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Delhi News: उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन करे दिल्ली सरकार
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उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन करे दिल्ली सरकार
वेतन और बकाया से जुड़ी विभिन्न स्कूल कर्मियों की याचिका पर हाईकोर्ट ने दिया आदेश
कहा, सेंट्रल और जोनल स्तर पर किया जाएगा कमेटी का गठन
नई दिल्ली। हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निजी गैर सहायता प्राप्त स्कूलों और मान्यता प्राप्त निजी गैर सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक स्कूलों के कर्मियों को वेतन और बकाया भुगतान के संबंध में एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति गठित करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति चंद्र धारी सिंह की पीठ ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि यह दुखद स्थिति है कि स्कूलों के कर्मचारी बच्चों की शिक्षा में योगदान देने के बजाय वेतन के भुगतान की मांग कर रहे हैं। अदालत ने आदेश दिया कि सेंट्रल और जोनल स्तर पर कमेटी का गठन किया जाएगा। पीठ ने कहा कि अदालत यह सुनिश्चित करेगी कि न सिर्फ याचिकाकर्ताओं का बकाया उन्हें उचित रूप से भुगतान किया जाए, बल्कि स्कूलों के पास अपने कर्मचारियों को भुगतान करने के लिए आवश्यक धन हो।
समिति को यह सुनिश्चित करने के लिए एक व्यवस्था बनानी चाहिए कि स्कूल के पास अपेक्षित धन न होने के बावजूद कर्मचारियों को उनका बकाया भुगतान किया जाए। समिति को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि स्कूलों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की शिकायतों का भी समाधान किया जा रहा है। अदालत ने कहा कि समिति को इस पहलू पर गौर करना चाहिए कि क्या अवैध रूप से नियुक्त किए गए कर्मचारी छठे और सातवें वेतन आयोग के बकाये के हकदार हैं। अदालत ने यह आदेश दिल्ली के विभिन्न निजी गैर सहायता प्राप्त स्कूलों और मान्यता प्राप्त निजी गैर सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक स्कूलों में काम करने वाले लोगों की दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया। संवाद
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वेतन और बकाया से जुड़ी विभिन्न स्कूल कर्मियों की याचिका पर हाईकोर्ट ने दिया आदेश
कहा, सेंट्रल और जोनल स्तर पर किया जाएगा कमेटी का गठन
नई दिल्ली। हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निजी गैर सहायता प्राप्त स्कूलों और मान्यता प्राप्त निजी गैर सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक स्कूलों के कर्मियों को वेतन और बकाया भुगतान के संबंध में एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति गठित करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति चंद्र धारी सिंह की पीठ ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि यह दुखद स्थिति है कि स्कूलों के कर्मचारी बच्चों की शिक्षा में योगदान देने के बजाय वेतन के भुगतान की मांग कर रहे हैं। अदालत ने आदेश दिया कि सेंट्रल और जोनल स्तर पर कमेटी का गठन किया जाएगा। पीठ ने कहा कि अदालत यह सुनिश्चित करेगी कि न सिर्फ याचिकाकर्ताओं का बकाया उन्हें उचित रूप से भुगतान किया जाए, बल्कि स्कूलों के पास अपने कर्मचारियों को भुगतान करने के लिए आवश्यक धन हो।
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समिति को यह सुनिश्चित करने के लिए एक व्यवस्था बनानी चाहिए कि स्कूल के पास अपेक्षित धन न होने के बावजूद कर्मचारियों को उनका बकाया भुगतान किया जाए। समिति को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि स्कूलों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की शिकायतों का भी समाधान किया जा रहा है। अदालत ने कहा कि समिति को इस पहलू पर गौर करना चाहिए कि क्या अवैध रूप से नियुक्त किए गए कर्मचारी छठे और सातवें वेतन आयोग के बकाये के हकदार हैं। अदालत ने यह आदेश दिल्ली के विभिन्न निजी गैर सहायता प्राप्त स्कूलों और मान्यता प्राप्त निजी गैर सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक स्कूलों में काम करने वाले लोगों की दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया। संवाद
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