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ट्विटर इंक को फटकार: सूचना प्रौद्योगिकी नियम का अनुपालन न करने पर हाईकोर्ट सख्त, कहा-पालन करना ही होगा
Tue, 06 Jul 2021 06:39 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 06 Jul 2021 06:39 PM IST
सार
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने ट्विटर को आड़े हाथों लेते हुए जब तक वह नियमों का पालन नहीं करते उन्हें किसी भी प्रकार की सुरक्षा प्रदान नहीं की जा सकती। ट्विटर की और से पेश वरिष्ठ वकील ने तर्क रखा कि उन्हें पक्ष रखने के लिए समय प्रदान किया जाए ताकि वे अपने मुवक्किल से दिशा निर्देश ले सके क्योंकि ट्विटर का कार्यालय सैन फ्रांसिस्को में है। अदालत ने मामले की सुनवाई 8 जुलाई तय कर दी।
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delhi high court
- फोटो : PTI
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विस्तार
हाईकोर्ट ने सूचना प्रौद्योगिकी नियम का अनुपालन न करने पर सोशल मीडिया दिग्गज ट्विटर इंक को फटकार लगाई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि उसे भारत में व्यापार करना है तो यहां के नियमों का पालन करना ही होगा। अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आपने अभी तक शिकायत अधिकारी की नियुक्ति तक नहीं की।
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने ट्विटर को आड़े हाथों लेते हुए जब तक वह नियमों का पालन नहीं करते उन्हें किसी भी प्रकार की सुरक्षा प्रदान नहीं की जा सकती। ट्विटर की और से पेश वरिष्ठ वकील ने तर्क रखा कि उन्हें पक्ष रखने के लिए समय प्रदान किया जाए ताकि वे अपने मुवक्किल से दिशा निर्देश ले सके क्योंकि ट्विटर का कार्यालय सैन फ्रांसिस्को में है। अदालत ने मामले की सुनवाई 8 जुलाई तय कर दी।
अदालत ने कहा कि आप स्पष्ट जवाब के साथ आओ वरना आप मुश्किल में पड़ जाएंगे। पीठ ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि ट्विटर को लगता है कि वे हमारे देश में जितना चाहें उतना समय ले सकते हैं, तो मैं इसकी अनुमति नहीं दूंगी।
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केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि ट्विटर को नियमों का पालन करने के लिए 3 महीने का समय दिया गया था, लेकिन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा भारत में व्यापार करने के लिए उनका स्वागत है लेकिन उन्हें कानून का पालन करना होगा।
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न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने ट्विटर को आड़े हाथों लेते हुए जब तक वह नियमों का पालन नहीं करते उन्हें किसी भी प्रकार की सुरक्षा प्रदान नहीं की जा सकती। ट्विटर की और से पेश वरिष्ठ वकील ने तर्क रखा कि उन्हें पक्ष रखने के लिए समय प्रदान किया जाए ताकि वे अपने मुवक्किल से दिशा निर्देश ले सके क्योंकि ट्विटर का कार्यालय सैन फ्रांसिस्को में है। अदालत ने मामले की सुनवाई 8 जुलाई तय कर दी।
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अदालत ने कहा कि आप स्पष्ट जवाब के साथ आओ वरना आप मुश्किल में पड़ जाएंगे। पीठ ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि ट्विटर को लगता है कि वे हमारे देश में जितना चाहें उतना समय ले सकते हैं, तो मैं इसकी अनुमति नहीं दूंगी।
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केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि ट्विटर को नियमों का पालन करने के लिए 3 महीने का समय दिया गया था, लेकिन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा भारत में व्यापार करने के लिए उनका स्वागत है लेकिन उन्हें कानून का पालन करना होगा।
अदालत ने कहा तथ्यों से स्पष्ट है कि 31 मई तक ट्विटर ने केवल एक अंतरिम शिकायत अधिकारी नियुक्त किया था। अब कहा गया है कि कंपनी एक शिकायत अधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया में है, लेकिन कब तक उसका कोई जवाब नहीं है।
केंद्र ने कहा कि नियमों का पालन करने के लिए 3 महीने का समय देने के बावजूद सभी महत्वपूर्ण सामाजिक मीडिया को आईटी नियमों का पालन करने के लिए दिया समय 26 मई को समाप्त हो गया है। ट्विटर इंक पूरी तरह से उसका पालन करने में विफल रहा है।केंद्र ने ट्विटर पर जानबूझकर तय नियमों की अवज्ञा करने और भारत के नए आईटी नियमों का पालन करने में विफलता के साथ-साथ आवश्यक अधिकारियों की नियुक्ति करने में असफल रहने का आरोप लगाया है।
इससे पहले हाई कोर्ट ने ट्विटर से कहा था कि यदि उन पर रोक न लगे तो वह डिजिटल मीडिया के लिए नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों का पालन करें।
आईटी के नए नियम इस साल 25 फरवरी से लागू हुए थे और केंद्र ने ट्विटर सहित हर सोशल मीडिया मध्यस्थ को उनका पालन करने के लिए तीन महीने का समय दिया था। तीन महीने की अवधि 25 मई को खत्म हो गई लेकिन कंपनी द्वारा ऐसे किसी अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई।
केंद्र ने कहा कि नियमों का पालन करने के लिए 3 महीने का समय देने के बावजूद सभी महत्वपूर्ण सामाजिक मीडिया को आईटी नियमों का पालन करने के लिए दिया समय 26 मई को समाप्त हो गया है। ट्विटर इंक पूरी तरह से उसका पालन करने में विफल रहा है।केंद्र ने ट्विटर पर जानबूझकर तय नियमों की अवज्ञा करने और भारत के नए आईटी नियमों का पालन करने में विफलता के साथ-साथ आवश्यक अधिकारियों की नियुक्ति करने में असफल रहने का आरोप लगाया है।
इससे पहले हाई कोर्ट ने ट्विटर से कहा था कि यदि उन पर रोक न लगे तो वह डिजिटल मीडिया के लिए नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों का पालन करें।
आईटी के नए नियम इस साल 25 फरवरी से लागू हुए थे और केंद्र ने ट्विटर सहित हर सोशल मीडिया मध्यस्थ को उनका पालन करने के लिए तीन महीने का समय दिया था। तीन महीने की अवधि 25 मई को खत्म हो गई लेकिन कंपनी द्वारा ऐसे किसी अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई।