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गलती से दूसरे समुदाय का बताकर शव को सऊदी में दफनाया, विदेश मंत्रालय के उपसचिव तलब
Tue, 16 Mar 2021 06:22 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 16 Mar 2021 06:22 PM IST
सार
- विदेश मंत्रालय के उपसचिव तलब, स्पष्ट करे शव को लाने के लिए क्या कदम उठाए गए
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : एएनआई
विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने सऊदी अरब में मुस्लिम रीति रिवाज से दफनाए गए एक हिंदू समुदाय के व्यक्ति के शव को वापस लाने के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय के उप सचिव को तलब कर लिया किया है। अदालत ने उन्हें इस मामले में अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी देने का निर्देश दिया है।
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न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि यह गंभीर मामला है और दुखद भी है। उन्होंने कहा कि काफी समय से इस मामले में कोई भी ठोस जवाब नहीं आया। ऐसे में मामले में किसी वरिष्ठ अधिकारी को पेश होना चाहिए जो इस बाबत उठाए गए कदमों की सही जानकारी दें। अदालत ने मंत्रालय के उप सचिव को तलब कर लिया और उन्हें 18 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने का निर्देश दिया है।
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अदालत ने यह निर्देश मृतक युवक संजीव कुमार की पत्नी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। मृतक की पत्नी अंजू शर्मा ने याचिका दाखिल कर अपने पति के अवशेषों को वापस लाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भारत के कांसुलेट जनरल ने फारसी में लिखें पत्र को गलत ढंग से अनुवाद कर दिया जिस वजह से उसके पति को सऊदी अरबिया में मुस्लिम रीति रिवाज से दफना दिया गया। वह अपने पति को वापस लाना चाहती है जिससे उनका अंतिम संस्कार हिंदू रीति रिवाज से किया जा सके।
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संजीव की मौत हृदय गति रुक जाने से 24 जनवरी को हो गई थी। याचिका में कहा गया है कि उसके पति की मौत सऊदी अरब में डायबिटीज, हाईपरटेंशन और हार्ट अटैक से होने के बाद उनके शव को एक अस्पताल में रखा गया। उसने अपने पति का शव भारत लाने के लिए जब सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं तब उसे पता चलता है कि शव कब्र में दफना दिया गया है।
याचिका में कहा गया है कि भारतीय कंसुलेट ने बताया कि आधिकारिक अनुवादक ने महिला के पति के मृत्यु प्रमाण-पत्र में गलती से मुस्लिम लिख दिया, इस कारण शव को कब्र में दफन कर दिया गया।
वहीं महिला ने जेद्दाह स्थित भारतीय कंसुलेट के अधिकारियों से आग्रह किया कि वे महिला के पति की अस्थियां कब्र से बाहर निकालें, लेकिन सात हफ्ते बीत जाने के बावजूद अभी तक महिला के पति की अस्थियां नहीं मिली हैं है। इसलिए सरकार एवं विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया जाए कि वह उसके पति के शव के अवशेषों को वापस भारत लाए।