दिल्ली: गोरखपुर के होटल में कारोबारी की मौत मामले में सीबीआई को विभिन्न दस्तावेज दाखिल करने का निर्देश, अगली सुनवाई 22 अप्रैल को
राउज एवेन्यू कोर्ट स्थित मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष ने सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की एफएसएल रिपोर्ट, एसआइटी और स्थानीय पुलिस की जांच रिपोर्ट रिकार्ड पर न होने का मुद्दा उठाया।
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अदालत ने गोरखपुर में कानपुर के एक कारोबारी की पीट-पीट कर हत्या के मामले में सीबीआई को घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की एफएसएल रिपोर्ट के साथ साथ एसआइटी और स्थानीय पुलिस की जांच रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा अदालत ने सीबीआई को मामले में पूरक आरोप पत्र भी दायर करने का निर्देश दिया है।
राउज एवेन्यू कोर्ट स्थित मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष ने सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की एफएसएल रिपोर्ट, एसआइटी और स्थानीय पुलिस की जांच रिपोर्ट रिकार्ड पर न होने का मुद्दा उठाया। वहीं जांच एजेंसी ने अदालत से पूरक आरोपपत्र दायर करने के लिए 15 दिन का समय प्रदान करने का आग्रह किया।
अदालत ने सीबीआई के आग्रह को स्वीकार कर सभी दस्तावेज दायर करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 22 अप्रैल तय की है। अब आरोपियों के खिलाफ अभियोग तय करने के मुद्दे पर सुनवाई शुरू होगी।
आरोप पत्र दायर कर चुकी सीबीआई
इस मामले में सीबीआई आरोपपत्र दायर कर चुकी है। आरोप पत्र पूर्व एसएचओ या इंस्पेक्टर, तीन पूर्व सब-इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल सहित छह लोगों के खिलाफ धारा 302, 323, 325, 506, 218, 201, 34, 120-बी और 149 के तहत दायर किया गया था। आरोप लगाया गया है कि 27 सितंबर को रामगढ़ ताल निरीक्षक जे. सिंह, फलमंडी पुलिस चौकी के प्रभारी उप निरीक्षक अक्षय मिश्रा और विजय यादव और तीन अन्य पुलिसकर्मी कथित रूप से होटल के कमरे में घुस गए थे, जहां व्यवसायी अपने दोस्तों के साथ रुका हुआ था। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने पीटा, जिसके दौरान व्यवसायी की मौत हो गई।
सीबीआई ने यूपी सरकार की अनुशंसा पर 2 नवंबर, 2021 को मामला दर्ज किया और 29 नवंबर, 2021 को जांच अपने हाथ में ले ली। अदालत ने हाल ही में आरोपी पुलिसकर्मियों थाना प्रभारी जगत नारायण सिंह, दारोगा अक्षय मिश्रा समेत सभी छह आरोपियों को तिहाड़ शिफ्ट करने का निर्देश दिया था। सभी आरोपी पुलिसकर्मी न्यायिक हिरासत में हैं।