35 प्रतिशत तथा शनिवार तक 40 प्रतिशत पर पहुंचने की संभावना है।
रविवार सुबह के बाद सुधरेंगे हालात
केंद्र सरकार के सफर के मुताबिक, वायु गुणवत्ता रविवार सुबह (सात नवंबर) तक नहीं सुधरेगी। तब भी गुणवत्ता में सुधार होकर बहुत खराब स्तर में पहुंचेगा। पूरी दिल्ली का एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी के ऊपरी स्तर पर रहा और लगातार बिगड़ रहा है, जिससे यह बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में जा सकता है। सात नवंबर की सुबह राहत मिलेगी और उसमें भी एक्यूआई बहुत खराब स्तर पर पहुंचेगा।