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दिल्ली: थोड़ी भी लापरवाही से फिर बढ़ सकता है संक्रमण, मेट्रो में खड़े होकर यात्रा करने वालों पर सख्ती
Wed, 09 Jun 2021 12:24 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 09 Jun 2021 12:24 AM IST
सार
मंगलवार को संवाददाता सर्वेश कुमार ने येलो, ब्लू और रेड लाइन का जायजा लिया। पहले दिन दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी)की ओर से खड़े होकर यात्रा करने वालों पर हुई कार्रवाई का भी असर असर दिखा। पेश है रिपोर्ट
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मेट्रो स्टेशन पर जाने के लिए यात्रियों की लगी लाइन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मेट्रो सेवाएं शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। 50 फीसदी क्षमता और खड़े होकर सफर की इजाजत न होने की वजह सफर के दौरान यात्री खुद को अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पिछले दिनों संक्रमण और मौत के आंकड़े देखने के अधिकतर यात्री पाबंदियों का सख्ती से पालन कर रहे हैं। नियमों के पालन में थोड़ी भी लापरवाही से हालात बिगड़ने का खतरा बढ़ सकता है।
मंगलवार को संवाददाता सर्वेश कुमार ने येलो, ब्लू और रेड लाइन का जायजा लिया। पहले दिन दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन(डीएमआरसी)की ओर से खड़े होकर यात्रा करने वालों पर हुई कार्रवाई का भी असर असर दिखा। पेश है रिपोर्ट:
नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन, 1.00 बजे:
एक कोच में करीब 20 यात्री बैठे थे, लेकिन संख्या में धीरे धीरे बढ़ोतरी होने लगी। ऑफ पीक(कम व्यस्त)समय होने की वजह से सभी सीटों पर यात्री नजर आए। पर्याप्त सीटें होने की वजह से खड़े होकर सफर करने वाला कोई नहीं दिखा। येलो लाइन से उतरने वाले यात्रियों ने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दूसरे परिवहन विकल्पों को अपनाया तो कई यात्री दूसरी लाइनों पर यात्रा के लिए मेट्रो में रवाना हुए।
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कश्मीरी गेट, आईएसबीटी: 1.30 बजे
कश्मीरी गेट पर इंटरचेंज की सुविधा होने की वजह से येलो लाइन से उतरने के बाद अधिकतर यात्रियों ने दूसरी लाइनों पर सफर के लिए मेट्रो में रवाना हुए। इस दौरान एस्कलेटर पर यात्रियों की भीड़ अधिक रही जबकि कुछ यात्री ही एक सीढ़ी छोड़कर खड़े हो रहे थे। संक्रमण से बचाव के लिए मेट्रो के अंदर तो निगरानी रखने के लिए टीमें तैनात की गई हैं, लेकिन स्टेशनों पर अगर कोई यात्री नियमों की अनदेखी कर रहा है तो उनपर नजरें कम रखी जा रही है।
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मंगलवार को संवाददाता सर्वेश कुमार ने येलो, ब्लू और रेड लाइन का जायजा लिया। पहले दिन दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन(डीएमआरसी)की ओर से खड़े होकर यात्रा करने वालों पर हुई कार्रवाई का भी असर असर दिखा। पेश है रिपोर्ट:
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नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन, 1.00 बजे:
एक कोच में करीब 20 यात्री बैठे थे, लेकिन संख्या में धीरे धीरे बढ़ोतरी होने लगी। ऑफ पीक(कम व्यस्त)समय होने की वजह से सभी सीटों पर यात्री नजर आए। पर्याप्त सीटें होने की वजह से खड़े होकर सफर करने वाला कोई नहीं दिखा। येलो लाइन से उतरने वाले यात्रियों ने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दूसरे परिवहन विकल्पों को अपनाया तो कई यात्री दूसरी लाइनों पर यात्रा के लिए मेट्रो में रवाना हुए।
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कश्मीरी गेट, आईएसबीटी: 1.30 बजे
कश्मीरी गेट पर इंटरचेंज की सुविधा होने की वजह से येलो लाइन से उतरने के बाद अधिकतर यात्रियों ने दूसरी लाइनों पर सफर के लिए मेट्रो में रवाना हुए। इस दौरान एस्कलेटर पर यात्रियों की भीड़ अधिक रही जबकि कुछ यात्री ही एक सीढ़ी छोड़कर खड़े हो रहे थे। संक्रमण से बचाव के लिए मेट्रो के अंदर तो निगरानी रखने के लिए टीमें तैनात की गई हैं, लेकिन स्टेशनों पर अगर कोई यात्री नियमों की अनदेखी कर रहा है तो उनपर नजरें कम रखी जा रही है।
नियमों की हुई अनदेखी भी
रेड लाइन पर तीस हजारी, पुल बंगश, प्रताप नगर, शास्त्री नगर, इंद्रलोक, पीतमपुरा, राहिणी से गुजरती हुई मेट्रो रिठाला पहुंची। इस दौरान यात्रियों के उतरने और सवार होने का सिलसिला चलता रहा। सुबह और शाम के वक्त सभी लाइनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ जाने की वजह से नियमों की अनदेखी भी हुई, लेकिन डीएमआरसी की विशेष टीमें मुस्तैद रहीं। जिन्होंने मास्क ठीक से नहीं लगाए थे उन्हें समझाया गया तो खड़े होने वाले यात्रियों को दूसरी मेट्रो में सवार होने को कहा गया ताकि भीड़ की वजह से संक्रमण के प्रसार के प्रसार के खतरे को कम किया जा सके।
कम लगेज के साथ मेट्रो में सफर करें
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और कश्मीरी गेट बस अड्डा से दूसरे शहरों के लिए जाने वालों के साथ सामान भी था। सभी स्टेशनों पर मेट्रो पहले से अधिक रुकने से खासकर बुजुर्गों को राहत मिली है। अभी भी मेट्रो में कुछ लोग अधिक सामान के साथ चल रहे हैं, जिनसे आसपास की सीटों पर बैठने वाले यात्रियों को परेशानियां पेश आ रही हैं। डीएमआरसी का कहना है कि यात्रा के दौरान कम लगेज रखने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं ताकि संक्रमण के प्रसार की आशंका न रहे और यात्रियों को भी सहूलियत हो सके।
हैंड सैनिटाइजर का किया इस्तेमाल
मेट्रो स्टेशनों में प्रवेश से पहले गेट के पास लगे सैनिटाइजर्स के बंद होने की वजह से नई दिल्ली, कश्मीरी गेट, आरके आश्रम सहित अन्य स्टेशनों पर भी हैंड सैनिटाइजर्स से कर्मी स्प्रे करते नजर आए। मेट्रो सेवाएं दोबारा शुरू होने के बाद कुछ स्टेशनों पर मशीनें फिलहाल काम नहीं कर रही हैं, नतीजतन संक्रमण से बचाव के लिए इस तरह की काम चलाया जा रहा है।
कम लगेज के साथ मेट्रो में सफर करें
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और कश्मीरी गेट बस अड्डा से दूसरे शहरों के लिए जाने वालों के साथ सामान भी था। सभी स्टेशनों पर मेट्रो पहले से अधिक रुकने से खासकर बुजुर्गों को राहत मिली है। अभी भी मेट्रो में कुछ लोग अधिक सामान के साथ चल रहे हैं, जिनसे आसपास की सीटों पर बैठने वाले यात्रियों को परेशानियां पेश आ रही हैं। डीएमआरसी का कहना है कि यात्रा के दौरान कम लगेज रखने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं ताकि संक्रमण के प्रसार की आशंका न रहे और यात्रियों को भी सहूलियत हो सके।
हैंड सैनिटाइजर का किया इस्तेमाल
मेट्रो स्टेशनों में प्रवेश से पहले गेट के पास लगे सैनिटाइजर्स के बंद होने की वजह से नई दिल्ली, कश्मीरी गेट, आरके आश्रम सहित अन्य स्टेशनों पर भी हैंड सैनिटाइजर्स से कर्मी स्प्रे करते नजर आए। मेट्रो सेवाएं दोबारा शुरू होने के बाद कुछ स्टेशनों पर मशीनें फिलहाल काम नहीं कर रही हैं, नतीजतन संक्रमण से बचाव के लिए इस तरह की काम चलाया जा रहा है।