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दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश: ओमिक्रॉन पॉजिटिव युवक की जीनोम रिपोर्ट दाखिल करे फोर्टिस अस्पताल
Sat, 01 Jan 2022 10:49 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 01 Jan 2022 10:49 AM IST
सार
न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा की अवकाश वाली पीठ ने वसंत कुंज स्थित फोर्टिस अस्पताल को नोटिस जारी कर 18 वर्षीय छात्र का फिर से आरटी-पीसीआर परीक्षण कराने और चार जनवरी तक रोस्टर पीठ के समक्ष रिपोर्ट रखने के लिए कहा है।
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने फोर्टिस अस्पताल को एक युवक का जीनोम जांच रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है। यूके से लौटने के बाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जांच के दौरान युवक संक्रमित पाया गया था, लेकिन जांच रिपोर्ट स्पष्ट नहीं होने के कारण उसे छुट्टी नहीं दी जा रही थी।
न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा की अवकाश वाली पीठ ने वसंत कुंज स्थित फोर्टिस अस्पताल को नोटिस जारी कर 18 वर्षीय छात्र का फिर से आरटी-पीसीआर परीक्षण कराने और चार जनवरी तक रोस्टर पीठ के समक्ष रिपोर्ट रखने के लिए कहा है।
अदालत ने अस्पताल से कहा है कि वह याचिकाकर्ता मरीज की मां, केंद्र और दिल्ली सरकार के साथ भी जीनोम जांच और आरटी-पीसीआर की प्रतियां साझा करे।
अदालत युवक की मां की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने अदालत को बताया था कि उसके बेटे की जीनोम रिपोर्ट की सही स्थिति का पता नहीं चलने के कारण ही उसे अस्पताल से छुट्टी नहीं मिल रही है।
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न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा की अवकाश वाली पीठ ने वसंत कुंज स्थित फोर्टिस अस्पताल को नोटिस जारी कर 18 वर्षीय छात्र का फिर से आरटी-पीसीआर परीक्षण कराने और चार जनवरी तक रोस्टर पीठ के समक्ष रिपोर्ट रखने के लिए कहा है।
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अदालत ने अस्पताल से कहा है कि वह याचिकाकर्ता मरीज की मां, केंद्र और दिल्ली सरकार के साथ भी जीनोम जांच और आरटी-पीसीआर की प्रतियां साझा करे।
अदालत युवक की मां की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने अदालत को बताया था कि उसके बेटे की जीनोम रिपोर्ट की सही स्थिति का पता नहीं चलने के कारण ही उसे अस्पताल से छुट्टी नहीं मिल रही है।
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