फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi Mundka Fire: Even after four days there is no concrete action against those responsible, just three suspensions and some challans

Delhi Mundka Fire : चार दिन बाद भी जिम्मेदार लोगों पर ठोस कार्रवाई नहीं, बस हुए तीन निलंबन और कुछ चालान 

Wed, 18 May 2022 05:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 18 May 2022 05:11 AM IST
सार

नगर निगम के तीन अधिकारियों को निलंबित भी किया गया है। वहीं कल तक कुछ इकाइयों के चालान भी किए गए। इनमें से किसी के पास फायर एनओसी नहीं थी तो किसी के पास कोई अन्य कागज नहीं मिला। अलबत्ता मुंडका कांड के बाद निगम अधिकारियों को अवैध चल रही फैक्टरियां दिखने लगी हैं। 

विज्ञापन
Delhi Mundka Fire: Even after four days there is no concrete action against those responsible, just three suspensions and some challans
संजय गांधी अस्पताल में अपनी बहन निशा को रोज तलाशने आती है सुमन... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विज्ञापन






मुंडका अग्निकांड के आरोप में अभी तक इमारक के मालिक मनीष लाकड़ा और वहां सीसीटीवी कैमरों व राउटर की कंपनी के संचालक हरीश और वरुण को गिरफ्तार किया गया है। नगर निगम के तीन अधिकारियों को निलंबित भी किया गया है। वहीं कल तक कुछ इकाइयों के चालान भी किए गए। इनमें से किसी के पास फायर एनओसी नहीं थी तो किसी के पास कोई अन्य कागज नहीं मिला। अलबत्ता मुंडका कांड के बाद निगम अधिकारियों को अवैध चल रही फैक्टरियां दिखने लगी हैं। 

पूर्वी दिल्ली में बिना लाइसेंस की नौ फैक्टरियों का चालान
पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने बिना लाइसेंस या फायर एनओसी के चल रही फैक्ट्रियों का सर्वे कराया। इनमें से नौ फैक्ट्ररियां बिना लाइसेंस के चलती मिली हैं, जिनके विरूद्ध कार्रवाई करते हुए चालान जारी किए गए हैं।
विज्ञापन


इमारतों में आग लगने की अप्रिय घटनाओं को रोकने और जरूरी सुरक्षा उपायो को लेकर पूर्वी दिल्ली नगर निगम सतर्क हो गया है। पूर्वी दिल्ली नगर निगम के अपर आयुक्त डॉ ब्रजेश सिंह का कहना है कि लाइसेंस व सुरक्षा नियमों के अनुपालन की जांच के लिए निगम अधिकारियों की सात टीमों को सर्वे में लगाया गया है। निगम द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों व नॉन कंफर्मिंग क्षेत्र में फैक्टरियों के लाइसेंस का सर्वे किया जा रहा है। ऐसे में 138 फैक्टरियों का सर्वे किया गया। इनमें से नौ फैक्ट्ररियों बिना लाइसेंस के चलती मिली हैं, जिनके विरूद्ध कार्रवाई करते हुए चालान जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अपर आयुक्त ने कहा है कि सर्वे के दौरान फैक्टरी मालिकों को आग से बचाव करने के लिए आवश्यक कदम उठाने व निगम से जरूरी लाइसेंस लेने की प्रक्रिया के बारे में अवगत कराया गया है। फैक्टरी मालिकों को नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं और उनसे वैध लाइसेंस समेत अन्य जरूरी मंजूरी लेने व अग्निशमन मानकों का पालन करने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम लाइसेंस व अन्य सुरक्षा मंजूरी को लेकर सख्त है और उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ उचित कार्रवाई जारी रहेगी।  

नरेला में बिना लाइसेंस, फायर एनओसी मिले 44 व्यवसाय
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के दो दिवसीय सर्वे में पता चला है कि नरेला क्षेत्र में 44 व्यवसाय बिना लाइसेंस और फायर एनओसी के चलाए जा रहे हैं। इसी प्रकार से पहाड़गंज और रोहिणी जोन में भी भारी संख्या में बिना लाइसेंस के चलाए जा रहे उद्योगों की जानकारी मिली है।

उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा 16 और 17 मई को नरेला जोन में 44 व्यवसायों का सर्वे किया गया। ये सारे व्यवसाय बिना लाइसेंस और फायर एनओसी के चलते पाए गए हैं। इसी प्रकार से शहरी पहाड़गंज जोन में 222 व्यवसायों का सर्वे किया गया, जिसमें से 44 बिना लाइसेंस और 18 बिना फायर एनओसी के चलते मिले हैं। इसी तरह रोहिणी जोन में 20 औद्योगिक इकाइयां गैर अनुरूप क्षेत्र में बिना फायर एनओसी के चलती पाई गई हैं।


इमारत के मालिक को लेकर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस, सीन रीक्रिएट
मुंडका अग्निकांड में गिरफ्तार मकान मालिक मनीष लाकड़ा को लेकर पुलिस मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंची। करीब दो घंटे तक पुलिस ने यहां छानबीन की और मनीष से यह जानकारी हासिल की कि वह घटनास्थल से जान बचाकर कैसे भागा। पुलिस ने घटनास्थल पर सीन रीक्रिएट किया। इस दौरान पुलिस ने यह जानने की कोशिश की कि इमारत की तीनों मंजिलों पर घटना के दौरान कितने लोग मौजूद थे। छानबीन के दौरान पुलिस की ओर से वीडियोग्राफी की गई। 

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मनीष से अभी तक की पूछताछ में पता चला है कि उसने  कंपनी संचालक हरीश व वरुण को कारोबार करने के लिए चार साल से मकान को किराए पर दे रखा था। वह कंपनी से पूरी इमारत के किराए के तौर पर 1.40 लाख रुपये लेती थी। कंपनी रकम को उसके बैंक खाता में जमा करती थी। मनीष ने बताया कि इमारत के सभी कागजात जल चुके हैं। मौके पर पुलिस ने इमारत पर स्थित उसके घर की भी तलाशी ली। जहां से पुलिस को कुछ दस्तावेज, सोने के गहने और लॉकर के कागजात मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि लॉकर में भी कुछ कागजात हो सकते हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा कि जरुरत पड़ने पर मनीष को पुलिस बैंक भी ले जा सकती है।  

तीनों आरोपियों को आमने सामने बिठाकर करेगी पूछताछ 
इमारत के मालिक मनीष की रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया। पुलिस ने अदालत से तिहाड़ में बंद कंपनी के संचालक हरीश और वरुण के प्रोडक्शन वारंट के लिए अर्जी लगाई। पुलिस ने अदालत को बताया कि नए सबूतों को लेकर मनीष, हरीश और वरुण से पूछताछ करनी है। पुलिस तीनों को आमने सामने बिठाकर पूछताछ करने वाली है। पुलिस की दलील को मानते हुए पुलिस ने तीनों आरोपियों को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। 


पुलिस अधिकारी का कहना है कि कंपनी संचालकों से पुलिस कंपनी के बारे में पूछताछ करेगी। साथ ही उनसे नियमों का उल्लंघन करने को लेकर पूछताछ करेगी। जिला पुलिस उपायुक्त समीर शर्मा ने बताया कि हादसे के बाद से कंपनी संचालकों के पिता लापता हैं। ऐसे में दोनों भाइयों के डीएनए नमूना लेनी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed